भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) देश की सबसे प्रतिष्ठित तकनीकी शिक्षा संस्थानों की श्रृंखला है, जो न केवल भारत में बल्कि विश्व स्तर पर अपनी गुणवत्ता और नवाचार के लिए प्रसिद्ध है।. आईआईटी से स्नातक होना लाखों विद्यार्थियों का सपना होता है, और यह संस्थान न केवल उत्कृष्ट इंजीनियर तैयार करता है, बल्कि वैज्ञानिक, उद्यमी, प्रशासनिक अधिकारी और वैश्विक लीडर भी तैयार करता है.
आईआईटी की शुरुआत स्वतंत्रता के बाद भारत में तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी. पहला आईआईटी 1951 में खड़गपुर (पश्चिम बंगाल) में स्थापित किया गया. इसके बाद क्रमशः मुंबई, मद्रास (अब चेन्नई), कानपुर और दिल्ली में आईआईटी खुले. साल 2025 तक में भारत में कुल 23 आईआईटी संस्थान हैं.
आईआईटी में प्रवेश पाने के लिए छात्रों को संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE Advanced) उत्तीर्ण करनी होती है, जो कि देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है. इसमें लाखों छात्र भाग लेते हैं, परंतु केवल कुछ हजार ही चयनित हो पाते हैं.
आईआईटी में विभिन्न विषयों में स्नातक (B.Tech), परास्नातक (M.Tech, M.Sc), और पीएचडी कार्यक्रम संचालित होते हैं. इनमें प्रमुख विभाग हैं- कंप्यूटर विज्ञान और अभियांत्रिकी, विद्युत अभियांत्रिकी, यांत्रिक अभियांत्रिकी, सिविल इंजीनियरिंग, रसायन विज्ञान, भौतिकी, गणित.
गोवा के डाबोलिम हवाई अड्डे पर सीआईएसएफ ने आईआईटी गोवा की भर्ती परीक्षा में कथित नकल के आरोप में दो लोगों को पकड़ा. उनके सामान से ब्लूटूथ ईयरपीस, सिम कार्ड और प्रवेश पत्र मिले. एक व्यक्ति पर दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने का भी आरोप है. पुलिस ने मामला दर्ज किया है.
मुंबई के पवई इलाके में स्थित प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी बॉम्बे परिसर से एक बेहद दर्दनाक दुर्घटना की खबर सामने आई है. यहाँ परिसर के भीतर चल रहे एक निर्माणाधीन साइट के लेबर कैंप में अचानक गैस सिलेंडर लीक होने की वजह से भीषण आग लग गई. इस अचानक हुए हादसे में वहाँ रह रहे करीब पांच मजदूर बुरी तरह झुलस गए हैं. घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं और राहत कार्य शुरू किया. कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया.
IIT-JEE 2000 में AIR-1 हासिल करने वाले नितिन गुप्ता ने कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई के बाद अमेरिका में बायोइन्फॉर्मेटिक्स, सिस्टम बायोलॉजी और न्यूरोसाइंस पर रिसर्च किया. 2014 में भारत लौटकर उन्होंने IIT कानपुर में रिसर्च शुरू की. उनकी लैब मच्छरों के दिमाग, गंध और व्यवहार के बीच संबंध को समझने पर काम करती है. उनका सफर टेक्नोलॉजी से न्यूरोसाइंस तक असामान्य अकादमिक बदलाव की मिसाल है.
आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में छात्रों के बीच बढ़ते मानसिक तनाव और आत्महत्या के मामलों ने एक गंभीर चिंता पैदा कर दी है. इस महत्वपूर्ण विषय पर बातचीत करने के लिए आईआईटी कानपुर के 'सेंटर फॉर मेंटल हेल्थ एंड वेल-बीइंग' के क्लिनिकल हेड डॉ. आलोक बाजपेयी ने अपने विचार साझा किए हैं. उन्होंने बताया कि आईआईटी कानपुर में लगभग 35-40 वर्षों से काउंसलिंग सेवाएं चल रही हैं. हाल ही में इस सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए इसका नाम बदलकर 'सेंटर फॉर Mental Health and Well-being' किया गया है, जहां 10 क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट और मनोचिकित्सक छात्रों की मदद के लिए मौजूद रहते हैं.
वाराणसी के काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में साइकिल चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है. लंका थाना पुलिस ने गश्त के दौरान तीन आरोपियों को पकड़ा. पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर चोरी की 12 साइकिलें बरामद हुईं. पुलिस के मुताबिक आरोपी कैंची की मदद से साइकिल का ताला तोड़कर खासतौर पर आईआईटी और मेडिकल छात्रों की महंगी साइकिलों को निशाना बनाते थे.
साहिल वाकोडे की मौत की जांच में उसका पैटर्न लॉक वाला iPhone 17 सबसे बड़ी चुनौती बन गया है, क्योंकि पैटर्न किसी को पता नहीं है और मौजूदा फॉरेंसिक टूल नए मॉडल का डेटा नहीं निकाल पा रहे. पुलिस को उम्मीद है कि फोन खुलने पर 18 सितंबर की परीक्षा और उसके बाद के 47 मिनट का राज खुल सकता है, जिसमें साहिल परीक्षा हॉल से निकलकर हॉस्टल तक पहुंचा.
IIT दिल्ली ने छात्रों के मेंटल हेल्थ और प्रेशर कम करने के लिए कई नए नियम लागू किए हैं. अब न सिर्फ 24x7 साइकियाट्रिस्ट सपोर्ट मिलेगा, बल्कि बाहर के इलाज का खर्च भी संस्थान खुद देगा. क्या CGPA की शर्त हटाने और AIIMS के डॉक्टरों की मदद से कैम्पस का खौफनाक तनाव खत्म हो पाएगा? जानिए इस बड़े फैसले की हर एक बारीक डिटेल.
IIT बॉम्बे में छात्र साहिल वाघमोडे के आत्महत्या के बाद से माहौल गरमाया हुआ है. मामले पर IIT दिल्ली फैकल्टी फोरम ने प्रेस रिलीज जारी कर आरोपी प्रोफेसर दुल्ला का समर्थन किया है. इस बीच इस छात्र साहिल वाघमोडे के परीक्षा हॉल का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है. सीसीटीवी फुटेज की जांच से कई अहम जानकारियां सामने आ रही हैं. सीसीटीवी में साहिल और आरोपी प्रोफेसर दुल्ला को देखा जा सकता है. देखें पूरा मामला और ये सीसीटीवी फुटेज.
आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोड़े की आत्महत्या के बहुचर्चित मामले में अब एक अहम सीसीटीवी सामने आया है. 'आज तक ' के हाथ एग्जामिनेशन सेंटर (परीक्षा हॉल) का वो एक्सक्लूसिव सीसीटीवी फुटेज लगा है, जो घटना के ठीक पहले की पूरी कड़ी को बयां कर रहा है.
आईआईटी बॉम्बे छात्र साहिल वाकोड़े की मौत के मामले में परीक्षा केंद्र का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है. फुटेज में साहिल परीक्षा के दौरान मोबाइल इस्तेमाल करते और प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला द्वारा उन्हें हॉल से बाहर ले जाते दिख रहे हैं. आरोप है कि वह प्रश्नपत्र को चैटजीपीटी पर अपलोड करने की कोशिश कर रहे थे. परिवार ने प्रोफेसर पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है.
रैंक से शुरू होकर ब्रांच, GPA और 'अमेरिकन जॉब' पर खत्म होने वाली होड़! IIT मद्रास के पूर्व छात्र ने बयां किया कि कैसे कैंपस में हर साल 'जाति' का रूप बदल जाता था. जब फिजिक्स में फेल होने पर प्रोफेसर ने पूछा कि कंप्यूटर साइंस वाले होकर यहां क्या कर रहे हो? पढ़िए यह खास रिपोर्ट, जो IITs के कॉम्पिटिटिव कल्चर की परतें उधेड़ती है.
आईआईटी में भारी-भरकम कोचिंग लेकर पहुंचने वाले छात्र भी नए और अनोखे सवालों के सामने असहाय महसूस कर रहे हैं. आईआईटी बॉम्बे में छात्र की खुदकुशी के बाद आईआईटी दिल्ली के पूर्व निदेशक प्रो. वी रामगोपाल राव ने बड़ा खुलासा किया है. उनका कहना है कि रटकर आने वाले छात्रों के लिए 'सबको एक ही स्पीड से पढ़ाने' का मॉडल डिप्रेशन की वजह बन रहा है. इस तनाव को खत्म करने के लिए उन्होंने बीटेक को 5 साल का फ्लेक्सिबल कोर्स बनाने का बड़ा सुझाव दिया है.
क्या आईआईटी बॉम्बे के कैंपस में मौत एक आदत बन चुकी है? 20 साल के साहिल वाकोड़े की संदिग्ध मौत के बाद छात्रों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है. 'चार खुदकुशी के बाद भी कब तक चुप रहेगा प्रशासन?' डायरेक्टर के इस्तीफे की मांग और हॉस्टल के गेट पर लगे पोस्टर ने खोली सुरक्षा के दावों की पोल. जानिए क्यों क्राइम ब्रांच को सौंपनी पड़ी इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच!
IIT बॉम्बे कैंपस सुसाइड केस में विवाद थम नहीं रहा है. हर दिन नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं. एक दिन पहले साहिल के पिता ने दोनों प्रोफेसरों के इस्तीफे की मांग उठाई थी. उनके इस बयान के बाद यह मामला और गंभीर होते दिख रहा है. हालांकि, इस मामले की जांच तेजी से चल रही है और एक हफ्ते के अंदर रिपोर्ट देने की बात कही गई है.
देश के 23 IIT संस्थानों में 2020-21 से 2024-25 के बीच 45 छात्रों ने आत्महत्या की, जिनमें से 28 छात्र यानी करीब 62 प्रतिशत SC, ST और OBC वर्ग से थे. सबसे ज्यादा 16 मौतें 2023-24 में हुईं. IIT हैदराबाद में सबसे अधिक सात मौतें दर्ज हुईं, इसके बाद खड़गपुर, दिल्ली और कानपुर में छह-छह मौतें हुईं.
IIT बॉम्बे में एक छात्र की खुदकुशी की दर्दनाक घटना के बाद देशभर के आईआईटी समुदाय में शोक की लहर है. इस दुखद मोड़ पर 23 आईआईटी के पूर्व छात्रों के सबसे बड़े वैश्विक संगठन 'पैन आईआईटी एलुमनाई इंडिया' ने एकजुटता जताते हुए परिसरों में सकारात्मक माहौल बनाने की अपील की है.
IIT में पढ़ने वाले छात्र की मौत के मामले में उसके पिता ने गंभीर आरोप लगाए हैं. पिता का कहना है कि उनका बेटा IIT में पढ़ाई कर रहा था, तभी उन्हें फोन पर उसके सुसाइड की जानकारी दी गई.
आईआईटी बॉम्बे में बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद कैंपस में बवाल जारी है. शुरुआती दिनों में जिस 'जातिगत प्रताड़ना' के आरोप को लेकर छात्र सड़कों पर उतरे थे, अब वही एंगल उनके आधिकारिक बयानों से गायब दिख रहा है. दूसरी तरफ फैकल्टी फोरम ने बड़ा खुलासा करते हुए पलटवार किया है. जानिए इस मामले में कैसे बदल रहे हैं बयानों के सुर और क्या है पूरा सच.
ताजा CCTV फुटेज में साहिल वाकोडे को IIT बॉम्बे के परीक्षा हॉल से बाहर ले जाते हुए दिखाया गया है. फुटेज में परीक्षा के दौरान उनसे पूछताछ भी होती नजर आ रही है. अब अपराध शाखा इस फुटेज के जरिए साहिल की गतिविधियों और उनकी मौत से जुड़े हालात की जांच कर रही है.
IIT बॉम्बे छात्र साहिल रवींद्र वाकोडे की मौत के मामले में संस्थान ने अपने पुराने बयान पर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी है. छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका प्रदर्शन एकेडमिक मिसकंडक्ट को सही ठहराने के लिए नहीं, बल्कि संस्थान में सुधार और जवाबदेही की मांग को लेकर था. वहीं, फैकल्टी फोरम ने स्पष्ट किया कि प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला को निलंबित नहीं किया गया है.
आईआईटी बॉम्बे में लगातार हो रही छात्र सुसाइड की घटनाओं के बीच प्रशासन ने हॉस्टलों में छत वाले पंखे हटाकर वॉल-माउंटेड पंखे लगाने शुरू कर दिए हैं. हालांकि, इस फैसले पर अब सियासत शुरू हो गई है और NCP ने इसे सिस्टम की नाकामी छिपाने वाला बेतुका कदम बताया है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.