हार्ट अटैक (Heart Attack) आमतौर पर तब होता है जब ब्लड क्लॉट हार्ट में ब्लड फ्लो को ब्लॉक यानी रोकता है, बाधा पहुंचाता है. रक्त के बिना, टिशू ऑक्सीजन खो देते हैं, जिसके कारण हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है. हार्ट अटैक के लक्षणों में छाती, गर्दन, पीठ या बाहों में जकड़न या दर्द, साथ ही थकान, चक्कर आना, असामान्य दिल की धड़कन बढ़ जाती है. पुरुषों की तुलना में महिलाओं में असामान्य लक्षण होने की संभावना अधिक होती है.
कोरोनरी आर्टरी रोग अधिकांश दिल के दौरे का कारण बनता है. कोरोनरी आर्टरी रोग में, हृदय (कोरोनरी) धमनियों में से एक या अधिक रुकावट हो जाती हैं. यह आमतौर पर कोलेस्ट्रॉल जमाव के कारण होता है जिसे प्लाक कहा जाता है. प्लाक धमनियों को संकीर्ण यानी काफी छोटा कर सकता है, जिससे हृदय में रक्त का प्रवाह कम हो जाता है. इसके अलावा दिल का दौरा कारण तम्बाकू का उपयोग, उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लिसराइड्स, मोटापा, डायबिटीज, दिल के दौरे का पारिवारिक इतिहास, अनहेल्थी आहार और तनाव हो सकता है.
इसके उपचार में जीवनशैली में बदलाव और Cardiac Rehabilitation से लेकर दवा, स्टेंट और बाईपास सर्जरी तक शामिल हैं. साथ ही स्वस्थ जीवन शैली का पालन करने से भी हार्ट अटैक से बचा जा सकता है.
घर से दूर रहकर पढ़ाई या नौकरी करने वाले युवाओं के लिए चौंकाने वाली खबर है. एक नई स्टडी में दावा किया गया है कि कम उम्र में घर छोड़ना दिल की सेहत पर भारी पड़ सकता है. टीनएजर्स में भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ रहा है, जिसे नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है.
92 साल की सिंगर आशा भोसले को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. बताया जा रहा है कि उन्हें हार्ट अटैक आया है, जिसके चलते उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल यूनिट में फिलहाल आशा का इलाज चल रहा है.
भारत में हार्ट अटैक के बराबर आ रहे ब्रेन स्ट्रोक के केस. दिल को बचाने की जंग में हम दिमाग को भूल रहे हैं. AIIMS ऋषिकेश के न्यूरोसर्जन डॉ. निशांत गोयल के मुताबिक भारत में 'स्ट्रोक' यानी ब्रेन अटैक एक बड़ा संकट बन चुका है, जिसे वे 'साइलेंट क्राइसिस' कहते हैं. हार्ट अटैक और स्ट्रोक के आंकड़ों की तुलना करें तो दोनों ही बीमारियां एक ही रफ्तार से भारतीयों को अपना शिकार बना रही हैं. दोनों ही स्थितियों में रक्त की आपूर्ति रुक जाती है, एक में दिल की नसों में, दूसरे में दिमाग में
दिल की बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए AHA और ACC ने नई कोलेस्ट्रॉल गाइडलाइंस जारी की हैं. अब 9 साल की उम्र से स्क्रीनिंग और LDL लेवल को 55 mg/dL तक लाने पर जोर दिया गया है. जानें कैसे नया प्रिवेंट कैलकुलेटर और बेहतर लाइफस्टाइल आपको हार्ट अटैक से बचा सकते हैं.
रनिंग करना काफी अच्छी कार्डियो एक्सरसाइज है लेकिन क्या आप भी थोड़ा सी देर दौड़ते ही हांफने लगते हैं? अगर उम्र के हिसाब से आपका स्टेमिना कम हो रहा है, तो यह आपकी गिरती फिटनेस का गंभीर संकेत हो सकता है.
महोबा के जिला स्टेडियम में बैडमिंटन खेलते समय 58 वर्षीय सुधीर गुप्ता की अचानक मौत से हड़कंप मच गया. पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें सुधीर शॉट मारने के तुरंत बाद लड़खड़ाकर गिरते नजर आ रहे हैं. अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया.
हार्ट अटैक से बचने के लिए सिर्फ LDL ही नहीं, VLDL कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करना भी जरूरी है. बढ़ा हुआ VLDL धमनियों में प्लाक जमाकर ब्लॉकेज पैदा करता है. जानें कैसे फाइबर युक्त डाइट, ओमेगा-3 और हेल्दी लाइफस्टाइल की मदद से आप इस साइलेंट किलर से अपने दिल को सुरक्षित रख सकते हैं.
आमतौर पर खाना बनाते समय लोग तेलों को मिलाकर इस्तेमाल कर लेते हैं, खासतौर पर सरसों और रिफाइंड तेल मिलाकर खाना बनाते हैं. आइए इस बारे में डॉक्टर से जानते हैं कि क्या तेलों को मिलाकर खाना पकाना सही है या गलत, कौन-सा तेल दिल के मरीजों के लिए सही होता है.
लिवर, किडनी और हार्ट की बीमारियां अब युवाओं को भी शिकार बना रही हैं, हार्ट को हेल्दी रखने के लिए अक्सर ही लोग लो-कार्ब या लो-फैट को लेकर परेशान रहते हैं. लेकिन इस बीच हार्वर्ड की एक नई स्टडी में चौंकाने वाली बात सामने आई है, जिसने इस बहस को ही न्यू टर्न दे दिया है.
8 मिनट का तेज गुस्सा खून की नसों को 1 घंटे तक सख्त कर सकता है. नई रिसर्च में 280 लोगों पर स्टडी से पता चला कि गुस्से से खून की नसें 50% कम फैलती हैं. गुस्से का असर 40 मिनट तक रहता है. इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है. दुख या चिंता से ऐसा नहीं होता. बार-बार गुस्सा होने से दिल को नुकसान पहुंचाता है.
भारत में 31% मौतें हार्ट डिजीज से होती हैं. अक्सर लोग सिर्फ LDL पर ध्यान देते हैं, लेकिन VLDL कोलेस्ट्रॉल भी उतना ही खतरनाक है. इसलिए यह जानना बहुत जरूरी है कि VLDL क्या है, इसकी नॉर्मल रेंज क्या होनी चाहिए और लाइफस्टाइल में छोटे बदलावों से आप इसे कैसे कंट्रोल कर सकते हैं.
झांसी के मैरिज गार्डन में आयोजित शादी समारोह के दौरान 62 वर्षीय हरिमोहन सेन की असामयिक मौत हुई. वह अपनी बहन की बेटी के विवाह में शामिल होने आए थे. स्टेज पर भांजी को आशीर्वाद देने के बाद बहन को साड़ी देने जाते हुए उन्हें अचानक चक्कर आया और वे गिर पड़े. यह पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हो गई. तुरंत परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
गलत डाइट और लाइफस्टाइल की वजह से भारतीय लोगों में हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं. तेल और घी को लेकर भी काफी मिथ लोगों के बीच फैले हुए है, कोई इनको अच्छा बताता है तो कोई दिल के लिए बुरा माना है. ऐसे में डॉक्टर ने बताया कि दिन भर में कितने चम्मच घी या तेल खाना सुरक्षित है.
यूनिवर्सिटी ऑफ बॉन की नई रिसर्च के अनुसार, सिर्फ 2 दिन तक ओटमील डाइट लेने से खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) में 10% तक की गिरावट आ सकती है। यह डाइट मेटाबॉलिक सिंड्रोम से जूझ रहे लोगों के लिए वरदान है, जो न केवल कोलेस्ट्रॉल कम करती है बल्कि वजन घटाने और शुगर लेवल सुधारने में भी मददगार है।
शकरकंद खाने में टेस्टी होने के साथ-साथ हमारी हेल्थ के लिए भी हेल्दी भी होता है. इसे खाने से सेहत को कई फायदे मिलते हैं, लेकिन अगर आप इसे गलत तरीके से खाते हैं. तो आपके शरीर को कई कुछ नहीं मिलता है. इसलिए शकरकंद को सही तरीके से खाना सबसे जरूरी है, आइए जानते हैं इसे खाने का सही तरीका क्या है.
भारत में दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा काफी तेजी से बढ़ रहा है, जिसकी सबसे बड़ी वजह खराब कोलेस्ट्रॉल का अधिक होना है. ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर क्यों भारतीयों में बैड कोलेस्ट्रॉल अधिक क्यों होता है और इसे कैसे कम कर सकते हैं.
आज के समय में फिटनेस फ्रीक लोग हों या फिर नॉर्मल, हर कोई प्रोटीन के पीछे भाग रहा है और हाई प्रोटीन डाइट ले रहा है. ऐसे में कई लोग जरूरत से अधिक प्रोटीन ले लेते हैं और उसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ता है.
कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना इंसान को दिल की बीमारी के करीब ले जाता है, खासतौर पर भारतीयों में तो वैसे ही बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा गुड कोलेस्ट्रॉल से ज्यादा होती है. हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर को खुद से कोसों दूर रखना चाहते हैं तो फौरन अपनी लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव कर लें. डॉक्टर का भी कहना है कि गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने के लिए लाइफस्टाइल में कुछ अहम बदलाव जरूरी है.
साल 2026 की नई अमेरिकी डाइटरी गाइडलाइन्स ने घी, मक्खन और रेड मीट को 'हाई-क्वालिटी प्रोटीन' बताकर सबको चौंका दिया है. जहां नई रिपोर्ट सैचुरेटेड फैट को क्लीन चिट दे रही है, वहीं हार्वर्ड के विशेषज्ञ इसे दिल के लिए खतरनाक मान रहे हैं. जानें रेड मीट और डेयरी की सही मात्रा क्या होनी चाहिए.
भारतीय खाने में तेल का अहम रोल है, लेकिन इसकी अधिकता दिल के लिए खतरनाक हो सकती है. एक स्वस्थ व्यक्ति को महीने में केवल 500-600 मिलीलीटर तेल ही इस्तेमाल करना चाहिए, रिफाइंड के बजाय सरसों का तेल क्यों बेहतर है.
Anil agarwal son Agnivesh Agarwal Death: वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल की कार्डिएक अरेस्ट से मौत हो गई है. न्यूयॉर्क में स्कीइंग के दौरान उनका एक्सिडेंट हुआ था जिसके बाद इलाज के दौरान उन्हें कार्डिएक अरेस्ट आया.