हार्ट अटैक (Heart Attack) आमतौर पर तब होता है जब ब्लड क्लॉट हार्ट में ब्लड फ्लो को ब्लॉक यानी रोकता है, बाधा पहुंचाता है. रक्त के बिना, टिशू ऑक्सीजन खो देते हैं, जिसके कारण हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है. हार्ट अटैक के लक्षणों में छाती, गर्दन, पीठ या बाहों में जकड़न या दर्द, साथ ही थकान, चक्कर आना, असामान्य दिल की धड़कन बढ़ जाती है. पुरुषों की तुलना में महिलाओं में असामान्य लक्षण होने की संभावना अधिक होती है.
कोरोनरी आर्टरी रोग अधिकांश दिल के दौरे का कारण बनता है. कोरोनरी आर्टरी रोग में, हृदय (कोरोनरी) धमनियों में से एक या अधिक रुकावट हो जाती हैं. यह आमतौर पर कोलेस्ट्रॉल जमाव के कारण होता है जिसे प्लाक कहा जाता है. प्लाक धमनियों को संकीर्ण यानी काफी छोटा कर सकता है, जिससे हृदय में रक्त का प्रवाह कम हो जाता है. इसके अलावा दिल का दौरा कारण तम्बाकू का उपयोग, उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लिसराइड्स, मोटापा, डायबिटीज, दिल के दौरे का पारिवारिक इतिहास, अनहेल्थी आहार और तनाव हो सकता है.
इसके उपचार में जीवनशैली में बदलाव और Cardiac Rehabilitation से लेकर दवा, स्टेंट और बाईपास सर्जरी तक शामिल हैं. साथ ही स्वस्थ जीवन शैली का पालन करने से भी हार्ट अटैक से बचा जा सकता है.
HealthWealth Summit 2026 के एक बेहद खास सत्र में देश के जाने-माने कार्डियोलॉजिस्ट और मेडिकल एक्सपर्ट्स ने युवाओं में बढ़ रहे हार्ट अटैक, कोविड के असर, बदलती जीवनशैली और महिलाओं में प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बात की. डॉक्टरों ने साफ किया कि हर बीमारी के लिए सिर्फ कोविड को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है, बल्कि हमारी बदलती लाइफस्टाइल और तनाव इसके असली कारण हैं.
बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल हार्ट अटैक और दिल की बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकता है. डॉक्टरों के मुताबिक, 35 साल से अधिक उम्र वालों को लिपिड प्रोफाइल टेस्ट पर ध्यान देना चाहिए. वीडियो में जानें किन लोगों को जांच करानी चाहिए, कोलेस्ट्रॉल का सामान्य स्तर क्या है और इसे कंट्रोल कैसे रखें.
हार्ट अटैक और अन्य गंभीर बीमारियों का जोखिम कम करने के लिए कोलेस्ट्रॉल का टेस्ट कराना जरूरी है. कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कंट्रोल में रखने के लिए नियमित एक्सरसाइज, संतुलित आहार और फास्ट फूड से बचाव जरूरी है.
कोलेस्ट्रॉल का नॉर्मल होना हार्ट अटैक से सुरक्षा की गारंटी नहीं है. हालांकि इसका लेवल नॉर्मल होना अच्छी बात है, लेकिन इसके अलावा एक और टेस्ट भी है जिसे आपको अपने जीवन में एक बार जरूर करा लेना चाहिए.
‘आलू मत उठाओ, बहुत जल्दी रहती है…’ लखनऊ के महानगर चौराहे के पास सड़क पर तड़पते पति को पत्नी की यह बात कहते सुनकर लोग हैरान रह गए. 60 वर्षीय अनिल बाजार से सब्जी लेकर पत्नी के साथ घर लौट रहे थे, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह सड़क पर गिर पड़े. मौके पर पहुंचे यूपी पुलिस के सिपाही संदीप यादव ने CPR देकर उनकी मदद की.
लखनऊ के महानगर चौराहे पर ड्यूटी पर तैनात सिपाही संदीप यादव ने सूझबूझ दिखाते हुए एक बुजुर्ग की जान बचाने की कोशिश की. बाजार से पत्नी के साथ लौट रहे 60 वर्षीय अनिल अचानक सीने में दर्द होने के बाद सड़क पर गिर पड़े. सिपाही ने तुरंत उन्हें सीपीआर देना शुरू किया. कुछ देर बाद बुजुर्ग के शरीर में हलचल दिखाई दी. इसके बाद उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया.
बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हार्ट अटैक बताई गई है. गोवा के मणिपाल हॉस्पिटल के डॉ. शेखर सालकर ने आजतक. इन से बातचीत में आशंका जताई थी कि नाना को हार्ट अटैक आया था. अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी बात सच निकली है.
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई है. गोवा मेडिकल कॉलेज के एक वरिष्ठ डॉक्टर के मुताबिक, उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई. दिल की मुख्य धमनी में खून का थक्का जमने के कारण उन्हें गंभीर हृदयाघात आया था. 8 अक्टूबर की सुबह तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बचाने की कोशिश की गई, लेकिन डॉक्टर उन्हें नहीं बचा सके. महाराष्ट्र के डोंजे गांव में उनका अंतिम संस्कार हुआ.
नाना पाटेकर के निधन के बाद हार्ट अटैक को लेकर चिंता बढ़ गई है. विशेषज्ञों ने बताया कि हार्ट अटैक केवल नसों में ब्लॉकेज से नहीं होता, बल्कि इसके कई अन्य कारण भी हो सकते हैं. यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कार्डियोलॉजी की गाइडलाइन में इसके बारे में बताया गया है.
कार्डियक अरेस्ट में दिल अचानक धड़कना बंद कर देता है और हर सेकंड बेहद अहम होता है. ऐसे समय तुरंत CPR शुरू करना और जरूरत पड़ने पर AED का इस्तेमाल जीवन बचाने में मदद कर सकता है. जानिए कार्डियक अरेस्ट के लक्षण और CPR करने का सही तरीका और क्या न करें.
उन्नाव में कार चलाते वक्त अधिवक्ता रिंकू यादव की अचानक तबीयत बिगड़ गई. कार कई वाहनों से टकराकर रुकी. राहगीरों ने शीशा तोड़कर उन्हें बाहर निकाला, CPR दिया और जिला अस्पताल पहुंचाया. डॉक्टरों के मुताबिक, समय पर मदद मिलने से उनकी जान बच सकी. वीडियो में जानें क्या है मामला.
किंग्स कॉलेज लंदन के वैज्ञानिकों ने हार्ट फेलियर विथ प्रिजर्व्ड इजेक्शन फ्रैक्शन के मरीजों पर एक रिसर्च की है. इसमें बताया गया है कि एक फल में खास तरह का कम्पाउंड होता है जो इस बीमारी के मरीजों में हार्ट के फंक्शन को बेहतर कर सकता है.
हर साल 29 सितंबर को वर्ल्ड हार्ट डे मनाया जाता है. दिल को स्वस्थ रखने में एक्सरसाइज के साथ डाइट की भी अहम भूमिका होती है. रोज की थाली में कुछ पोषक चीजों को शामिल करके हार्ट हेल्थ को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है. हरी पत्तेदार सब्जियां, साबुत अनाज, फैटी फिश, बिना नमक वाले नट्स और बीन्स-दालें फाइबर, प्रोटीन और हेल्दी फैट के स्रोत हैं.
29 सितंबर को वर्ल्ड हार्ट डे के तौर पर दुनियाभर में सेलिब्रेट किया जाता है और यह डोंट मिस ए बीट अभियान को आगे बढ़ाने का जरिया भी है. हमारा दिल पूरे दिन में सबसे ज्यादा काम करता है, इसलिए इसकी देखभाल भी सबसे जरूरी होता है. दिल को हेल्दी रखने के लिए बस अपनी थाली में कुछ खास फूड्स को शामिल कर लेना चाहिए, आइए हम आपको उनके बारे में बताते हैं.
नई स्टडी में पाया गया कि विटामिन K2 और D3 लेने से दिल की नसों में कैल्शियम जमा होने की रफ्तार 21 फीसदी कम होती है, लेकिन पहले से जमा कैल्शियम पूरी तरह नहीं निकल पाता, विशेषज्ञों का कहना है कि ये विटामिन नसों में जमा पुराने कैल्शियम को खत्म नहीं करते हैं.
जिम या रनिंग के दौरान बढ़ती धड़कन, तेज सांस और पसीना देखकर अगर आपको हार्ट अटैक का डर सताने लगे, तो यह कार्डियोफोबिया हो सकता है. मेदांता के कार्डियक सर्जन डॉ. नरेश त्रेहान के मुताबिक, एक्सरसाइज के दौरान शरीर में ऐसे बदलाव सामान्य हो सकते हैं. जरूरत पड़ने पर CBT, साइकोथेरेपी और दवाओं की मदद ली जा सकती है. सही जानकारी और नियमित एक्सरसाइज से डर कम किया जा सकता है.
बीते कुछ सालों में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, देर रात तक काम करना, नींद की कमी हार्ट की सेहत पर बुरा प्रभाव डालते हैं. मेंटल स्ट्रेस और हार्ट की बीमारियों के बारे में भी एक्सपर्ट ने बताया है.
हालिया रिसर्च में पाया गया है कि जैम और च्युइंग गम खाने से हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और मौत का खतरा 57% तक बढ़ा देता है. जैम और च्युइंग गम खाने से दिल की बीमारियां होने का क्या कारण है इस बारे में भी बताया गया है.
मुंबई के लालबाग इलाके में 25 वर्षीय जयदीप मेघराज नेमाडे की हार्ट अटैक से मौत हो गई. घटना 17 सितंबर को हुई जब वह दोस्तों के साथ बैठे थे और अचानक तबीयत खराब होने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया.
हार्ट की नसों में ब्लॉकेज न होने के बावजूद हार्ट अटैक हो सकता है, जिसे मेडिकल भाषा में बिना रुकावट वाली कोरोनरी आर्टरी के साथ मायोकार्डियल इन्फार्क्शन कहा जाता है. ये क्यों होता है और इसके क्या लक्षण हैं इस बारे में डॉक्टर ने बताया है.
मेरठ के मवाना स्थित एक स्कूल में कक्षा सात के 13 वर्षीय छात्र कुनाल शर्मा का शव स्कूल के वॉशरूम में मिला. छुट्टी के बाद ई-रिक्शा चालक ने उसे तलाशा तो वह वहां बेहोश पड़ा मिला. स्कूल प्रबंधन और परिजन उसे डॉक्टर के पास ले गए, जहां मृत घोषित कर दिया गया. प्रारंभिक तौर पर हार्ट अटैक से मौत की आशंका है. परिजनों ने पुलिस कार्रवाई से इनकार किया है.