भारत में हार्ट अटैक के मामलों में पिछले कुछ सालों में तेजी से वृद्धि हुई है. साल 2014 से 2019 के बीच दिल के दौरे के मामलों में 50% की भारी बढ़ोतरी हुई है, जो काफी ज्यादा डराने वाला है. हार्ट अटैक की दिक्कत सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई है.
आज 30–40 की उम्र के युवा भी हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं, जो एक गंभीर चेतावनी है. बदलती लाइफस्टाइल, जंक फूड का बढ़ता चलन, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, स्ट्रेस और अनियमित दिनचर्या ने दिल की सेहत को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है.
खास बात यह है कि हाई कोलेस्ट्रॉल अक्सर बिना किसी बड़े लक्षण के शरीर में बढ़ता रहता है. जब तक व्यक्ति को सीने में दर्द, सांस फूलना या थकान जैसी शिकायत होती है, तब तक दिल की नसों में ब्लॉकेज काफी हद तक बढ़ चुकी होती है. यही वजह है कि हार्ट अटैक अचानक आता है और कई बार जानलेवा साबित होता है.
गुरुग्राम में स्थित मेदान्ता अस्पताल में अध्यक्ष, इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी डॉ प्रवीण चंद्रा ने बताया, 'भारतीयों और एशियाई लोगों के लिए कहा गया है कि हार्ट अटैक के लिए कोलेस्ट्रॉल को उतना हाई होने की जरूरत नहीं है, जितना वेस्टन लोगों के लिए होने की जरूरत है.
यानी भारतीयों और एशियाई लोगों को कम ही कोलेस्ट्रॉल में जल्दी हार्ट अटैक हो जाता है और हमारा बचाव करने वाला यानी गुड कोलेस्ट्रॉल कम है. इंडियन्स की बॉडी में अच्छा कोलेस्ट्रॉल कम और गंदा कोलेस्ट्रॉल हाई तो है, लेकिन बहुत हाई नहीं है.'
भारत इस समय दिल की बीमारियों (CVD) की एक गंभीर समस्या का सामना कर रहा है. एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडिया (API) के मुताबिक, भारतीयों को हार्ट अटैक और दिल से जुड़ी बीमारियां पश्चिमी देशों की तुलना में लगभग 10 साल पहले हो रही हैं. यानी जहां दूसरे देशों में ये समस्याएं ज्यादा उम्र में दिखती हैं, वहीं भारत में युवा भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं.
डॉ प्रवीण चंद्रा ने इस बारे में बताया कि भारतीयों की शारीरिक संरचना, शरीर छोटे-छोटे सेल्स से बनता है. इन सेल्स के अंदर जीन्स और क्रोमोजोम्स होते हैं. भारतीयों में हार्ट डिजीज का खतरा केवल खान-पान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे जेनेटिक्स और कोशिकीय संरचना में गहराई से जुड़ा हुआ है. इसलिए हम लोगों को 10 साल पहले दिल की बीमारियां हो जाती हैं.
दिल की बीमारी को कैसे रखें दूर
भारत में बढ़ रहे हार्ट अटैक का मुख्य कारण खराब लाइफस्टाइल, अनहेल्दी खान-पान, तनाव, मोटापा और फिजिकल एक्टिविटी की कमी है. यह स्थिति देश की सेहत के लिए एक बड़ा खतरा है. अगर समय रहते सही आदतें नहीं अपनाई गईं, तो आने वाले सालों में यह समस्या और गंभीर हो सकती है.
कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने के लिए भी खराब लाइफस्टाइल ही जिम्मेदार होता है, इसलिए खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए सही डाइट और रोजाना एक्सरसाइज को अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाएं.डॉ प्रवीण चंद्रा के मुताबिक, 'हम लोग जिस कंटीनेंटल में रहते हैं, वहां के लोगों के अंदर की संरचना है कि उनको ज्यादा काम करना चाहिए. ज्यादा चलना चाहिए और कम खाना चाहिए. अगर हम लोग कम चलते हैं और ज्यादा खाते हैं तो हमारे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है.'