How Much Protein is Too Much: आपकी प्रोटीन की जरूरतें इंसान की उम्र, फिजिकल एक्टिविटी और ओवरऑल हेल्थ जैसे लाइफस्टाइल आदतों पर निर्भर करती है. हर इंसान के मुताबिक, प्रोटीन की जरूरत अलग-अलग हो सकती है लेकिन कुछ लोग बिना किसी कैल्कुलेशन के प्रोटीन का सेवन करते हैं जिससे प्रोटीन की मात्रा उनके शरीर में अधिक हो जाती है और उन्हें कुछ हेल्थ संबंधी जोखिम भी पैदा हो सकते हैं. कुछ जरूरी पोषक तत्वों की कमी के अलावा अधिक प्रोटीन का सेवन कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है जिनके बारे में आपको जानना काफी जरूरी है.
केसी मेडिसिन ऑफ यूएससी में में डाइटीशियन केविन पार्क का कहना है, 'अधिक प्रोटीन खाना पूरी तरह से बुरा नहीं है. इसके कुछ पॉजिटिव रिजल्च मिल सकते हैं जैसे मसल्स ग्रोथ, न्यूट्रिशन लेबल हाई रहना, वेट लॉस होना आदि. हालांकि, मैंने जिन नेगेटिव पहलुओं पर ध्यान दिया है, उनमें से एक आवश्यक पोषक तत्वों की कमी भी शामिल है. दरअसल, प्रोटीन की हाइप के कारण लोगों ने सिर्फ उस पर ही ध्यान देना शुरू कर दिया है और कार्बोहाइड्रेट को पूरी तरह अनदेखा करना शुरू कर दिया है.'
'रिकमेंडेड मात्रा में प्रोटीन का सेवन करने से मसल्स मेंटेनेंस और अन्य कामों में मदद मिलती है वहीं यदि आप पर्याप्त प्रोटीन नहीं लेते हैं तो आपको मसल्स सोरनेस, थकान, कमजोरी, रिकवरी धीमी और कमजोर इम्यूनिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं.'
अधिक प्रोटीन लेने के साइड इफेक्ट क्या हो सकते हैं, ये भी जान लीजिए.
2013 की रिसर्च में इस बारे में बताया गया था कि यदि कोई अत्यधिक प्रोटीन का सेवन करता है तो हार्ट डिजीज और कैंसर जैसी बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है. इसलिए शरीर की जरूरत के मुताबिक ही प्रोटीन लें.
डाइटीशियन केविन पार्क का कहना है, 'बहुत अधिक प्रोटीन खाने से पेट पर बुरा असर पड़ सकता है. हाई प्रोटीन डाइट के कारण कई लोग फाइबर का अच्छा सेवन नहीं कर पाते जिससे कब्ज या पेट फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं और इस वजह से पाचन संबंधी समस्याएं पैदा हो जाती हैं.'
विशेषज्ञों को अभी तक प्रोटीन की वह सटीक मात्रा नहीं पता चल पाई है जो किडनी को प्रभावित कर सकती है लेकिन यह मानने का कारण है कि इसकी अधिक मात्रा से लंबे समय में किडनी को नुकसान हो सकता है.
क्लीवलैंड क्लिनिक के नेफ्रोलॉजिस्ट, डॉ. हर्नान रिनकॉन-चोल्स का कहना है, 'रिसर्च से पता चलता है कि हाई प्रोटीन वाली डाइट आम लोगों में किडनी के हाइपरफिल्ट्रेशन और किडनी के कामों में गिरावट के जोखिम को बढ़ाता है.'
'एक रिसर्च में पाया गया कि हाई प्रोटीन वाली डाइट का सेवन करने वाले वयस्कों में प्रोटीन की नॉर्मल मात्रा का सेवन करने वालों की तुलना में लंबे समय में किडनी की बीमारी होने का खतरा 48 प्रतिशत अधिक था.'
हम सभी को रोजमर्रा के कामों के लिए प्रोटीन की जरूरत होती है लेकिन अधिक मात्रा में प्रोटीन लेना हमेशा बेहतर नहीं होती. रिसर्च से पता चलता है कि शरीर द्वारा अधिक प्रोटीन का अच्छे से उपयोग नहीं किया जाता है और इससे हड्डियों, लिवर और किडनी पर मेटाबॉलिक स्ट्रेस बढ़ जाता है. गठिया से पीड़ित लोगों को अधिक प्रोटीन खाने से अधिक गंभीर लक्षण दिख सकते हैं.
बहुत अधिक प्रोटीन का सेवन हाई ब्लड प्रेशर का कारण भी बन सकता है जिससे कई अन्य समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं जिसमें हृदय गति रुकना, हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा भी शामिल है.