आजमगढ़ (Azamgarh) भारतीय गणराज्य के प्रांत उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) का एक जिला और मंडल है और इस जिले का मुख्यालय भी यहीं है. इस जिले का क्षेत्रफल 4,054 वर्ग किलोमीटर है (Geographical area).
इस जिले में एक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र (Lok Sabha constituency) और पांच विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र हैं. (Assembly constituency)
2011 जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक आजमगढ़ की जनसंख्या (Population) लगभग 46 लाख है और यहां प्रति वर्ग किलोमीटर 1,138 लोग रहते हैं (Density). यहां का लिंग अनुपात (Sex Ratio) 1,019 है. इसकी 70.93 फीसदी जनसंख्या साक्षर है. इनमें पुरुष 81.34 फीसदी और महिलाओं की साक्षरता दर 60.91 फीसदी है ( Azamgarh literacy).
राजा विक्रमजीत सिंह जिन्होंने कुछ पूर्ववर्तियों की तरह इस्लाम अपना लिया था, उनके बेटे आजम खां ने वर्ष 1665 में फुलवारिया नाम के एक प्राचीन गांव के नाम को बदलकर अपना नाम दिया, आजमगढ़.
साल 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में इस जिले के अतरौलिया खंड के रामचरित्र सिंह और उनके नाबालिग बेटे सत्यचरण सिंह ने एक साथ अंग्रेजो का डटकर मुकाबला किया और शहीद हुए थें (History).
आजमगढ़ तमसा नदी के तट पर बसा है. यह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से 268 किमी पूर्व में स्थित है. साथ ही, इसके उत्तर से घाघरा नदी गुजरती है जिसका वजह से यहां की मिट्टी उपजाऊ हो जाती है. यहां गेहूं, चावल, गन्ना, चना, सरसों की अच्छी फसल होती है. साथ ही, आम और अमरूद की भी अच्छी पैदावार होती है (Crops) .
इस जिले में चीनी की मिलें और वस्त्र बुनाई प्रमुख उद्योग हैं (Industry).
Azamgarh Voter List Controversy: अखिलेश यादव के आरोप चुनाव आयोग की जांच में सही पाए गए. आजमगढ़ में विकास यादव का नाम 13 बार दर्ज मिलने पर 9 अधिकारियों पर एक्शन. पढ़ें पूरी खबर...
पूर्वांचल की राजनीति में आजमगढ़ की अपनी अलग पहचान है. समाजवादी पार्टी का मजबूत प्रभाव, जातीय और सामाजिक समीकरण, बुनकरों की आजीविका और स्थानीय विकास जैसे मुद्दे यहां की राजनीति को प्रभावित करते रहे हैं. 2022 के विधानसभा चुनाव में जिले की सभी 10 सीटों पर सपा ने जीत दर्ज की थी. यही वजह है कि जिले की चुनावी तस्वीर समझने के लिए इसके सामाजिक और आर्थिक ढांचे पर नजर डालना जरूरी है.
उत्तर प्रदेश में 'मिशन 2027' के तहत ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अकेले 200 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान करते हुए पूर्वांचल की 36 मुस्लिम बहुल सीटों पर अपनी पैनी नजर टिका दी है.
Owaisi Azamgarh Rally News: आजमगढ़ में ओवैसी ने बड़ा बयान दिया कि अब हमें नेहरू या गांधी की जरूरत नहीं, मुसलमान खुद नेता बनें. 2027 चुनाव से पहले सपा के गढ़ में दी चुनौती, यूपी में तीसरे मोर्चे के संकेत. पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
Azamgarh Wall Collapse: आजमगढ़ के अनंतपुर में आंधी के दौरान 5 साल की बच्ची अलीना पर गिरी मकान की दीवार. मलबे में दबने से दर्दनाक मौत, खौफनाक वारदात CCTV में कैद. पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
आजमगढ़-जौनपुर मार्ग पर एक ही जगह कुछ घंटों के भीतर दो वाहन हादसे का शिकार हो गए. शनिवार रात श्रद्धालुओं से भरी बस क्षतिग्रस्त सड़क के गड्ढे में जाकर खाई में पलट गई, जिसमें 13 लोग घायल हो गए. सुबह करीब 5:13 बजे उसी स्थान पर एक कार भी गड्ढे में जा गिरी. दोनों घटनाएं CCTV में कैद हुई हैं.
आजमगढ़ के शंभूपुर गांव में पूजा के दौरान फायरिंग के बाद अरविंद सिंह ने तीन बच्चों को बंधक बना लिया था. करीब 8 घंटे के ऑपरेशन में आरोपी की मौत हो गई, कुल मिलाकर 9 साल के बच्चे समेत पांच लोगों की जान गई. पढे़ं इस सनसनीखेज कांड की पूरी कहानी.
आजमगढ़ के शंभूपुर गांव में एक परिवार से जुड़ी पांच मौतों के बाद अब पीछे बची जिंदगी डर और अनिश्चितता के बीच गुजर रही है. परिवार की दो महिलाएं और छह बच्चियां गांव छोड़कर सुलतानपुर में रिश्तेदार के यहां रहने को मजबूर हैं. जिस घर में कभी परिवार रहता था, उस पर पुलिस का ताला लगा है. पूरा परिवार अपने गांव से डरकर दूर रह रहा है.
आजमगढ़ के शंभूपुर में खौफनाक हत्याकांड के बाद अनाथ हुई दो मासूम बच्चियों के भविष्य के लिए पुलिस आगे आई है. एसएसपी अनिल कुमार ने दोनों बच्चियों को गोद लेने का ऐलान करते हुए अपनी एक महीने की तनख्वाह दी है और पुलिसकर्मियों ने एक दिन का वेतन दान किया है.
आजमगढ़ के शंभूपुर गांव में ट्रिपल मर्डर और एनकाउंटर में कुल 5 लोगों की मौत के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बड़ा खुलासा हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार आरोपी अरविंद सिंह ने ही एनकाउंटर के दौरान अपने मासूम बेटे को 32 बोर रिवॉल्वर से बेहद करीब से गोली मारी थी.
आजमगढ़ के शंभूपुर गांव में एक शख्स ने घर के अंदर अपने तीन बच्चों को बंधक बना लिया. इससे पहले वो पिस्टल से वो अपनी पत्नी और दो पुजारियों को गोली मार चुका था. अलग-अलग एजेंसियों के कमांडो और थानों की पुलिस ने घर को चारों तरफ से घेर लिया. करीब सात घंटे के मान-मनौव्वल के बाद कुछ ऐसा होता है कि पुलिस सही मायने में एक्शन में आती है. देखें वारदात.
Azamgarh Encounter Case: आजमगढ़ में पत्नी, बेटे और दो पुजारियों की हत्या करने वाले अरविंद सिंह का एनकाउंटर. राजघाट पर कोई पुरुष नहीं बचा तो भतीजी ने दी आरोपी चाचा, चाची और भाई को मुखाग्नि. पुलिस रेस्क्यू में बचाई गईं दो बेटियां. पढ़ें खौफनाक वारदात की इनसाइड स्टोरी.
आजमगढ़ में मंगलवार की शाम ऐसी वारदात हुई, जिसका अंत बेहद दुखद हुआ. एक शख्स ने अपने घर के भीतर 4 हत्याएं कर दी. बच्चों को घंटों तक बंधक बनाए रखा. स्थिति ऐसी हो गई कि पुलिस को इस संकट को खत्म करने के लिए बड़ा ऑपरेशन चलाना पड़ा. स्पेशल कमांडो लगाने पड़े. भारी संख्या में यूपी पुलिस की टीम मोर्चे पर डटी रही...और अंत में 4 हत्याओं का आरोपी एनकाउंटर में ढेर हो गया. देखें...
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के शंभूपुर गांव में मंगलवार देर शाम तिहरे हत्याकांड की घटना ने पूरे इलाके को दहलाकर रख दिया. मुख्य आरोपी अरविंद सिंह की पुलिस एनकाउंटर में मौत के बाद गांव में खौफ और सन्नाटा छा गया है.
आजमगढ़ में तीन बच्चों को कमरे में लेकर बंद हुए अरविंद सिंह को पुलिस करीब सात घंटे तक समझाती रही. एडीजी नवीन अरोड़ा के मुताबिक, अरविंद बच्चों को अपनी ढाल बताकर बाहर आने को तैयार नहीं था. अंदर से गोली चलने के बाद पुलिस ने स्टन और टियर गैस ग्रेनेड से एंट्री की. फायरिंग में अरविंद घायल हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई.
आजमगढ़ के शंभूपुर में 2015 के रेप केस और 2018 में भाई की हत्या की रंजिश के बीच अरविंद सिंह ने मानसिक तनाव में आकर पत्नी बबीता और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या कर दी. भाई की ट्रांसफर रिवाल्वर से पूजा के दौरान वारदात को अंजाम दिया गया.
आजमगढ़ में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चार लोगों की हत्या करने वाले सनकी आरोपी को मुठभेड़ में ढेर कर दिया है. पुलिस ने करीब आठ घंटे के लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद इस कार्रवाई को अंजाम दिया. आरोपी ने अपनी पत्नी, बेटे और दो पुजारियों की निर्मम हत्या की थी. वहीं दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में भारी पुलिस सुरक्षा के बीच अतिक्रमण हटाने के लिए पीला पंजा चला, जिसमें मस्जिद और आसपास के अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया. देखें...
आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में पूजा के दौरान आरोपी अरविंद सिंह ने पहचान पत्र मांगने के विवाद में पत्नी और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या कर दी. वारदात के दौरान मौके से जान बचाकर भागे चश्मदीद पंडित हिमांशु मिश्रा ने उस खौफनाक मंजर का पूरा आंखों देखा हाल बयां किया है.
आजमगढ़ में एक घर के अंदर करीब 8 घंटे तक तीन मासूम बच्चे खौफ के बीच रहे. बच्चों के पिता ने उन्हें बंधक बना लिया था. आरोप है कि इससे पहले उसने अपनी पत्नी और दो पुरोहितों की हत्या कर दी. पुलिस सरेंडर करने के लिए समझाती रही, लेकिन अंदर से गोली चलने के बाद ऑपरेशन को तेज करना पड़ा.
आजमगढ़ के शंभूपुर गांव में पत्नी और दो पुजारियों की हत्या के बाद तीन बच्चों को कमरे में बंधक बनाने वाले अरविंद सिंह की पुलिस कार्रवाई के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई. पुलिस के मुताबिक, रेस्क्यू के दौरान अरविंद ने फायरिंग की. जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ. गोली लगने से घायल उसके 8 साल के बेटे की भी मौत हो गई.
आजमगढ़ के शंभूपुर में महामृत्युंजय पूजा के दौरान पहचान पत्र मांगने पर हुए विवाद में अरविंद सिंह ने पत्नी और दो पुरोहितों की गोली मारकर हत्या कर दी. इसके बाद पुलिस मुठभेड़ में अरविंद भी मारा गया. घटना से दुखी पीड़ित पुरोहित परिवार ने भविष्य में उनके घर पुरोहिताई न करने का फैसला लिया है.