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राजभर ने 'राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना' के कार्यकर्ताओं को बांटा पीला डंडा, बोले- यह अनुशासन का प्रतीक; सपा पर बरसे

उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आजमगढ़ में राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना के युवाओं को 'पीले डंडे' सौंपकर नई सियासी चर्चा छेड़ दी है. राजभर का दावा है कि यह डंडा हिंसा के लिए नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा, एकता और युवाओं में अनुशासन पैदा करने का एक प्रतीक है.

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राजभर ने कार्यकर्ताओं को बांटा पीला डंडा (Photo- ITG)
राजभर ने कार्यकर्ताओं को बांटा पीला डंडा (Photo- ITG)

सुभासपा अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आजमगढ़ के अतरौलिया में आयोजित भव्य कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना (RSS) के कार्यकर्ताओं को पीले रंग के मोटे डंडे वितरित किए. खजुरी के मैदान में उमड़ी युवाओं की भारी भीड़ को संबोधित करते हुए राजभर ने स्पष्ट किया कि यह कोई हथियार नहीं बल्कि संगठन की एकजुटता का संदेश है. इस सेना के गठन का मुख्य उद्देश्य बच्चों को शारीरिक प्रशिक्षण देना और उन्हें करियर के प्रति जागरूक करना है. राजभर ने इस मंच से शिक्षा की अहमियत पर जोर देते हुए समाजवादी पार्टी पर भी जमकर निशाना साधा.

डंडा नहीं, यह अनुशासन का प्रतीक है

राजभर ने कार्यक्रम में युवाओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि अक्सर बच्चों को डॉक्टर या इंजीनियर बनने के लिए सही विषयों की जानकारी नहीं होती. सुहेलदेव सेना इन बच्चों को सही दिशा दिखाएगी.

पीले डंडे के वितरण पर उन्होंने सफाई दी कि यह समाज की रक्षा और आत्मरक्षा के लिए है, न कि किसी पर हमला करने के लिए. उनके मुताबिक, 13 से 15 साल की उम्र से ही बच्चों को दौड़-व्यायाम और सही करियर चुनने के लिए तैयार किया जा रहा है.

सपा पर बरसे राजभर, 2047 तक का दावा

राजनीतिक मोर्चे पर राजभर ने अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने सपा सरकार के पुराने कार्यकाल में नियुक्तियों और आरक्षण को लेकर सवाल उठाए. राजभर ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि अब उत्तर प्रदेश में सपा की वापसी मुमकिन नहीं है और साल 2047 तक प्रदेश व केंद्र की सत्ता में एनडीए गठबंधन ही काबिज रहेगा. उन्होंने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया. 

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युवाओं को 'अधिकारी' बनाने का संकल्प

कार्यक्रम में मौजूद मंत्री के पुत्र डॉ. अरविंद राजभर ने भी युवाओं को संबोधित करते हुए शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बताया. उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन और प्रशिक्षण मिलने पर राजभर समाज के बच्चे भी बड़े अधिकारी और डॉक्टर बन सकेंगे. जानकारों का मानना है कि अतरौलिया में हुआ यह शक्ति प्रदर्शन 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए पूर्वांचल की राजनीति में एक बड़ा संकेत है, जहां राजभर अपनी पकड़ और मजबूत करने की कोशिश में जुटे हैं.

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