अरुण गोविल (Arun Govil) एक अभिनेता और निर्माता हैं. उन्होंने हिंदी, भोजपुरी, ब्रज भाषा, उड़िया और तेलुगु फिल्मों में अभिनय किया है. उन्हें रामानंद सागर की हिट टेलीविजन सीरीज 'रामायण' में भगवान राम की भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है (Arun Govil as Ram in Ramayan). मार्च 2024 में अरुण भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए. बीजेपी ने लोकसभा चुनाव के लिए उनको मेरठ से उम्मीदवार बनाया है.
उन्होंने प्रशांत नंदा की फिल्म पहेली (1977) से बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत की (Arun Govil Debut in Movies). उनकी फिल्मों में सावन को आने दो (1979), की सांच को आंच नहीं (1979) में कास्ट होने के बाद उन्होंने स्टारडम की ओर कदम बढ़ाया. उन्होंने रामानंद सागर की विक्रम और बेताल (1985) से छोटे पर्दे पर अपनी शुरुआत की. फिर उन्होंने सागर की टीवी धारावाहिक रामायण (1986) में भगवान राम का किरदार निभाय, जिसके लिए उन्होंने 1988 में एक प्रमुख भूमिका श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का अपट्रॉन पुरस्कार जीता. उन्होंने सागर की लव कुश और पद्मल्या टेलीफिल्म्स लिमिटेड की जय वीर हनुमान में राम के रूप में अपनी भूमिका दोहराई. विश्वामित्र, हरिश्चंद्र में भी भूमिका निभाई थी. यूगो साको की इंडो-जापानी एनिमेशन फिल्म रामायण: द लीजेंड ऑफ प्रिंस राम (1992) में राम के रूप में अपनी आवाज दी थी. उन्होंने वी. मधुसूदन राव की लव कुश (1997) में लक्ष्मण की भूमिका भी निभाई (Arun Govil Career).
अरुण गोविल का जन्म 12 जनवरी 1952 को मेरठ, उत्तर प्रदेश में हुआ था (Arun Govil Age). अरुण के पिता श्री चंद्र प्रकाश गोविल एक सरकारी अधिकारी थे (Arun Govil Father). अरुण के छह भाई और दो बहनें हैं (Arun Govil Siblings). उनके बड़े भाई विजय गोविल की शादी तबस्सुम से हुई है, जो एक पूर्व बाल अभिनेत्री और दूरदर्शन पर आने वाले फूल खिले हैं गुलशन गुलशन की मेजबानी की थीं.
उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ, उत्तर प्रदेश में औपचारिक शिक्षा प्राप्त की (Arun Govil Education).
अरुण गोविल ने अभिनेत्री श्रीलेखा से शादी की (Arun Govil Wife) है और उनके दो बच्चे हैं (Arun Govil Children).
रामायण की 'सीता' दीपिका चिखलिया ने सालों बाद अपने अफेयर रूमर्स पर चुप्पी तोड़ी. उन्होंने बताया कि उनका नाम अरुण गोविल, सुनील लहरी और संजय जोग तक के साथ जोड़ा गया था.
रामायण का ट्रेलर रिलीज होते ही इंटरनेट पर तहलका मचा रहा है. नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी यह फिल्म हॉलीवुड स्तर की सिनेमैटिक अपील और भव्यता को दिखाती है. जानें ट्रेलर में क्या खास है.
रामानंद सागर की 'रामायण' में 11 अलग-अलग किरदार निभाने वाले मुस्लिम एक्टर असलम खान को शो के बाद ज्यादा काम नहीं मिला. साल 2002 में उन्होंने एक्टिंग छोड़ दी.
अरुण गोविल को याद है कि शुरुआत में उन्हें भगवान राम के रोल के लिए रिजेक्ट कर दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने दूसरे रोल करने से मना कर दिया और अब नितेश तिवारी की 'रामायण' में राजा दशरथ के तौर पर इस महाकाव्य में वापसी कर रहे हैं.
उत्तर प्रदेश के हापुड़ में मेरठ लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी सांसद अरुण गोविल के प्रतिनिधि की बेटी के विवाह समारोह के दौरान बड़ी वारदात हो गई. एक मैरिज होम के बंद कमरे की खिड़की तोड़कर चोरों ने कन्यादान के करीब 10 लाख रुपये और जेवरातों से भरा बैग पार कर दिया.
शनिवार को मनोरंजन की दुनिया में काफी कुछ घटा. टीवी की बहू दिव्यांका त्रिपाठी अपने पति और जुड़वा बेटों संग पहली बार नजर आईं. डिलीवरी के बाद उन्हें हॉस्पिटल से छुट्टी मिली. वहीं टीवी के राम अरुण गोविल ने रणबीर वाली रामायण फिल्म पर बड़े बयान दिए.
टीवी पर राम बनकर छाए अरुण गोविल ने रणबीर कपूर की आने वाली रामायण पर बड़ी बातें कह डाली हैं. उनका कहना है कि रामानंद सागर ने रामायण इस तरह से दिखा दी, कि अब कोई भी दूसरा राम नहीं देखना चाहता है.
प्रयागराज में हनुमंत कथा से पहले निकली भव्य कलश यात्रा में ‘रामायण’ की मशहूर तिकड़ी अरुण गोविल, दीपिका चिखलिया और सुनील लहरी नजर आए. उनके स्वागत में उमड़ी भारी भीड़, भक्ति और उत्साह का अद्भुत नजारा देखने को मिला. तीनों ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बुलावे पर प्रयागराज में शिरकत की.
रामायण जैसा शो दोबारा नहीं बनाया जा सकता है. क्योंकि करोड़ों खर्च करके भी वो फीलिंग दोबारा क्रिएट नहीं कर सकते हैं. जानते हैं कि रामानंद सागर ने रामायण कैसे बनाई थी.
विक्रम बेताल शो में पिशाच बेताल का रोल एक्टर सज्जन लाल पुरोहित ने प्ले किया था. आज वो भले ही हमारे बीच नहीं हैं. लेकिन अपने 5 दशक के करियर में उनका बेताल का रोल सबसे ज्यादा हिट रहा था.
दीपिका चिखलिया ने कुछ समय पहले नमित मल्होत्रा की 4000 करोड़ की रामायण के टीजर की तारीफ की थी. लेकिन अब उन्होंने फिल्म को ट्रोल करते हुए एक वीडियो शेयर किया है. दीपिका के इस मूव ने यूजर्स को हैरान किया है.
फिल्मों में एक्टर्स को अलग अवतार में दिखाने के लिए प्रोस्थेटिक लगवाने की प्रोसेस जितनी थकाने वाली थी, उतनी ही पाबंदियों से भी भरी होती है. हाल ही में अरुण गोविल का एक वीडियो वायरल हुआ है.
रणबीर कपूर की फिल्म 'रामायण', भारत की सबसे पवित्र पौराणिक गाथाओं में से एक को बड़े पर्दे पर भव्य अंदाज में लेकर आने वाली है. इसे लेकर देशभर में जबरदस्त माहौल बना हुआ है. अब इसे लेकर 'टीवी के राम' कहलाने वाले एक्टर अरुण गोविल ने रणबीर कपूर को लेकर अपनी बात रखी है.
'टीवी के राम' कहलाने वाले एक्टर अरुण गोविल ने भी अपनी बात रखी है. अरुण गोविल को डायरेक्टर रामानंद सागर की 'रामायण' में भगवान राम के अपने आइकोनिक किरदार के लिए आज भी पूजा जाता है. अब अरुण ने रणबीर कपूर के काम पर भरोसा जताया है.
39 साल पहले जब रामानंद सागर ने 'रामायण' बनाई, तब दूर-दूर तक VFX और AI का जमाना नहीं था. शायद यही वजह है कि लोग आज तक लोग रामानंद सागर की 'रामायण' से बाहर नहीं आ पाए हैं.
1917 की ‘लंका दहन’ से लेकर 2026 की रणबीर कपूर स्टारर ‘रामायण’ तक, जानिए इस महाकाव्य पर बनी फिल्मों और टीवी शोज का 100 साल लंबा सफर. आखिर क्यों हर पीढ़ी को आकर्षित करती है रामायण की कहानी?
एक्ट्रेस दीपिका चिखलिया को 1980 के दशक में सीरियल 'रामायण' में देखा गया था. उन्होंने इसमें मां सीता का रोल निभाकर अपार लोकप्रियता पाई थी. यह शो आज भी भारतीय टेलीविजन के सबसे आइकॉनिक शोज में से एक माना जाता है. अब उन्होंने रणबीर कपूर की 'रामायण' के टीजर पर अपना रिएक्शन दिया है.
नितेश तिवारी की फिल्म रामायण की पहली झलक सामने आई है. टीजर में सेट की भव्यता और मेकर्स का तगड़ा विजन देखने को मिला है. रणबीर कपूर के लुक की लोगों ने तारीफ की है. जानें पब्लिक रिएक्शन...
क्या आप जानते हैं? 'रामायण' जैसे ऐतिहासिक शो में भगवान राम का अमिट किरदार निभाने वाले एक्टर अरुण गोविल को शुरुआत में इस रोल के लिए मना कर दिया गया था.
आज पूरे देशभर में राम नवमी की धूम है. हर किसी की जुबान पर सिर्फ भगवान राम का नाम है. जब बात राम की आती है, तो हमें रामानंद सागर की 'रामायण' भी याद आती है.
अविश्वास प्रस्ताव को लेकर अरुण गोविल का कहना है कि इस बातचीत में कोई विशेष मुद्दा नहीं है. हमारी पार्टी के स्पीकर में पूरा भरोसा और आत्मविश्वास है. जो कुछ भी कहना है, वे उसे खुले दिल से कह रहे हैं. इसलिए इस चर्चा से किसी प्रकार का फर्क नहीं पड़ता है. हमारा विश्वास बहुत मजबूत है और यह हमारे नेतृत्व में दिखता है.