अनंत कुमार सिंह (Anant Singh) बिहार के मोकामा विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक हैं. जनता दल (यूनाइटेड) (जेडीयू) पार्टी के पूर्व सदस्य भी रहे हैं. वह 2020 में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) में शामिल हो गए. उनके 2020 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, उन पर 7 हत्याएं, 11 हत्या के प्रयास और अपहरण के 4 मामले सहित 38 आपराधिक आरोप हैं. 2 सितंबर 2015 को, राजद के साथ जदयू के नए गठबंधन को लेकर सीएम नीतीश कुमार के साथ अनबन के बाद सिंह ने जदयू छोड़ दिया.
16 अगस्त 2019 को पुलिस ने पटना जिले के लदमा गांव में उनके पैतृक घर पर छापेमारी के बाद एक एके -47 राइफल, एक मैगजीन, जिंदा कारतूस और दो हथगोले बरामद किए थे. जिसके बाद अनंत सिंह पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था.
2020 में, सिंह को बिहार विधान चुनाव लड़ने के लिए राष्ट्रीय जनता दल से टिकट दिया गया था. उन्होंने मोकामा निर्वाचन क्षेत्र से 35,291 वोटों से जीत हासिल की और लगातार चौथी बार इस सीट पर जीते.
उन्होंने 2005 में जेडीयू के टिकट पर पहली बार मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. उन्होंने 2010 में लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) की सोनम देवी को बड़े अंतर से हराकर सीट बरकरार रखी.
उनका जन्म बिहार के बाढ़ सीडी ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले नदावन गांव में हुआ था. वह भूमिहार परिवार से आते हैं.
उनका विवाह नीलम देवी से हुआ है.
मोकामा के विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी गायक गुंजन सिंह को वायरल वीडियो और शस्त्र अधिनियम से जुड़े मामले में अदालत से फिलहाल बड़ी राहत मिली है. गोपालगंज में विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में हुई सुनवाई में अदालत ने दोनों की गिरफ्तारी पर लगी रोक को 15 जून तक जारी रखने का आदेश दिया.
मोकामा में सोनू-मोनू के घर छापेमारी करने पहुंची पुलिस का वीडियो वायरल हो गया. वीडियो में गंजी-जांघिया पहना एक युवक लाइन लगाकर खड़े पुलिसकर्मियों की चेकिंग करके अंदर जाने की अनुमति देता दिखा. नौरंगा जलालपुर गांव में फायरिंग विवाद के बाद हुई इस कार्रवाई ने बिहार पुलिस पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पटना के बाढ़ में पंचमहला फायरिंग मामले के बाद पुलिस जब आरोपी सोनू-मोनू के घर छापेमारी करने पहुंची तो जमकर हंगामा हुआ. उनकी मां उर्मिला सिन्हा और समर्थकों ने पुलिस को घर में घुसने से रोक दिया. करीब आधे घंटे तक बहस चली. बाद में समर्थकों की मांग पर पुलिसकर्मियों की तलाशी ली गई, तब जाकर उन्हें घर में प्रवेश मिला. मामले में सोनू कुमार पर हवाई फायरिंग का आरोप है. पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है.
पटना के बाढ़ क्षेत्र में पंचमहला फायरिंग कांड के बाद देर रात तनावपूर्ण स्थिति बन गई और जमकर हंगामा हुआ. इस मामले में कुख्यात अपराधी सोनू-मोनू पर आरोप है कि उन्होंने अनंत सिंह समर्थक और मुखिया पति मुकेश कुमार पर गोली चलाई. घटना के बाद पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में उनके आवास पर पहुंची, लेकिन वहां हालात काफी तनावपूर्ण हो गए. छापेमारी के दौरान सोनू-मोनू की मां और मुखिया उर्मिला सिन्हा समेत कुछ महिलाओं ने पुलिस को घर के अंदर जाने से रोक दिया.
बिहार के गोपालगंज में जनेऊ संस्कार का एक समारोह अचानक विवादों में घिर गया, जब वहां डांस, नोटों की बारिश और हथियार लहराने के वीडियो वायरल हो गए. कार्यक्रम में जेडीयू विधायक अनंत सिंह की मौजूदगी ने मामले को और राजनीतिक बना दिया. पुलिस ने वीडियो की जांच के बाद विधायक समेत कई लोगों पर केस दर्ज किया है. अब यह मामला कानून व्यवस्था और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर चर्चा का बड़ा विषय बन गया है.
मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह समेत 9 लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई है. दरअसल, अनंत सिंह गोपालगंज में एक जनेऊ समारोह में पहुंचे थे, जहां मीरगंज थाना इलाके के सेमरा गांव में महफिल सजी, मुजरा हुआ. डांसर पर जमकर नोट लुटाए गए. बंदूकें भी लहराई गईं. अब एसपी विनय तिवारी के निर्देश पर मीरगंज थाने में केस दर्ज किया गया है.
नीतीश कुमार का बिहार की मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़कर दिल्ली आने की पठकथा लिखी जा चुकी है. नीतीश कुमार 9 अप्रैल को दिल्ली आ रहे हैं और राज्यसभा सदस्य पद की शपथ लेंगे. नीतीश के सीएम पद छोड़ने और दिल्ली की सियासत में आने से जेडीयू के बाहुबली नेता बेचैन हो गए हैं.
मोकामा से जेडीयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह अपने गांव में महादंगल करा रहे हैं. यह दंगल वे अपने जानी दुश्मन रहे विवेका पहलवान की पहली पुण्यतिथि पर करा रहे हैं. इस महादंगल में देश ही नहीं, बल्कि ईरान और जार्जिया के पहलवान अखाड़े में दांव-पेच आजमाते नजर आएंगे.
बिहार विधानसभा समिति के अध्यक्ष और सदस्यों के नाम का ऐलान कर दिया गया है. राज्यसभा चुनाव में वोटिंग से दूर रहने वाले विपक्ष के विधायकों को इनाम मिला है तो जेडीयू के बाहुबली विधायकों को भी तरजीह दी गई है. जेल से बाहर आए अनंत सिंह को अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को इस्तीफा देने वाले हैं. इस बात की पुष्टि जेडीयू नेता और विधायक अनंत कुमार सिंह ने रविवार को की. उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी के कार्यकर्ता उनके इस फैसले के खिलाफ थे.
बिहार की सियासत में ‘छोटे सरकार’ के नाम से मशहूर मोकामा विधायक अनंत सिंह की बेऊर जेल से रिहाई हो गई है. दुलारचंद यादव हत्याकांड में पटना हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद सोमवार को दोपहर 2 बजे के बाद उन्हें जेल से छोड़ा गया. जेल से बाहर आते ही अनंत सिंह के समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला. जैसे ही वह अपने घर पहुंचे, समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया और जमकर आतिशबाजी की. पूरे इलाके में जश्न का माहौल बन गया और समर्थक खुशी में झूमते नजर आए. रिहाई के बाद अनंत सिंह ने दुलारचंद यादव हत्याकांड पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह निर्दोष हैं और उन्हें इस मामले में फंसाया गया है. उन्होंने कहा कि घटना के समय वह करीब चार किलोमीटर दूर थे.
दुलारचंद हत्याकांड से जुड़ा ये मामला अक्टूबर 2025 का है, जब मोकामा में चुनावी प्रचार के दौरान जन सुराज पार्टी के समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई थी. इस घटना के बाद पुलिस ने अनंत सिंह को मुख्य आरोपी मानते हुए गिरफ्तार किया था.
बिहार की सियासत के दिग्गज और मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह के लिए जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है. पटना हाईकोर्ट ने दुलारचंद यादव हत्याकांड में उन्हें नियमित जमानत दे दी है.
राज्यसभा चुनाव में वोट डालने के बाद अनंत सिंह ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ये मेरा आखिरी कार्यकाल है. इसके बाद मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा. नीतीश कुमार जो फैसला लेंगे, सब मंजूर है.
बिहार के मोकामा से नवनिर्वाचित विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह को आज भारी सुरक्षा बल के साथ बिहार विधानसभा लाया गया और उन्होंने विधायक पद की शपथ ली. शपथ ग्रहण के बाद, वे सीधे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिले और उनके पैर छूकर आशीर्वाद प्राप्त किया. इसके बाद वे वापस बेउर जेल लौट आए, जहां उन्होंने न्याय मिलने का भरोसा व्यक्त किया.
बिहार के मोकामा से जेडीयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह मंगलवार को विधानसभा सदस्यता की शपथ ले सकते हैं. वे दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में बेऊर जेल में बंद हैं. कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेल से विधानसभा लाया जाएगा. हत्या विधानसभा चुनाव के दौरान हुई थी, जिसमें अनंत सिंह के काफिले और विरोधियों के बीच झड़प के दौरान दुलारचंद यादव इ मौत हुई थी. जेल में रहते हुए अनंत सिंह ने मोकामा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की.
मोकामा के बहुचर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड में जेडीयू विधायक अनंत सिंह को बड़ा झटका लगा है. पटना सिविल कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है. अनंत सिंह पर मोकामा विधानसभा चुनाव के दौरान दुलारचंद की हत्या का आरोप है. निचली अदालत से राहत न मिलने के बाद अब वे पटना हाईकोर्ट में जमानत की कोशिश कर सकते हैं.
मोकामा के दुलारचंद यादव हत्याकांड में जेल में बंद बाहुबली जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने पटना सिविल कोर्ट में जमानत याचिका दायर की है. इस पर गुरुवार को सुनवाई होगी. यह हत्या मोकामा विधानसभा चुनाव के दौरान हुई थी. मामले में वोटिंग से पहले ही अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया था. अब वे इसी मामले में राहत के लिए जमानत मांग रहे हैं.
बिहार के 243 विधायकों में से 218 विधायक करोड़पति हैं. पिछले कार्यकाल में ये आंकड़ा 194 था, जो कि कुल विधायकों के 81 फीसदी के बराबर था. अगर सबसे अमीर MLA की बात करें तो बीजेपी के मुंगेर से विधायक कुमार प्रणय के पास 170 करोड़ रुपये से अधिक की घोषित संपत्ति है.
बिहार विधानसभा चुनाव में एक दर्जन से भी ज्यादा सीटों पर बाहुबली नेता खुद मैदान में थे या फिर अपने परिवार के किसी को चुनाव लड़ा रहे थे. एनडीए हो या फिर महागठबंधन दोनों ने बाहुबालियों पर दांव लगाया था. देखिए कौन-कौन जीता.
जेल में बंद रहने के बावजूद मोकामा पर अनंत सिंह का बाहुबल कैसे कायम है? जानिए उनकी राजनीति, जातिगत पकड़, संगठनात्मक नेटवर्क के सामने सूरजभान गुट की चुनौती कैसे पीछे रह गई.