9/11 हमला
11 सितंबर 2001 (11 September 2001) को संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के न्यूयॉर्क शहर (New York City) में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (World Trade Center) पर आतंकी हमला हुआ था. यह हमला आतंकवादी इस्लामी चरमपंथी नेटवर्क अल-कायदा (Al Qaeda) ने किया, जो चार आत्मघाती आतंकवादी हमलों की एक श्रृंखला थी (Terror Attack). 11 सितंबर 2001 मंगलवार की सुबह, उन्नीस आतंकवादियों ने चार उत्तरपूर्वी यू.एस. से कैलिफोर्निया जाने वाली विमानों को उड़ान के दौरान अपहरण कर लिया (Hijacked Airliners,U.S. to California). हमलावरों के पांच सदस्यों की तीन समूह थे, जिसमें प्रत्येक समूह में एक नामित उड़ान-प्रशिक्षित अपहरणकर्ता शामिल था. उसने विमान पर नियंत्रण कर लिया था.
अपहर्ताओं ने न्यूयॉर्क शहर में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के उत्तर और दक्षिण टावर्स में पहले दो विमानों को टकराया और तीसरा विमान वर्जीनिया के अर्लिंग्टन में पेंटागन (Pentagon) से टकराया. चौथे विमान का इरादा वाशिंगटन, डीसी में एक संघीय सरकारी इमारत से टकराने के लिए था, लेकिन इसके बजाय एक यात्री विद्रोह के बाद शैंक्सविले, पेनसिल्वेनिया (Shanksville, Pennsylvania) के बाहर एक मैदान में दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उनका हमला विफल हो गया.
इन हमलों में 2,977 मौतें हुईं और 25,000 से अधिक लोग घायल हुए (Death in 9/11 Attack). साथ ही, कम से कम $ 10 बिलियन का नुकसान हुआ. यह मानव इतिहास में सबसे घातक आतंकवादी हमला था. संयुक्त राज्य अमेरिका के इतिहास में अग्निशामकों और कानून प्रवर्तन अधिकारियों के लिए सबसे घातक घटना है. हमले में मारे गए लोगों के याद में कई स्मारकों का निर्माण किया गया है, जिनमें न्यूयॉर्क शहर में राष्ट्रीय सितंबर 11 स्मारक और संग्रहालय, वर्जीनिया के अर्लिंग्टन काउंटी में पेंटागन स्मारक (Pentagon Memorial) और पेंसिल्वेनिया दुर्घटना स्थल पर उड़ान 93 राष्ट्रीय स्मारक शामिल (93 National Memorial) हैं.
हमले में इस्तेमाल किया गया पहला विमान अमेरिकन एयरलाइंस फ्लाइट 11 (American Airlines Flight 11) था. यह लोअर मैनहट्टन में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर परिसर के उत्तरी टॉवर में सुबह 8.46 पर टकराया था. लगभग 17 मिनट बाद, 9:03 बजे, यूनाइटेड एयरलाइंस 175 (United Airlines Flight 175) को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर का साउथ टॉवर से टकरा गया. 110-मंजिल का यह दोनों टावर दो घंटे के भीतर ढह गए. एक तीसरी अपहृत उड़ान, अमेरिकन एयरलाइंस फ़्लाइट 77 (American Airlines Flight 77), वर्जीनिया के अर्लिंग्टन काउंटी में सुबह 9:37 बजे अमेरिकी सेना का मुख्यालय, पेंटागन के पश्चिम की ओर टकराया गई. चौथी और अंतिम उड़ान, यूनाइटेड एयरलाइंस फ़्लाइट 93 (United Airlines Flight 93), सुबह 10:03 बजे पेन्सिलवेनिया के स्टोनीक्रीक टाउनशिप में एक खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. जांचकर्ताओं ने के मुताबिक फ्लाइट 93 का लक्ष्य या तो यू.एस. कैपिटल या व्हाइट हाउस (White House) था (9/11 Terror Attack in USA).
9/11 की घटना ने सिर्फ अमेरिका की सुरक्षा और राजनीति नहीं बदली. उसने इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को भी यह सोचने पर मजबूर कर दिया था कि हादसे और कल्पना के बीच की सीमा आखिर कहां है? यह बदलाव किसी एक फिल्म या एक स्टूडियो तक सीमित नहीं था.
9/11 से पहले भी हॉलीवुड में अरब और मुस्लिम किरदारों को लेकर स्टीरियोटाइप मौजूद था. लेकिन हमले के बाद आतंकवाद अमेरिकी समाज के सबसे बड़े डर में बदल गया और पर्दे पर भी उसका एक चेहरा तैयार हो गया. उस चेहरे की दाढ़ी थी, अरबी लहजा था, कभी सिर पर टोपी या पगड़ी थी और अक्सर हाथ में बंदूक.
11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए दर्दनाक आतंकवादी हमले ने न केवल वैश्विक राजनीति को बदला, बल्कि सिनेमा के पर्दे पर भी गहरा प्रभाव छोड़ा है.
क्या 9/11 आतंकी हमले की सबसे बड़ी कड़ी सालों तक सभी की नजरों के सामने खुली घूमती रही? वो भी अफगानिस्तान की गुफाओं या अल-कायदा के ट्रेनिंग कैंपों में नहीं, बल्कि अमेरिका के कैलिफोर्निया में. नाम था उमर अल-बायूमी. सालों तक बायूमी यही दावा करता रहा कि वह सिर्फ एक मददगार सऊदी छात्र था, जिसने अमेरिका आए अपने दो देशवासियों की रहने में मदद की थी. लेकिन अब सामने आए दस्तावेज उसकी इस कहानी पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं. कूटनीति में आज बात करेंगे 9/11 हमले के नए जांच तथ्यों, बायूमी के संदिग्ध नेटवर्क और सऊदी खुफिया तंत्र से जुड़ती कड़ियों की. एफबीआई के सार्वजनिक हुए दस्तावेज, कोर्ट रिकॉर्ड्स, बैंक ट्रांसफर और एक हाथ से लिखा एयरक्राफ्ट से जुड़े कैलकुलेशन वाला पन्ना ये सभी इशारा करते हैं कि बायूमी सिर्फ मदद नहीं कर रहा था, बल्कि वह 9/11 के लिए आतंकियों को तैयार कर रहा था.
9/11 आतंकी हमले के 25 साल बाद एक नया खुलासा हुआ है. ओमर अल-बायूमी से जुड़ी नई वीडियो फुटेज सामने आई है. इसमें बायूमी अल-कायदा के नेता अनवर अल-अवलाकी के साथ नजर आ रहा है. दोनों पेंटबॉल खेलते और बातचीत करते दिख रहे हैं. इस दौरान सऊदी अरब के इस्लामिक मामलों के मंत्रालय से जुड़ा एक अधिकारी भी वहां मौजूद था.
पाकिस्तान के मौलाना फजलुर रहमान ने खुलासा किया कि 9/11 के बाद पाकिस्तान ने एक साथ अमेरिका और आतंकियों को समर्थन किया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने तालिबान को मजबूत किया है, लेकिन अब मामला उल्टा है.
आतंकवाद पर पाकिस्तान की पोल खोलने के लिए कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अगुवाई में सांसदों का प्रतिनिधिमंडल अमेरिका पहुंचा है.शशि थरूर बोले कि भारत पर हमला करने वाली दुष्ट शक्तियों के खिलाफ हम चुप नहीं बैठेंगे.
दाऊद इब्राहिम, मसूद अजहर और हाफिज सईद ऐसे आतंकी हैं जो पाकिस्तानी सरकार की सरपरस्ती में बैठे हैं और भारत लगातार इन पर एक्शन लेने की अपील करता रहा है. बावजूद इसके पाकिस्तान इन आतंकियों को पनाह देकर दुनियाभर में अपना नापाक चेहरा उजागर करता आया है.
अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन ने 9/11 हमले के गुनहगारों के साथ की गई याचिका डील को रद्द कर दिया है. उन्होंने यह ऐलान तब किया जब दो दिन पहले ही गुनहगार डील पर हस्ताक्षर करने को राजी हुए थे. मसलन, डील के तहत गुनहगारों की मृत्युदंड की सजा को रद्द किया जाना था.
आवारा कुत्तों का आतंक कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है. खासकर दिल्ली-एनसीआर में आदमखोर कुत्तों के काटने की घटनाएं बड़ी संख्या में सामने आ रही है. ताजा मामला नोएडा के सेक्टर 53 का है. यहां टहलने गए एक पिट बुल नस्ल के कुत्ते ने एक आवारा कुत्ते पर जानलेवा हमला कर दिया. इससे पहले कई बच्चों की मौत हो चुकी है.
अमेरिका में 9/11 आतंकी हमले की 22वीं बरसी पर राष्ट्रपति जो बाइडन ने अलास्का में श्रद्धांजलि दी. न्यूयॉर्क के विश्व व्यापार केंद्र, पेंटागन और पेन्सिलवेनिया के शैंक्सविले से लेकर अलास्का तथा अन्य जगहों पर 22वीं बरसी पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. देखें अमेरिका से जुड़ी बड़ी खबरें.
अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA को पाकिस्तान में एक बंगले का पता लगा, जहां कई चीजें काफी अलग थीं. घर में खिड़कियां तो थीं, लेकिन बंद रहतीं. चारों तरफ ऊंची दीवारें मकान को ऐसे घेरे हुए थीं, जैसा जेल में भी न होता हो. लेकिन शक की असल वजह था, वहां जरूरत से ज्यादा कपड़ों का सूखना. आज के इस वीडियो में जानिए Operation Abbottabad की पूरी Inside Story.
9/11 के लिए जिम्मेदार आतंकी ओसामा बिन लादेन की कथित हत्या के बाद उनकी लाश को किसी ने नहीं देखा. कहा जाता है कि बॉडी को समुद्र में फेंक दिया गया. वहीं कई एक्सपर्ट दावा करते हैं कि लादेन के शरीर के कई टुकड़े करके फेंक दिया गया. अमेरिका ऐसा पहले भी कई आतंकियों के साथ कर चुका है. इस्लामिक स्टेट के सरगना बगदादी के बारे में भी यही कहा जाता है.