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'9/11 के बाद US और आतंकियों संग डबल गेम...', PAK मौलाना ने खोल दी पोल

पाकिस्तान के मौलाना फजलुर रहमान ने खुलासा किया कि 9/11 के बाद पाकिस्तान ने एक साथ अमेरिका और आतंकियों को समर्थन किया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने तालिबान को मजबूत किया है, लेकिन अब मामला उल्टा है.

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पाकिस्तान में विपक्षी लीडर और मौलाना फजलुर रहमान ने बड़ा खुलासा कर दिया है. (File Photo: AFP)
पाकिस्तान में विपक्षी लीडर और मौलाना फजलुर रहमान ने बड़ा खुलासा कर दिया है. (File Photo: AFP)

पाकिस्तान की जमीअत उलेमा-ए-इस्लाम (JUI) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है. उन्होंने स्वीकार किया कि 9/11 हमलों के बाद पाकिस्तान ने एक साथ अमेरिका का साथ दिया और आतंकियों को भी समर्थन प्रदान किया. यह बयान पाकिस्तान की दोहरी नीति (Double Game) को लेकर लंबे समय से लगाए जा रहे आरोपों को मजबूती देता है.

मौलाना फजलुर रहमान ने कहा कि 9/11 के बाद पाकिस्तान की सरकारें अमेरिका के नेतृत्व वाले अफगानिस्तान युद्ध में शामिल हुईं, लेकिन उसी समय आतंकियों को भी समर्थन देती रहीं. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने इन आतंकियों को इतना मजबूत किया कि वे अंततः अफगानिस्तान की पुरानी सरकार (बुरहानुद्दीन रब्बानी सरकार) को चुनौती देने लायक हो गए.

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उनके अनुसार, पाकिस्तान ने दोनों तरफ खेल खेला - एक तरफ अमेरिका को साथ दिया और दूसरी तरफ अपने समर्थक आतंकी समूहों को मजबूत किया.

क्या बोले मौलाना रहमान, यहां देखिए वीडियो

अफगान तालिबान के साथ पाकिस्तान का रिश्ता

मौलाना फजलुर रहमान ने अफगान तालिबान पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान हमेशा अफगानिस्तान में एक प्रो-पाकिस्तान सरकार चाहता था. इसी वजह से उसने बुरहानुद्दीन रब्बानी की सरकार के खिलाफ तालिबान का समर्थन किया. लेकिन अब स्थिति बदल गई है.

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मौलाना ने आरोप लगाया कि तालिबान अब भारत के करीब जा रहे हैं, जिससे पाकिस्तान की रणनीति पूरी तरह नाकाम हो गई है. मौलाना फजलुर रहमान ने पाकिस्तान की पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अतीत में पाकिस्तान ने आतंकियों को खुलकर समर्थन दिया, जिसके गंभीर परिणाम सामने आए.

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उनके बयान से यह साफ होता है कि पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान नीति में दोहरे मापदंड अपनाता रहा है. एक तरफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एक छवि दिखाना और दूसरी तरफ अपनी रणनीतिक महत्वाकांक्षाएं पूरी करना.

Fazlur Rehman Pakistan Double Game

बयान का महत्व

यह बयान इसलिए ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि मौलाना फजलुर रहमान पाकिस्तान की राजनीति में धार्मिक और विपक्षी दलों के प्रमुख चेहरे माने जाते हैं. उन्होंने खुद उस दौर की नीतियों की आलोचना की है, जब पाकिस्तान अमेरिका का सबसे बड़ा सहयोगी था लेकिन साथ ही तालिबान और अन्य समूहों को पनाह भी दे रहा था.

यह खुलासा उन देशों और विशेषज्ञों की बातों को पुष्ट करता है जो लंबे समय से कहते रहे हैं कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरी भूमिका निभा रहा था. मौलाना ने चेतावनी देते हुए कहा कि अफगान तालिबान अब पाकिस्तान के नियंत्रण से बाहर हो चुके हैं और धीरे-धीरे भारत की ओर बढ़ रहे हैं. इससे पाकिस्तान की अफगान नीति पूरी तरह विफल साबित हो रही है. 

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मौलाना फजलुर रहमान का बयान पाकिस्तान की पुरानी नीतियों का एक दुर्लभ स्वीकारोक्ति है. इसमें 9/11 के बाद की दोहरी खेल नीति, तालिबान को समर्थन और अब बदलते रिश्तों का जिक्र है. यह बयान न सिर्फ पाकिस्तान की पिछली सरकारों पर सवाल उठाता है बल्कि वर्तमान में अफगानिस्तान के साथ उसके संबंधों की नाकामी को भी उजागर करता है. 
 

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