क्या 9/11 आतंकी हमले की सबसे बड़ी कड़ी सालों तक सभी की नजरों के सामने खुली घूमती रही? वो भी अफगानिस्तान की गुफाओं या अल-कायदा के ट्रेनिंग कैंपों में नहीं, बल्कि अमेरिका के कैलिफोर्निया में. नाम था उमर अल-बायूमी. सालों तक बायूमी यही दावा करता रहा कि वह सिर्फ एक मददगार सऊदी छात्र था, जिसने अमेरिका आए अपने दो देशवासियों की रहने में मदद की थी. लेकिन अब सामने आए दस्तावेज उसकी इस कहानी पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं. कूटनीति में आज बात करेंगे 9/11 हमले के नए जांच तथ्यों, बायूमी के संदिग्ध नेटवर्क और सऊदी खुफिया तंत्र से जुड़ती कड़ियों की. एफबीआई के सार्वजनिक हुए दस्तावेज, कोर्ट रिकॉर्ड्स, बैंक ट्रांसफर और एक हाथ से लिखा एयरक्राफ्ट से जुड़े कैलकुलेशन वाला पन्ना ये सभी इशारा करते हैं कि बायूमी सिर्फ मदद नहीं कर रहा था, बल्कि वह 9/11 के लिए आतंकियों को तैयार कर रहा था.