वॉट्सऐप पिछले कुछ समय से कई यूजर्स के अकाउंट बैन कर चुका है. भारत समेत कई देशों के यूजर्स ने शिकायत की कि उनका WhatsApp अकाउंट अचानक 24 घंटे के लिए बंद हो गया. इस दौरान वे न मैसेज भेज पाए, न कॉल कर पाए और न ही ऐप का इस्तेमाल कर सके. बाद में मेटा ने साफ किया कि ऐसे अकाउंट्स की ऐक्टिविटी और डिवाइस की जांच की जा रही थी. ज्यादातर मामलों में 24 घंटे बाद अकाउंट फिर से चालू हो गया.
सवाल ये है कि वॉट्सऐप किसी अकाउंट को अचानक रिव्यू में क्यों डाल देता है. क्या बिना गलती के भी ऐसा हो सकता है. और सबसे जरूरी बात, ऐसी कौन सी गलतियां हैं जिनकी वजह से आपका अकाउंट हमेशा के लिए भी बंद हो सकता है?
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वॉट्सऐप दुनिया का सबसे बड़ा मैसेजिंग प्लेटफॉर्म है. हर महीने इसके 3 अरब से ज्यादा एक्टिव यूजर्स हैं. इतने बड़े प्लेटफॉर्म पर स्पैम, फ्रॉड, फर्जी लिंक, स्कैम और ऑटोमेटेड अकाउंट्स की संख्या भी बहुत ज्यादा होती है. इन्हें रोकने के लिए कंपनी पूरी तरह इंसानों पर निर्भर नहीं रहती. इसके लिए ऑटोमेटेड सिस्टम, मशीन लर्निंग और यूजर रिपोर्ट्स का इस्तेमाल किया जाता है. अगर सिस्टम को किसी अकाउंट की ऐक्टिविटी नॉर्मल नहीं लगती, तो पहले उसे Under Review में डाला जा सकता है. गंभीर मामलों में अकाउंट परमानेंट भी बैन हो सकता है.
कई लोगों को लगता है कि वॉट्सऐप सिर्फ गाली देने या गलत मैसेज भेजने पर अकाउंट बंद करता है. लेकिन असल वजहें इससे कहीं ज्यादा हैं. सबसे आम वजह स्पैम है. अगर कोई व्यक्ति कुछ मिनटों में सैकड़ों लोगों को एक जैसा मैसेज भेज रहा है, लगातार अनजान नंबरों पर मैसेज कर रहा है या बहुत सारे लोग उसके नंबर को रिपोर्ट और ब्लॉक कर रहे हैं, तो सिस्टम इसे संदिग्ध मान सकता है. ऐसे मामलों में अकाउंट पहले रिव्यू में जाता है और जरूरत पड़ने पर बैन भी हो सकता है.
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एक और बड़ी वजह है अनऑफिशियल वॉट्सऐप ऐप का इस्तेमाल. आज भी लाखों लोग GB WhatsAp, FM WhatsApp जैसे मॉडिफाइड ऐप डाउनलोड कर लेते हैं क्योंकि इनमें एक्स्ट्रा फीचर मिलते हैं. लेकिन मेटा कहता है कि ये ऐप उसकी शर्तों का उल्लंघन करते हैं. अगर सिस्टम को पता चलता है कि कोई यूजर ऐसे ऐप का इस्तेमाल कर रहा है, तो पहले अस्थायी कार्रवाई हो सकती है और बाद में स्थायी बैन भी लगाया जा सकता है.
वॉट्सऐप उन अकाउंट्स पर भी नजर रखता है जो थर्ड पार्टी टूल्स से ऑटोमैटिक मैसेज भेजते हैं. कुछ लोग सॉफ्टवेयर की मदद से हजारों लोगों को प्रमोशनल मैसेज या लिंक भेजते हैं. कंपनी इसे सामान्य इंसानी गतिविधि नहीं मानती. ऐसे अकाउंट्स पर कार्रवाई की संभावना काफी बढ़ जाती है.
यूजर रिपोर्ट भी बहुत अहम भूमिका निभाती है. अगर कम समय में बड़ी संख्या में लोग किसी नंबर को रिपोर्ट करते हैं, तो सिस्टम उस अकाउंट की जांच शुरू कर सकता है. इसका मतलब यह नहीं कि हर रिपोर्ट के बाद अकाउंट तुरंत बैन हो जाएगा. लेकिन अगर रिपोर्ट्स के साथ संदिग्ध गतिविधि भी दिखाई देती है, तो कार्रवाई हो सकती है.
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हाल में जिन अकाउंट्स को Under Review में डाला गया, उनमें कई यूजर्स का कहना था कि उन्होंने कोई नियम नहीं तोड़ा था. मेटा ने भी यह नहीं कहा कि सभी यूजर्स ने नियम तोड़े थे. कंपनी का कहना था कि कुछ मामलों में सुरक्षा जांच के लिए भी अकाउंट की समीक्षा की जाती है. यानी हर Under Review का मतलब यह नहीं होता कि आपने कोई गलती की है.
अगर आपका अकाउंट अचानक रिव्यू में चला जाए, तो घबराने की जरूरत नहीं है. स्क्रीन पर दिए गए Request Review विकल्प का इस्तेमाल करें और कंपनी के फैसले का इंतजार करें. बार-बार नया अकाउंट बनाने या अलग-अलग तरीके से लॉगिन करने की कोशिश न करें. इससे मामला और उलझ सकता है. वॉट्सऐप अकाउंट सुरक्षित रखना मुश्किल नहीं है.
हमेशा Play Store या App Store से डाउनलोड किया गया ऑफशियल वॉट्सऐप ही इस्तेमाल करें. किसी भी मॉडिफाइड ऐप से दूर रहें. अनजान लोगों को लगातार मैसेज न भेजें. एक साथ बहुत ज्यादा लोगों को एक जैसा मैसेज भेजने से बचें. फर्जी ऑफर, स्कैम लिंक या संदिग्ध फाइल शेयर न करें. अगर बिजनेस के लिए वॉट्सऐप इस्तेमाल करते हैं, तो सिर्फ आधिकारिक WhatsApp Business और उसके ऑफिशियल टूल्स का ही इस्तेमाल करें.
मेटा हर महीने लाखों अकाउंट्स पर कार्रवाई करता है. कंपनी की ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट बताती है कि स्पैम, फ्रॉड और नियमों के उल्लंघन की वजह से बड़ी संख्या में अकाउंट हटाए जाते हैं. हाल के महीनों में भारत में डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी से जुड़े हजारों वॉट्सऐप अकाउंट्स पर भी कार्रवाई की गई है.