आधार कार्ड आज हमारी जिंदगी का एक जरूरी हिस्सा बन चुका है. बैंक से जुड़े काम हों, सरकारी योजनाओं का फायदा लेना हो या फिर पहचान वेरीफाई करनी हो, कई जगह आधार की जरूरत पड़ती है.
लेकिन क्या आप जानते हैं कि परिवार में किसी सदस्य की मौत होने के बाद उसके आधार कार्ड को लेकर भी एक जरूरी काम करना चाहिए? अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो मृत व्यक्ति के आधार का गलत इस्तेमाल होने का खतरा हो सकता है.
इसी वजह से भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने अब तक 2.5 करोड़ से ज्यादा आधार नंबर बंद कर दिए हैं. यह कदम मृत लोगों के आधार का गलत इस्तेमाल रोकने और सरकारी रिकॉर्ड को सही रखने के लिए उठाया गया है.
आधार का गलत इस्तेमाल कैसे हो सकता है?
मान लीजिए कि आपके परिवार में किसी सदस्य की मौत हो गई है. ऐसे में अगर उसके आधार से जुड़े रिकॉर्ड अपडेट नहीं होते हैं, तो कोई व्यक्ति उसकी पहचान का गलत इस्तेमाल करने की कोशिश कर सकता है.
इसके जरिए सरकारी योजनाओं का फायदा लेने या दूसरे तरह के फ्रॉड करने का खतरा हो सकता है. सिर्फ आधार नंबर बंद करने से हर तरह का फ्रॉड नहीं रुकता, लेकिन इससे पहचान के गलत इस्तेमाल का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है.
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मौत के बाद आधार कार्ड कैसे बंद कराएं?
अगर आपके परिवार में किसी सदस्य की मौत हो गई है, तो सबसे पहले उसका डेथ सर्टिफिकेट यानी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लें. इसके बाद UIDAI के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर मृत परिवार के सदस्य की मौत की जानकारी देने वाली सर्विस का इस्तेमाल कर सकते हैं.
इसके लिए आप https://myaadhaar.uidai.gov.in पर जा सकते हैं. वहां Reporting of Death of a Family Member सर्विस के जरिए जरूरी जानकारी देना होगा. इसमें मृत व्यक्ति का आधार नंबर, मृत्यु पंजीकरण नंबर और मांगी गई दूसरी जानकारी देनी पड़ सकती है.
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आधार बंद कराना क्यों जरूरी है?
परिवार के किसी सदस्य की मौत के बाद उसके जरूरी दस्तावेजों और सरकारी रिकॉर्ड को अपडेट रखना जरूरी है. इससे उसकी पहचान का गलत इस्तेमाल रोकने में मदद मिलती है.
इसलिए मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के साथ आधार से जुड़े रिकॉर्ड की जानकारी लेना भी जरूरी है.एक बात और ध्यान रखें कि किसी व्यक्ति का आधार नंबर हमेशा के लिए उसी का रहता है. उसे किसी दूसरे व्यक्ति को दोबारा जारी नहीं किया जाता.