आधार कार्ड(Aadhaar Card) एक 12-अंक का विशिष्ट पहचान संख्या है जिससे भारत के नागरिकों की पहचान बायोमेट्रिक आईडी सिस्टम से होती है (biometric ID system). इसके लिए डेटा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा एकत्र किया जाता है. यह भारत सरकार द्वारा जनवरी 2009 में स्थापित एक वैधानिक प्राधिकरण है. आधार कार्ड, अधिनियम 2016 प्रावधानों का पालन करते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Electronics and Information Technology) के अधिकार क्षेत्र में आता है.
आधार कार्ड दुनिया का सबसे बड़ा बायोमेट्रिक आईडी सिस्टम है (Aadhaar Card, World's Largest Biometric ID System). विश्व बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री पॉल रोमर (Economist Paul Romer) ने आधार को "दुनिया में सबसे परिष्कृत आईडी कार्यक्रम" के रूप में वर्णित किया था. जून 2017 में गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि आधार कार्ड नेपाल और भूटान की यात्रा करने वाले भारतीयों के लिए एक वैध पहचान दस्तावेज नहीं है (Aadhaar is not a valid ID for Nepal and Bhutan).
अधिनियम के अधिनियमन से पहले, यूआईडीएआई ने 28 जनवरी 2009 से योजना आयोग जो अब नीति आयोग (NITI Aayog)) है, के एक संलग्न कार्यालय के रूप में कार्य किया था. 3 मार्च 2016 को आधार को विधायी समर्थन देने के लिए संसद में एक धन विधेयक पेश किया गया था. 11 मार्च 2016 को आधार (वित्तीय और अन्य सब्सिडी, लाभ और सेवाओं का लक्षित वितरण) अधिनियम, 2016 लोकसभा में पारित किया गया था (Aadhaar Act, 2016, passed in the Lok Sabha).
सुप्रीम कोर्ट ने आधार कार्ड के लिए सख्त नियम लागू करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से मना कर दिया. याचिकाकर्ता ने आधार कार्ड नीति में बदलाव की मांग की थी, ताकि घुसपैठियों की ओर से फर्जी आधार कार्ड बनवाने की प्रोसेस पर रोक लगाई जा सके.
आधार कार्ड को लेकर एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. रिपोर्ट में दावा किया है कि सिक्योरिटी के मद्देनजर प्रिंटिड कॉपी से कई डिटेल्स को छिपाया जा सकेगा. मौजूदा समय में आधार कार्ड पर नाम, डेट ऑफ बर्थ (DOB), फोटो, पता और पिता का नाम आदि दिया जाता है.
यूआईडीएआई ने कहा कि आधार कार्ड एक वैलिड डॉक्यूमेंट है और इसे पहचान के तौर पर एक्सेप्ट किया जा सकता है, लेकिन यह डेट ऑफ बर्थ का प्रूफ नहीं हो सकता है. आइए जानते हैं क्यों ये डेट ऑफ बर्थ का दस्तावेज नहीं माना जा सकता है?
भारत सरकार के मंत्रालय ने आधार ऐप को लेकर दिए गए प्रस्ताव को वापस ले लिया है. UIDAI चाहता था कि भारत में सेल होने वाले सभी स्मार्टफोन में आधार ऐप अनिवार्य होना चाहिए और इसके लिए प्राधिकरण ने मंत्रालय से बातचीत की. इसके बाद मंत्रालय ने मोबाइल मैन्युफैक्चरर से प्रस्ताव पर बातचीत की, जिसके बाद अब उसको वापस लिया जा चुका है.
1 अप्रैल 2026 से, PAN कार्ड से जुड़े कुछ नियम बदल गए हैं. केंद्र सरकार ने नया नियम लागू किया है. नियम के मुताबिक, पहले हर मोटर व्हीकल खरीदने पर PAN कार्ड दिखाना होता था, लेकिन अब ये नियम बदल गया है. जानें और क्या बदलाव हुआ...
1 अप्रैल 2026 से पैन कार्ड से जुड़े नियमों में कई अहम बदलाव लागू हो रहे हैं, जिससे वित्तीय लेनदेन और डॉक्यूमेंटेशन ज्यादा सख्त हो जायेंगे. अब पैन कार्ड बनवाने के लिए सिर्फ आधार पर्याप्त नहीं होगा. आधार के साथ एक अतिरिक्त दस्तावेज जैसे बर्थ सर्टिफिकेट या ड्राइविंग लाइसेंस देना जरूरी होगा. बैंकिंग नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है. पहले 50,000 रुपये के कैश डिपॉजिट पर पैन जरूरी था, लेकिन अब सालाना 10 लाख रुपये से ज्यादा जमा करने पर पैन अनिवार्य होगा
न्यू आधार ऐप का यूज करके घर बैठे ही मोबाइल नंबर को चेंज या अपडेट किया जा सकता है. इसका बहुत ही सिंपल प्रोसेस है. आइये इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
उत्तर प्रदेश के रायबरेली में रहने वाले मोहम्मद नाम एक शख्स हैं. वह जीविका चलाने के लिए मिट्टी से बर्तन आदि बनाते हैं और उनको बेचते है. उनके Aadhar-Pan Card का मिसयूज हुआ, और 1.25 करोड़ का नोटिस मिला.
आ रहा Aadhaar AI Mitra... साइबर ठगों को रोकने का यूनिक तरीका
आधार कार्ड की सेफ्टी को लेकर एक नया चैटबॉट आ रहा है, जिसका नाम आधार AI मित्र होगा. इसकी मदद से आधार कार्ड होल्डर्स को साइबर ठगी और अन्य प्रॉब्लम से बचाया जाएगा. यह चैटबॉट बड़ी ही अनोखे तरीके से काम करेगा. नई दिल्ली में चल रहे AI इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान UIDAI ने जानकारी दी है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
अगर आप नया प्लॉट खरीदने की सोच रहे हैं, तो एक छोटी सी लापरवाही आपकी जिंदगी भर की कमाई पर भारी पड़ सकती है. साल 2026 में जमीन खरीद के नियम पहले से ज्यादा सख्त और डिजिटल हो चुके हैं, इसलिए डील फाइनल करने से पहले जरूरी दस्तावेजों की पूरी जांच करना बेहद जरूरी है.
आधार से जुड़े फ्रॉड्स के चलते लोगों में डर बना रहता है कि कहीं उनकी पहचान का गलत उपयोग न हो. ज्यादातर धोखाधड़ी आधार के बायोमेट्रिक डाटा के गलत इस्तेमाल से होती है. फिंगरप्रिंट या आई स्कैनिंग के गलत हाथों में जाने से आपकी पहचान खतरे में पड़ सकती है. UIDAI ने इस समस्या को देखते हुए आधार बायोमेट्रिक लॉक करने की सुविधा प्रदान की है.
आए दिन आधार से जुड़े फ्रॉड्स की खबरें आती रहती हैं. ऐसे में लोगों को हमेशा एक डर होता है कि उनके साथ भी स्कैम ना हो जाए. इससे बचने के लिए आपको आधार के सेटिंग्स में जा कर कुछ बदलवा करने होंगे.
Aadhaar fraud से बचना है? अभी biometric lock करें. UIDAI की इस setting से fake SIM, bank fraud और KYC scams का खतरा कम होगा.
Update Aadhaar mobile number: आधार कार्ड पर फोन नंबर बदलने के लिए लोगों को अभी तक एनरोलमेंट सेंटर्स के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं करना होगा.
Aadhaar Numbers Deactivated: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने 2.5 करोड़ लोगों के आधार डेटाबेस को डिएक्टिवेट या कहें कि डिलीट कर दिया है. UIDAI ने यह फैसला बेहतर एक्युरेसी और सरकारी योजनाओं के मिसयूज को रोकने के लिए लिया है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
आधार कार्ड, एक भारतीय की पहचान का मुख्य सोर्स बन चुका है. अगर आपका नौकर, नौकरानी, या फिर ड्राइवर कोई फर्जी आधार कार्ड देता है, तो उसे अब आसानी से वेरिफाई किया जा सकता है.
प्रॉपर्टी के सौदे में एक छोटी सी लापरवाही आपकी पूरी जमापूंजी डुबो सकती है. जालसाजों के इस खेल में असली दिखने वाले कागजों के पीछे का सच कैसे पहचानें? यहां जानें उन जरूरी स्टेप्स के बारे में, जो आपको हर कदम पर सावधान रखेंगे.
न्यू आधार ऐप को लॉन्च हो चुका है, जो ऐप स्टोर और प्ले स्टोर पर दोनों पर मौजूद है. न्यू आधार ऐप में सभी फीचर्स को अनलॉक किया जा चुका है.
Aadhaar app launch 2026: UIDAI ने नए आधार ऐप का फुल वर्जन लॉन्च कर दिया है. ये ऐप iOS और Android दोनों ही प्लेटफॉर्म पर मिलेगा.
भारत सरकार ने नया Aadhaar App लॉन्च कर दिया है. अब नंबर अपडेट करने के लिए आधार सेंटर पर जाने की जरूरत नहीं होगी. इसमें कई नए फीचर्स ऐड किए गए हैं. पांच लोगों की प्रोफाइल भी ऐड कर सकते हैं. बताया गया है कि इसे ऑफलाइन भी यूज किया जा सकेगा. ऑथेन्टिकेशन के लिए अब आधार की कॉपी देने की जरूरत नहीं होगी. आइए जानते हैं इस ऐप के टॉप फीचर्स के बारे में.