दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई शहरों में सर्दियों का मौसम आते ही लोगों में डर का महौल बन जाता है. वजह है यहां की जहरीली हवा. विंटर्स शुरू नहीं हुए हैं, लेकिन हवा खराब हो चुकी है. AQI 100 के ऊपर है कई जगहों पर तो 200 से भी ज्यादा है. कुछ ही हफ्तों में ये हर साल की तरह 500 पार कर सकता है. ऐसे में एयर प्यूरिफायर को रोल बढ़ जाता है.
हवा खराब होने पर लोग घरों में एयर प्यूरिफायर चलाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एयर प्यूरिफायर खरीदने के बाद उसकी सही देखभाल करना भी उतना ही जरूरी है? अगर फिल्टर की सफाई गलत तरीके से की जाए या उसे समय पर न बदला जाए, तो डिवाइस की हवा साफ करने की कैपेसिटी घट सकती है और ये कबाड़ हो सकता है.
कई लोग पैसे बचाने के चक्कर में HEPA फिल्टर को पानी से धो देते हैं, जबकि कुछ लोग हर फिल्टर को वैक्यूम क्लीनर से साफ करने लगते हैं. ऐसा करना आपके एयर प्यूरिफायर को नुकसान पहुंचा सकता है. लेकिन असल में इन्हें कैसे रखना चाहिए आइए जानते हैं.
क्या हैं नियम
अमेरिका की पर्यावरण एजेंसी EPA और सैमसंग, फिलिप्स जैसी कंपनियों की गाइड के मुताबिक, फिल्टर की देखभाल का तरीका उसके टाइप पर निर्भर करता है. प्री-फिल्टर को कई मॉडल में धोकर दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन आम HEPA और एक्टिवेटेड कार्बन फिल्टर को पानी से धोना सही नहीं है. एयर प्यूरिफायर के फिल्टर को साफ रखने का सही तरीका क्या है और किन गलतियों से बचना चाहिए.
सबसे पहले समझिए, एयर प्यूरिफायर में कौन-कौन से फिल्टर होते हैं
ब्रांडेड एयर प्यूरिफायर में आम तौर पर एक से ज्यादा फिल्टर होते हैं. हर फिल्टर का काम अलग होता है. बाहर की तरफ लगा प्री-फिल्टर धूल, बाल और बड़े कणों को रोकता है. इससे अंदर लगे मुख्य फिल्टर पर गंदगी कम जमा होती है.
HEPA फिल्टर हवा में मौजूद बहुत छोटे कणों को पकड़ने का काम करता है. इनमें धूल, पराग कण और हवा में मौजूद कुछ बारीक कण शामिल हो सकते हैं. वहीं एक्टिवेटेड कार्बन फिल्टर कुछ गैसों और बदबू को कम करने में मदद करता है. हालांकि, हर कार्बन फिल्टर हर तरह की गैस को नहीं हटाता और उसकी क्षमता फिल्टर में मौजूद कार्बन की मात्रा पर भी निर्भर करती है.
इसलिए यह मान लेना गलत है कि सभी फिल्टर एक ही तरीके से साफ किए जा सकते हैं. गलत सफाई से फिल्टर खराब हो सकता है और उसे बदलने का खर्च भी बढ़ सकता है.
HEPA फिल्टर को पानी से धोने की गलती न करें
एयर प्यूरिफायर का सबसे अहम हिस्सा HEPA फिल्टर होता है. कई लोग इस पर धूल जमा देखकर इसे नल के नीचे धो देते हैं. लेकिन ज्यादातर घरेलू एयर प्यूरिफायर में लगे HEPA फिल्टर धोने के लिए नहीं बनाए जाते. पानी से धोने पर HEPA फिल्टर खराब हो जाता है और ठीक तरह से प्यूरिफिकेशन नहीं होत पाती है.
तो फिर इसकी सफाई कैसे करें? सबसे पहले अपने एयर प्यूरिफायर का मॉडल नंबर और उसके साथ मिली गाइड देखें. अगर कंपनी ने HEPA फिल्टर को धोने या वैक्यूम क्लीनर से साफ करने की अनुमति नहीं दी है, तो ऐसा न करें.
HEPA फिल्टर को प्यूरिफायर से निकाल कर उसके बाहरी हिस्सों को सॉफ्ट ब्रश से क्लीन करके डस्ट झाड़ सकते हैं. ध्यान रहे HEPA फिल्टर पर खरोंच ना डालें, सिर्फ आउटर डस्ट क्लीन करें.
अगर फिल्टर बहुत गंदा हो चुका है, उसका इस्तेमाल करने की तय अवधि पूरी हो गई है या मशीन बदलने का संकेत दे रही है, तो उसे साफ करने के बजाय बदलना बेहतर हो सकता है. नया फिल्टर लगाना ही कई बार उसकी सही कैपेसिटी बनाए रखने का तरीका होता है.
एक्टिवेटेड कार्बन फिल्टर को भी न धोएं
कार्बन फिल्टर का काम कुछ गैसों और बदबू को कम करना है. रसोई की गंध या कुछ दूसरी गंधों को कम करने में यह मदद कर सकता है. लेकिन इस्तेमाल के साथ इसकी गैस सोखने की क्षमता घटती जाती है.
इस फिल्टर को पानी से धोकर उसकी पुरानी कैपेसिटी वापस नहीं लाई जा सकती. अगर कार्बन फिल्टर पर धूल दिखाई दे रही है, तो इसका मतलब यह नहीं कि उसे धो देना चाहिए. इसे कब बदलना है, यह कंपनी की गाइड और फिल्टर की हालत पर निर्भर करता है.
कुछ एयर प्यूरिफायर में HEPA और कार्बन फिल्टर एक ही यूनिट में लगे होते हैं. ऐसे में फिल्टर की पूरी यूनिट बदलनी पड़ सकती है. अगर दोनों अलग-अलग हैं, तो कंपनी के निर्देश के अनुसार केवल जरूरी फिल्टर बदला जा सकता है. इससे बिना जरूरत पूरा सेट बदलने का खर्च बच सकता है.
प्री-फिल्टर की सफाई कैसे करें?
प्री-फिल्टर की देखभाल आम तौर पर सबसे आसान होती है. यह बड़े धूल कणों, बाल और दूसरी गंदगी को अंदर जाने से रोकता है. कई एयर प्यूरिफायर में इसे पानी से धोकर दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है. लेकिन हर मॉडल में यह सुविधा नहीं होती.
सफाई शुरू करने से पहले एयर प्यूरिफायर बंद करें और उसका प्लग निकाल दें. फिर कंपनी के निर्देश के मुताबिक सामने का कवर खोलकर प्री-फिल्टर बाहर निकालें. अगर उस पर धूल जमी है, तो पहले उसे हल्के हाथों से हटाएं. अगर कंपनी ने पानी से धोने की अनुमति दी है, तभी इसे साफ पानी से धोएं.
फिल्टर को जोर से रगड़ने या कड़ी ब्रश से साफ करने से बचें. इससे उसकी महीन जाली या सतह को नुकसान पहुंच सकता है. सफाई के बाद इसे पूरी तरह सूखने दें. गीला फिल्टर वापस लगाने से बचें, क्योंकि नमी के कारण डिवाइस के अंदर समस्या हो सकती है.
सैमसंग अपनी कुछ मशीनों में लगातार इस्तेमाल होने पर प्री-फिल्टर को हर दो हफ्ते में साफ करने की सलाह देता है. लेकिन आपके एयर प्यूरिफायर की जरूरत अलग हो सकती है. घर में धूल ज्यादा आती है, पालतू जानवर हैं या मशीन कई घंटे चलती है, तो प्री-फिल्टर जल्दी गंदा हो सकता है.
कितने समय बाद बदलना चाहिए फिल्टर?
हर एयर प्यूरिफायर के लिए फिल्टर बदलने का एक ही नियम नहीं है. यह मशीन के मॉडल, हवा में धूल की मात्रा, इस्तेमाल के घंटों और फिल्टर की बनावट पर निर्भर करता है. सैमसंग और डायसन अपनी कुछ मशीनों में लगातार इस्तेमाल के दौरान HEPA और कार्बन फिल्टर को करीब 6 से 12 महीने में बदलने की सलाह देता है.
सिर्फ कैलेंडर देखकर फिल्टर बदलने का फैसला न करें. मशीन पर फिल्टर बदलने का संकेत आए, हवा का बहाव कम हो जाए या फिल्टर बहुत गंदा दिखाई दे, तो उसकी जांच करें. हालांकि, सिर्फ धूल देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि HEPA फिल्टर अब कितने छोटे कण पकड़ पा रहा है. फिल्टर बदलने की लाइट को नजरअंदाज न करें और नया फिल्टर लगाने के बाद जरूरत पड़ने पर मशीन में उसका रिमाइंडर रीसेट करें.
एक और जरूरी बात यह है कि नया फिल्टर लगाते समय उसकी पैकिंग हटाना न भूलें. प्लास्टिक में लिपटा फिल्टर मशीन में लगा रहने पर हवा को सही तरीके से साफ नहीं कर पाएगा.