भारत में स्मार्टफोन की बिक्री को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है. त्योहारी सीजन शुरू होने के बाद भी देश में स्मार्टफोन की शिपमेंट में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. मार्केट रिसर्च फर्म की रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई से सितंबर 2026 के बीच भारत में स्मार्टफोन की शिपमेंट सालाना आधार पर 26% गिरकर 3.58 करोड़ यूनिट रह गई.
जुलाई से सितंबर के बीच इतनी कम शिपमेंट साल 2016 के बाद पहली बार देखी गई है. यानी करीब 10 साल में इस दौरान स्मार्टफोन की सप्लाई सबसे कम रही. आइए जानते हैं कि स्मार्टफोन की शिपमेंट में गिरावट की क्या वजहें हैं.
महंगे फोन और कम खरीदारी का असर
स्मार्टफोन की शिपमेंट में गिरावट की कई वजहें हैं. फोन की कीमतें बढ़ने और लोगों के सोच-समझकर खर्च करने से नए फोन की मांग पर असर पड़ा है. कई लोग अपना पुराना फोन बदलने के बजाय उसे कुछ समय और इस्तेमाल कर रहे हैं.
इसके अलावा, इस बार दिवाली देर से होने के कारण दुकानदारों ने त्योहार के लिए फोन का स्टॉक सितंबर के बजाय अक्टूबर में ज्यादा मंगाया. ऑनलाइन सेल के लिए भी कंपनियों ने पहले के मुकाबले कम फोन भेजे. इससे जुलाई से सितंबर के आंकड़ों पर असर पड़ा.
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जानिए कौन-सी कंपनी बनी नंबर-1
इस गिरावट के बीच Samsung ने भारतीय स्मार्टफोन बाजार में पहला स्थान हासिल किया है. कंपनी ने जुलाई से सितंबर के दौरान 67 लाख फोन की शिपमेंट की. सैमसंग ने करीब ढाई साल बाद फिर से नंबर-1 की जगह हासिल की है.
वहीं, Vivo 64 लाख यूनिट के साथ दूसरे नंबर पर रहा. कंपनी की शिपमेंट में सालाना आधार पर 34% की गिरावट आई. OPPO 49 लाख यूनिट के साथ तीसरे और Xiaomi 47 लाख यूनिट के साथ चौथे नंबर पर रहा. Apple ने 39 लाख यूनिट की शिपमेंट के साथ टॉप-5 में जगह बनाई.
चीनी ब्रांड्स की हिस्सेदारी भी घटी
रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय स्मार्टफोन बाजार में चीनी कंपनियों की कुल हिस्सेदारी एक साल में 75% से घटकर करीब 68% रह गई है. Samsung और Apple को अपने महंगे फोन, एक्सचेंज ऑफर और EMI जैसी सुविधाओं से फायदा मिला.
2027 में भी मुश्किल हो सकती है
रिपोर्ट के मुताबिक, 2027 में भी भारत के स्मार्टफोन बाजार में मामूली गिरावट आ सकती है. ऐसे में कंपनियों को ग्राहकों को नए फोन खरीदने की ठोस वजह देनी होगी. बेहतर फीचर्स, किफायती कीमत और काम के AI फीचर्स इसमें अहम भूमिका निभा सकते हैं.