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फ्रांस में रेफ्रिजरेटर को हैकर्स ने किया हैक, फ्रिज बने ओवन, फोन समेत अपना सामान ऐसे रखें सेफ

फ्रांस के कई सुपर मार्केट के रेफ्रिजरेटर को हैक कर लिया, जिसके बाद उन फ्रिज का तापमान बढ़ाकर 50 डिग्री सेल्सियस तक कर दिया गया. ऐसे में सुबह तक लाखों रुपये का सामान खराब हो गया. शुरुआत जांच में पता चला कि पुराने ऑपरेटिंग पर काम करने वाले फ्रिज को हैक किया, जिसके बाद वह ओवन की तरह काम करने लगे.

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स्मार्टफोन से फ्रिज तक पुराने OS की वजह से हो जाते हैं हैक.(Photo: AI Generated)
स्मार्टफोन से फ्रिज तक पुराने OS की वजह से हो जाते हैं हैक.(Photo: AI Generated)

फ्रांस से साइबर अटैक की जानकारी सामने आई है, जहां हैकर्स ने कई सुपर मार्केट्स के फ्रीजर के सिस्टम को निशाना बनाया. इसके बाद फ्रीजर का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया और लाखों रुपये का सामान गर्मी की वजह से बरबाद हो गया. अब सवाल आता है कि आखिर हैकर्स किसी डिवाइस को कैसे शिकार बनाते हैं और अपने सामान को कैसे सेफ रख सकते हैं. 

फ्रिज, टीवी, कंप्यूटर, मोबाइल जैसे कई इलेक्ट्रिक आइटम एक ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करते हैं. जहां स्मार्टफोन के लिए एंड्रॉयड, आईओेएस जैसे नाम हैं. वहीं अलग-अलग कंज्यूमर ब्रांड के अपने ऑपरेटिंग सिस्टम होते हैं. 

कंपनियां नए-नए खतरों का पता लगाती हैं और अपने ऑपरेटिंग सिस्टम में पुरानी खामियों को दूर करते हैं. इसके लिए वे एक समय अंतराल के बाद सिक्योरिटी अपडेट जारी करती हैं. 

नए अपडेट को इग्नोर करना पड़ेगा भारी 

कई यूजर्स अपडेट को नजर अंदाज कर देते हैं. ऐसे में हैकर्स पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) की कमजोरी का फायदा उठाते हैं और प्रोडक्ट के कंट्रोल सिस्टम तक पहुंच बना लेते हैं. इसके बाद या तो वह सिस्टम पर कंट्रोल कर लेते हैं या फिर उसके काम करने के तरीके बिगाड़ देते हैं. 

यह भी पढ़ें: फ्रीजर में साइबर अटैक से फ्रांस में हाहाकार, सुपरमार्केट के फ्रिज बने ओवन, 50°C तक पहुंचा टेंपरेचर

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इलेक्ट्रोनिक सामान क्यों हो जाते हैं हैक? 

स्मार्टफोन से लेकर रेफ्रिजरेटर के हैक होने के पीछे बहुत सी वजह होती हैं. आइये इनके बारे में जानते हैं. 

  • पुराना सॉफ्टवेयर : स्मार्टफोन से लेकर इंटरनेट पर चलने वाले कंज्यूमर इलेक्ट्रोनिक्स के सामान में ऑपरेटिंग सिस्टम होता है. अगर सॉफ्टवेयर पुराना है और उसमें खामी है तो हैकर्स उसका फायदा उठाकर उस डिवाइस को हैक कर सकते हैं. 
  • कमजोर पासवर्ड का होनाः हैकिंग की दूसरी बड़ी वजह कमजोर पासवर्ड भी होता है. कई बार स्मार्टफोन के क्लाउड या जीमेल अकाउंट को कमजोर पासवर्ड की वजह से हैक कर लिया जाता है. इसलिए हमेशा एक स्ट्रांग पासवर्ड का ही इस्तेमाल करें. 
  • असुरक्षित Wifi: स्मार्टफोन या घर के दूसरे सामान को अनजान वाईफाई से कनेक्ट करेंगे और वह साइबर हैकर्स का वाईफाई कनेक्शन हुआ तो वह आपके गैजेट तक पहुंच बना सकेंगे. इसके बाद वे कंट्रोल लेकर डेटा आदि चोरी कर सकते हैं. 

सुरक्षा एजेंसी ने शुरुआती जांच में बताया 

मामले को लेकर फ्रांस की साइबर सुरक्षा एजेंसी (ANSSI) ने जांच शुरू की. शुरुआती रिपोर्ट्स में बताया है कि डैनफॉस द्वारा लगाए गए रेफ्रिजरेशन कंट्रोलर के पुराने और आउटडेटेड सॉफ्टवेयर में मौजूद खामियों का हैकर्स ने फायदा उठाया है. इसके बाद हैकर्स को रेफ्रिजरेटर का रिमोटली कंट्रोल मिला और फिर उन्होंने फ्रिज का टेम्प्रेचर 50 डिग्री सेल्सियस तक पहंचा दिया गया है. 

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