श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में भारतीय टीम एक समय जीत हासिल करने की कगार पर थी, मगर सोनल दिनुषा की अगुवाई में श्रीलंका के निचले क्रम ने भारतीय गेंदबाजों को आखिरी दिन विकेट के लिए तरसा दिया. दिनुषा ने नाबाद 133 रन बनाए और अपनी टीम को हार से बचा लिया.
कोलंबो टेस्ट मैच ड्रॉ पर छूटने के साथ ही शुभमन गिल ने एक अनचाहा रिकॉर्ड बना दिया. शुभमन भारत के पहले कप्तान बन गए हैं, जिनकी कप्तानी में भारतीय टीम फॉलोऑन देने के बावजूद टेस्ट मैच जीत नहीं सकी और मुकाबला ड्रॉ रहा. इससे पहले भारत ने जिन आठ मौकों पर विपक्षी टीम्स को फॉलोऑन दिया था, उन सभी मुकाबलों में टीम इंडिया को जीत मिली थी.
भारत ने पहली बार 1987 में कटक टेस्ट में कपिल देव की कप्तानी में श्रीलंका को फॉलोऑन दिया था. उस मुकाबले में भारत ने जीत हासिल की थी. इसके बाद मोहम्मद अजहरुद्दीन, महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली और रोहित शर्मा ने भी कप्तानी के दौरान विपक्षी टीम को दोबारा बल्लेबाजी के लिए बुलाया.
यह भी पढ़ें: ‘ये बिल्कुल बेतुका है’, अनाया बांगड़ को क्रिकेट की इजाजत पर भड़कीं दक्षिण अफ्रीकी स्टार मरिजाने कैप
हर बार भारतीय टीम मैच जीतने में सफल रही. खास बात यह है कि इसी साल शुभमन गिल के अंडर भी भारत ने मुल्लांपुर टेस्ट में अफगानिस्तान को फॉलोऑन दिया था, लेकिन तब भारतीय टीम आसानी से जीत हासिल करने में कामयाब रही थी. हालांकि अबकी बार शुभमन ये सिलसिला बरकरार नहीं रख पाए.
पडिक्कल-जुरेल ने जड़े थे शतक
मैच में भारत ने 503/9 के स्कोर पर अपनी पहलीपारी घोषित की. देवदत्त पडिक्कल ने 117 रन बनाए, जबकि ध्रुव जुरेल ने 115 रनों की शानदार पारी खेली. इसके जवाब में श्रीलंका की पहली पारी 290 रनों पर खत्म हुई. भारत को 213 रनों की बढ़त मिली और गिल ने फॉलोऑन देने का फैसला लिया. भारत के पास मुकाबला खत्म करने के लिए पर्याप्त समय था, लेकिन श्रीलंका की दूसरी पारी ने पूरा समीकरण बदल दिया.
यह भी पढ़ें: WTC फाइनल में कैसे पहुंचेगी टीम इंडिया? 7 टेस्ट मैच बाकी, जानिए पूरा समीकरण
सोनल दिनुषा ने पहली पारी के बाद दूसरी पारी में भी भारतीय गेंदबाजों को परेशान किया. उन्होंने नाबाद शतक लगाकर श्रीलंका को हार से बचाने की नींव रखी. दिनुषा को निचले क्रम से भी शानदार सहयोग मिला. केशरा नुवांथा, प्रभात जयसूर्या, लाहिरू कुमारा और असिथा फर्नांडो ने मिलकर भारतीय गेंदबाजों को लंबे समय तक विकेट से दूर रखा. निचले क्रम ने कुल 292 गेंदों का सामना किया, जिससे भारत की जीत की उम्मीद लगातार कमजोर होती गई.
मुकाबला खत्म होने के समय श्रीलंका 216 रनों आगे था और सिर्फ 17 ओवर का खेल बाकी था. भारत के पास जीत के लिए जरूरी विकेट निकालने का समय नहीं बचा था, जबकि श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने ड्रॉ सुनिश्चित कर लिया. भारत ने सीरीज हालांकि 1-0 से अपने नाम कर ली, लेकिन कोलंबो टेस्ट का नतीजा कप्तान गिल के लिए एक यादगार उपलब्धि के बजाय अनचाहे रिकॉर्ड के रूप में दर्ज हो गया.