भारत की स्टार शटलर और दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधु का चीन ओपन 2026 में सफर समाप्त हो गया. सिंधु गुरुवार (23 जुलाई) को विमेंस सिंगल्स के प्री-क्वार्टरफाइनल में हार गईं. चांगझोउ में खेले गए मुकाबले में सिंधु को चीन की चेन युफेई ने 16-21, 22-20, 21-18 से हराया.
यह मुकाबला 1 घंटे 29 मिनट तक चला और पूरे समय दोनों खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला. पीवी सिंधु के पास वर्ल्ड नंबर-4 खिलाड़ी को हराने का सुनहरा मौका था, लेकिन दूसरे गेम में चार मैच पॉइंट गंवाने की भारी कीमत उन्हें हार के रूप में चुकानी पड़ी.
पहला गेम जीतने बाद पीवी सिंधु ने दूसरे गेम में भी शानदार नियंत्रण बनाए रखा. वह 20-16 से आगे थीं और जीत से सिर्फ एक अंक दूर थीं. लेकिन इसी दौरान उनका खेल थोड़ा बिखर गया. लगातार गलतियां हुईं और चीन युफेई ने चारों मैच पॉइंट बचाते हुए गेम 22-20 से अपने नाम कर लिया.
किस्मत ने नहीं दिया साथ
तीसरे और निर्णायक गेम में भी पीवी सिंधु ने हार नहीं मानी. ब्रेक तक उन्होंने 11-8 की बढ़त बना ली थी, लेकिन इसके बाद चीन युफेई ने घरेलू दर्शकों के समर्थन के बीच शानदार वापसी की. दोनों खिलाड़ियों के बीच लंबी रैलियां, बेहतरीन डिफेंस और आक्रामक स्मैश देखने को मिले, लेकिन आखिर में चीनी स्टार ने दबाव में शानदार खेल दिखाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया.
यह मुकाबला पिछले सप्ताह जापान ओपन के सेमीफाइनल का रीमैच भी था. तब चेन युफेई चोट के कारण मुकाबला बीच में छोड़ने पर मजबूर हो गई थीं और पीवी सिंधु फाइनल में पहुंची थीं. इस बार युफेई पूरी तैयारी के साथ उतरीं और उन्होंने पिछली हार का बदला ले लिया.
पूर्व भारतीय कोच विमल कुमार ने इस मैच को हाल के वर्षों के सर्वश्रेष्ठ मुकाबलों में से एक बताया. उन्होंने कहा, 'यह मैच आक्रामक और रक्षात्मक बैडमिंटन का बेहतरीन उदाहरण था. दोनों खिलाड़ियों ने शानदार रैलियां, बेहतरीन रणनीति और जबरदस्त जुझारूपन दिखाया. इस स्तर के मुकाबले बार-बार देखने को नहीं मिलते. दूसरा गेम हारने के बाद भी सिंधु ने निर्णायक गेम में शानदार वापसी की. उन्होंने आखिरी अंक तक हार नहीं मानी. अगर दूसरे गेम में थोड़ी किस्मत साथ देती तो परिणाम अलग हो सकता था.'