पाकिस्तान क्रिकेट में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बीच शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब मामला टीम के खिलाड़ियों के किंग चार्ल्स III से मिलने तक पहुंच गया है.
पाकिस्तान के अंतरिम रेड-बॉल हेड कोच माइक हेसन ने उन रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज किया है, जिनमें दावा किया गया था कि बल्लेबाज सलमान अली आगा ने किंग चार्ल्स से मिलने से इनकार कर दिया था. हेसन ने इस खबर को 'अस्वीकार्य पत्रकारिता' (unacceptable journalism) करार दिया.
हेसन के मुताबिक, सलमान को पहले ही बता दिया गया था कि वह बकिंघम पैलेस में होने वाले इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे. खास बात यह है कि जब हेसन इंग्लैंड पहुंचे, उससे पहले ही यह फैसला हो चुका था.
शुक्रवार को हेसन ने पूरे मामले पर सफाई देते हुए कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट में इस समय खबरों की कमी के बीच लोग अपनी तरफ से कहानियां बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि सलमान अली आगा, मोहम्मद रिजवान और इमाम-उल-हक को हेसन के टीम की कमान संभालने से काफी पहले ही इंग्लैंड से रिलीज कर दिया गया था.
हेसन ने बताया कि इन तीनों खिलाड़ियों को उसी समय नोट भेज दिया गया था कि वे बकिंघम पैलेस में होने वाले कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे. ऐसे में सलमान के किंग चार्ल्स से मिलने से कथित इनकार की बात का कोई आधार नहीं था. हेसन ने इस रिपोर्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी ने कहानी बना दी और उनके मुताबिक यह 'अस्वीकार्य पत्रकारिता' है.
🗣️ "People are just making up stories!"
— Test Match Special (@bbctms) September 4, 2026
Interim Pakistan head coach Mike Hesson has hit back at reports that Salman Ali Agha refused to attend the meeting with King Charles after being dropped. pic.twitter.com/0JWrMbXXev
बाकी खिलाड़ियों को पहले से मिला था निमंत्रण
हेसन ने यह भी साफ किया कि टीम के बाकी खिलाड़ियों के साथ ऐसा कोई विवाद नहीं था. पाकिस्तान के जो खिलाड़ी स्क्वॉड में बने हुए थे, वे शुरुआत से ही किंग चार्ल्स के कार्यक्रम की गेस्ट लिस्ट में शामिल थे.
हेसन खुद भी इस लिस्ट में थे. उन्होंने बताया कि वह पाकिस्तान के व्हाइट-बॉल हेड कोच (white-ball head coach) के तौर पर पहले से ही इस कार्यक्रम के लिए लिस्ट में शामिल थे.
यानी टीम के खिलाड़ियों को लेकर आखिरी समय में कोई बदलाव नहीं किया गया था. हेसन ने कहा कि पूरा मामला बेहद सीधा था, लेकिन किसी ने अलग-अलग चीजों को जोड़कर एक बड़ी कहानी बना दी.
पाकिस्तान क्रिकेट में क्यों मचा है घमासान
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब पाकिस्तान क्रिकेट टीम इंग्लैंड में मुश्किल दौर से गुजर रही है. तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में पाकिस्तान शुरुआती दोनों मुकाबले गंवा चुका है.
पहले टेस्ट में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को पारी से हराया, जबकि दूसरे टेस्ट में पाकिस्तान को 194 रन से हार झेलनी पड़ी. इसके बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने बड़ा फैसला लेते हुए टेस्ट स्क्वॉड में शामिल 7 खिलाड़ियों को वापस भेज दिया. इन खिलाड़ियों में सलमान अली आगा, मोहम्मद रिजवान और इमाम-उल-हक भी शामिल थे. इसके साथ ही हेड कोच सरफराज अहमद को भी पद से हटा दिया गया.
7 खिलाड़ियों को भेजने के फैसले में हेसन की कोई भूमिका नहीं
दिलचस्प बात यह है कि अब पाकिस्तान की रेड-बॉल टीम की कमान संभाल रहे हेसन उस समय इस फैसले का हिस्सा ही नहीं थे. हेसन पहले पाकिस्तान के व्हाइट-बॉल हेड कोच थे. जब उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे और आखिरी टेस्ट के लिए रेड-बॉल टीम की जिम्मेदारी दी गई, तब तक सलमान, रिजवान और इमाम टीम से रिलीज होकर पाकिस्तान लौटने की राह पर थे.
हेसन ने साफ कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है कि इन तीन खिलाड़ियों को रिलीज करने का फैसला कैसे और क्यों लिया गया.
उन्होंने बताया कि जब उनसे आखिरी टेस्ट के लिए टीम संभालने को कहा गया, तब तक तीनों खिलाड़ियों को पहले ही स्क्वॉड से रिलीज किया जा चुका था और वे घर लौट रहे थे.
जापान से लौटे, फिर मिली टेस्ट टीम की जिम्मेदारी
हेसन ने बताया कि वह पहले लाहौर में व्हाइट-बॉल कैम्प में थे. इसके बाद वह जापान से लौटे, जहां एशियन गेम्स आयोजित हो रहे हैं.इसके बाद उनसे पाकिस्तान की टेस्ट टीम की जिम्मेदारी संभालने के लिए कहा गया. हेसन ने कहा कि टीम की कमान मिलने के बाद उन्होंने स्क्वॉड में अपनी जरूरत के हिसाब से कुछ बदलाव किए. उनका मुख्य फोकस अब इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम में होने वाले तीसरे टेस्ट के लिए टीम को संतुलित करने पर है.