scorecardresearch
 

बाढ़ में डूबा 'फौजियों का गांव', सांसद-विधायक भी नहीं ले रहे सुध- VIDEO

बिहार के मनेर का ‘फौजियों का गांव’ रतन टोला गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की चपेट में है. गांव में पानी घुसने से शहर और मुख्यालय से संपर्क टूट गया है. ग्रामीण रोजमर्रा का सामान लेने पानी में चलकर शहर जाने को मजबूर हैं. खेतों में खड़ी फसलें डूब चुकी हैं और पशुओं के चारे का संकट बना हुआ है.

Advertisement
X
बाढ़ में डूबा हुआ फौजियों का गांव. (Photo: Screengrabs)
बाढ़ में डूबा हुआ फौजियों का गांव. (Photo: Screengrabs)

बिहार के मनेर का रतन टोला गांव इन दिनों बाढ़ की भीषण मार झेल रहा है. इस गांव को इलाके में ‘फौजियों का गांव’ कहा जाता है, क्योंकि यहां के बड़ी संख्या में परिवारों के सदस्य देश की सीमाओं पर तैनात हैं. जिन जवानों के कंधों पर देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, आज उन्हीं का गांव गंगा के बढ़ते जलस्तर के सामने बेबस नजर आ रहा है.

गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के बाद बाढ़ का पानी रतन टोला गांव में घुस गया है. जिसके चलते सड़कें और रास्ते पानी में डूब गए और शहर व मुख्यालय से गांव का संपर्क टूट गया. हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरत का सामान लेने के लिए पानी में उतरकर शहर जाना पड़ रहा है.

फसलें डूबीं, पशुओं के चारे का संकट
बाढ़ ने किसानों की मेहनत पर भी पानी फेर दिया है. खेतों में खड़ी फसलें बाढ़ के पानी में डूब चुकी हैं. ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी चुनौती पशुओं के चारे की है. चारा पानी में डूब जाने के कारण पशुपालक परेशान हैं और उन्हें अपने मवेशियों को खिलाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है.

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बाढ़ का पानी घुसने के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से नाव तक उपलब्ध नहीं कराई गई है. राहत सामग्री और पशुओं के चारे की भी कोई व्यवस्था नहीं हुई है. लोगों को अपनी जरूरत का सामान लाने के लिए खुद ही पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है.

Advertisement

‘हमारे जवान सीमा पर, गांव में कोई देखने वाला नहीं’
बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि रतन टोला के कई परिवारों के बेटे और सदस्य देश की सीमा पर ड्यूटी कर रहे हैं. ऐसे में उन्हें उम्मीद थी कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन गांव के लोगों की सुध लेगा, लेकिन अभी तक कोई ठोस मदद नहीं पहुंची है.

ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय विधायक और सांसद भी अब तक गांव का जायजा लेने नहीं पहुंचे हैं. ग्रामीण सरकार से तत्काल नाव की व्यवस्था, राहत सामग्री और पशुओं के लिए चारे की मांग कर रहे हैं.

रतन टोला के मुखिया मैनेजर राय और बाढ़ पीड़ित धीरज कुमार व संतोष कुमार ने सरकार से जल्द से जल्द राहत पहुंचाने की अपील की है. ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा है और अगर समय रहते मदद नहीं पहुंची तो हालात और गंभीर हो सकते हैं.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement