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IPL फ्रेंचाइजी अब BBL में लगाएंगी पैसा? जानिए क्रिकेट वर्ल्ड में क्या बदलने वाला है, समझें पूरा खेल

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने बिग बैश लीग में प्राइवेट मालिकों के लिए दरवाजा खोल दिया है. मेलबर्न रेनेगेड्स में 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए बोली आमंत्रित की जाएगी. इससे IPL फ्रेंचाइजी मालिकों के BBL में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा तेज हो गई है. आइए इस पूरे एप‍िसोड को समझने की कोश‍िश करते हैं.

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IPL से BBL तक फैलेगा फ्रेंचाइजी का साम्राज्य? Cricket Australia ने लिया बड़ा फैसला (Photo: Getty Images)
IPL से BBL तक फैलेगा फ्रेंचाइजी का साम्राज्य? Cricket Australia ने लिया बड़ा फैसला (Photo: Getty Images)

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की फ्रेंचाइजी का दुनिया की अलग-अलग टी20 लीग में दबदबा लगातार बढ़ रहा है. अब ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग (BBL) भी उनके लिए नया ठिकाना बन सकती है.

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) ने BBL और महिला बिग बैश लीग (WBBL) में प्राइवेट निवेश का रास्ता खोलने को मंजूरी दे दी है. इसके बाद मेलबर्न रेनेगेड्स (Melbourne Renegades) पहली टीम बन गई है, जिसे पूरी तरह प्राइवेट मालिक के हाथों बेचने की प्रक्रिया शुरू होगी.

हालांकि अभी किसी IPL फ्रेंचाइजी की ओर से मेलबर्न रेनेगेड्स को खरीदने के लिए बोली लगाने की पुष्टि नहीं हुई है. लेकिन CA के इस फैसले ने दुनिया के बड़े क्रिकेट फ्रेंचाइजी समूहों के लिए ऑस्ट्रेलियाई टी20 क्रिकेट में एंट्री का रास्ता जरूर खोल दिया है.


क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया अब मेलबर्न रेनेगेड्स में 100 फीसदी हिस्सेदारी के लिए बोलियां आमंत्रित करेगा. नए मालिक को 2027-28 के BBL और WBBL सीजन से टीम की कमान मिलने की उम्मीद है. यानी इस बदलाव का असर आने वाले ऑस्ट्रेलियाई समर सीजन पर नहीं पड़ेगा.

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महत्वपूर्ण बात यह है कि मेलबर्न रेनेगेड्स अकेली टीम नहीं हो सकती, जो प्राइवेट निवेश की तरफ बढ़े. CA ने इस मॉडल को मंजूरी दी है, जिसके तहत दूसरी BBL टीमें भी निजी निवेश तलाश सकती हैं. यानी अब BBL का मॉडल धीरे-धीरे उस दिशा में बढ़ रहा है, जहां टीमों के मालिकाना हक में प्राइवेट निवेशकों की भूमिका बढ़ेगी.

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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तो क्या IPL फ्रेंचाइजी BBL में आएंगी?

यही इस पूरे फैसले का सबसे दिलचस्प सवाल है. फिलहाल किसी IPL फ्रेंचाइजी की ओर से मेलबर्न को खरीदने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. लेकिन IPL के बड़े फ्रेंचाइजी समूह पिछले कुछ सालों में दुनिया की कई टी20 लीग में अपनी मौजूदगी बढ़ा चुके हैं.

ऐसे में ऑस्ट्रेलिया का बाजार भी उनके लिए स्वाभाविक अगला ऑप्शन हो सकता है. उदाहरण के लिए मुंबई इंडियंस के मालिकाना समूह की टीमें SA20 में MI केप टाउन, ILT20 में MI एमिरेट्स, मेजर लीग क्रिकेट में MI न्यूयॉर्क और द हंड्रेड में MI लंदन के नाम से खेलती हैं. 

कोलकाता नाइट राइडर्स का फ्रेंचाइजी समूह भी ट्रिनबागो नाइट राइडर्स, अबू धाबी नाइट राइडर्स और लॉस एंजिल्स नाइट राइडर्स के जरिए अलग-अलग टी20 लीग में मौजूद है. 

चेन्नई सुपर किंग्स के पास जोबर्ग सुपर किंग्स और टेक्सास सुपर किंग्स हैं. राजस्थान रॉयल्स का नेटवर्क पर्ल रॉयल्स और बारबाडोस रॉयल्स तक फैला है. 

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वहीं सनराइजर्स हैदराबाद के पास सनराइजर्स ईस्टर्न केप और सनराइजर्स लीड्स हैं. लखनऊ सुपर जायंट्स की फ्रेंचाइजी डर्बन सुपर जायंट्स और मैनचेस्टर सुपर जायंट्स के रूप में भी मौजूद है. 

दिल्ली कैपिटल्स का मालिकाना समूह भी प्रिटोरिया कैपिटल्स, दुबई कैपिटल्स, सिएटल ओर्कास और सदर्न ब्रेव के जरिए इंटरनेशनल लेवल पर विस्तार कर चुका है. 

ऐसे में BBL का प्राइवेटाइजेशन इन फ्रेंचाइजी समूहों के लिए एक और बड़ा बाजार खोल सकता है.

पर पूरी ताकत प्राइवेट मालिक के पास नहीं होगी

यहां एक बात समझना जरूरी है. BBL में प्राइवेट निवेश आने का मतलब यह नहीं है कि क्रिकेट ऑस्ट्रेल‍िया पूरी तरह पीछे हट जाएगा. CA के पास इवेंट के कई अहम हिस्सों का नियंत्रण बना रहेगा. इनमें इंटरनेशनल शेड्यूलिंग, खिलाड़ियों की उपलब्धता, सैलरी कैप और मीडिया राइट्स जैसे महत्वपूर्ण मामले शामिल हैं. यानी निवेशक टीम का मालिक हो सकता है, लेकिन BBL के पूरे सिस्टम पर उसका मनमाना नियंत्रण नहीं होगा.

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के चेयरमैन माइक बेयर्ड ने कहा कि CA और उसके स्टेट मेंबर्स BBL और WBBL को मजबूत करने और क्रिकेट के हर स्तर पर इसके हितों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

उनके मुताबिक निजी निवेश का रास्ता खोलने का उद्देश्य लीग के लंबे समय के भविष्य को मजबूत करना, ग्रोथ को तेज करना और कम्युनिटी क्रिकेट, ग्रासरूट्स, घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय पाथवे और एलीट क्रिकेट में निवेश जारी रखना है.

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निवेशक को भी CA की मंजूरी जरूरी

प्राइवेट मालिकों को पूरी आजादी भी नहीं दी जाएगी. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के पास संभावित निवेशकों को मंजूरी देने या उनकी बोली को खारिज करने का अधिकार रहेगा. इसके अलावा CA ही रिजर्व प्राइस तय करेगा.

टीम की पहचान में बदलाव भी आसान नहीं होगा. किसी फ्रेंचाइजी के नाम, रंग या ब्रांडिंग में बदलाव करने के लिए भी क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की मंजूरी जरूरी होगी.


किन BBL टीमों में भी आ सकता है निजी निवेश?

मेलबर्न पहली BBL फ्रेंचाइजी है, जिसे आधिकारिक तौर पर प्राइवेट मालिकाना हक के लिए उपलब्ध कराया गया है. 
bbl

इसके अलावा होबार्ट हरिकेंस, पर्थ स्कॉर्चर्स और मेलबर्न स्टार्स के भी प्राइवेट इंवेस्टमेंट के लिए खुले होने की बात सामने आई है.  हालांकि सिडनी सिक्सर्स, सिडनी थंडर, ब्रिस्बेन हीट और एडिलेड स्ट्राइकर्स बाकी इस ऑप्शन को आगे नहीं बढ़ा रहे हैं. इसका मतलब यह है कि आने वाले समय में BBL का फ्रेंचाइजी मॉडल अलग-अलग टीमों के लिए अलग रास्ता अपना सकता है.

BBL में IPL का अगला पड़ाव?
अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि कोई IPL फ्रेंचाइजी निश्चित रूप से BBL में टीम खरीदेगी. लेकिन इतना जरूर है कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के फैसले ने इसके लिए दरवाजा खोल दिया है.

IPL फ्रेंचाइजी मालिक पहले ही दुनिया की कई बड़ी टी20 लीग में अपना नेटवर्क खड़ा कर चुके हैं. अब अगर मेलबर्न की बिक्री सफल रहती है और दूसरी BBL टीमें भी निजी निवेश के लिए आगे आती हैं, तो ऑस्ट्रेलियाई लीग उनके ग्लोबल फ्रेंचाइजी नेटवर्क का अगला हिस्सा बन सकती है.

 

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