भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज के तीसरे एवं आखिरी मुकाबले में अपनी बल्लेबाजी से सबको चौंका दिया. 20 अक्टूबर (मंगलवार) को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में आयोजित इस मुकाबले में हरमनप्रीत ने महज 41 गेंदों पर नाबाद 91 रन ठोक दिए. पारी खत्म होने के बाद हालांकि, वह अपने आंसू नहीं रोक सकीं. भारतीय महिला टीम के पूर्व कोच डब्ल्यूवी रमन से बातचीत के दौरान हरमनप्रीत भावुक हो गईं.
हरमनप्रीत कौर की इस पारी में 10 चौके और पांच छक्के शामिल रहे. 37 वर्षीय बल्लेबाज के लिए यह प्रदर्शन खास था क्योंकि पिछले 10 मैचों में वह एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाई थीं. महिला टी20 एशिया कप और एशियन गेम्स 2026 में भी उनका बल्ला खामोश रहा था, हालांकि भारतीय टीम ने दोनों टूर्नामेंट में खिताब जीता था.
पारी के बाद ब्रॉडकास्टर से बातचीत करते हुए हरमनप्रीत कौर ने बताया कि वह मैदान पर अपने खेल का आनंद लेना चाहती थीं. उन्होंने डब्ल्यूवी रमन को भी इसका श्रेय दिया. हरमनप्रीत के मुताबिक, रमन ने उनसे कहा था कि वह अपनी मर्जी से खेलें और खुद पर भरोसा रखें. इन शब्दों ने उन्हें खुलकर बल्लेबाजी करने का हौसला दिया.
बातचीत के दौरान हरमनप्रीत कौर भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े. यह पल उनके लिए कितना खास था, इसका अंदाजा उनकी प्रतिक्रिया से लगाया जा सकता है.
हरमनप्रीत कौर ने अपनी वापसी का श्रेय बल्लेबाजी कोच हिमांशु को भी दिया. उन्होंने बताया कि आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 के बाद उन्हें नेट्स पर अभ्यास का समय मिला और उन्होंने अपनी बल्लेबाजी पर कड़ी मेहनत की. हरमनप्रीत ने कहा कि उनकी इस पारी के पीछे कोच का बड़ा योगदान रहा.