अर्शदीप इस समय दलीप ट्रॉफी 2026 में नॉर्थ जोन (North Zone) का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. वेस्ट जोन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में उन्होंने तीन विकेट लेकर टीम की 52 रन की जीत में अहम भूमिका निभाई. अब नॉर्थ जोन को सेमीफाइनल में साउथ जोन का सामना करना है.
मैच के बाद अर्शदीप ने बताया कि गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) की अगुआई वाली भारतीय टीम मैनेजमेंट ने उन्हें टेस्ट टीम में जगह को लेकर क्या संदेश दिया है.
अर्शदीप सिंह ने कहा कि टीम मैनेजमेंट का संदेश बेहद साफ है. उन्हें जब और जहां भी मौका मिले, वहां अच्छा प्रदर्शन करना है. टेस्ट डेब्यू का मौका सही समय आने पर मिलेगा.
'इंडियन एक्सप्रेस' से बातचीत में अर्शदीप ने कहा- मैसेज यही है कि जहां भी मौका मिले, वहां प्रदर्शन करते रहो और लगातार अच्छा करते रहो. जब सही समय आएगा, तुम्हें मौका मिल जाएगा. 27 साल के अर्शदीप ने भले ही अभी तक भारत के लिए टेस्ट नहीं खेला हो, लेकिन वह तीनों फॉर्मेट में टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं.
दलीप ट्रॉफी में झटके 3 विकेट
वेस्ट जोन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबले में अर्शदीप ने गेंद से अहम योगदान दिया. हालांकि नई गेंद से शुरुआती सफलता किसी और गेंदबाज को मिली, लेकिन इसके बाद अर्शदीप ने वेस्ट जोन के बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा. उन्होंने पहले मुशीर खान (Musheer Khan) की संघर्षपूर्ण पारी का अंत किया.
इसके बाद शार्दुल ठाकुर (Shardul Thakur) को भी अपना शिकार बनाया. इस मुकाबले में उन्होंने कुल 14 ओवर गेंदबाजी की, जिसमें एक मेडन ओवर शामिल रहा. अर्शदीप ने 53 रन देकर तीन विकेट झटके और वेस्ट जोन की टीम पहली पारी में सिर्फ 87 रन पर सिमट गई. नॉर्थ जोन ने मुकाबला 52 रन से जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई.
रेड बॉल क्रिकेट से वापसी का मौका
अर्शदीप का मानना है कि टेस्ट और फर्स्ट क्लास क्रिकेट तेज गेंदबाजों को खुद को साबित करने के लिए ज्यादा मौके देता है. उनके मुताबिक, अगर किसी गेंदबाज का पहला स्पेल अच्छा नहीं जाता, तो रेड बॉल क्रिकेट में उसके पास दोबारा वापसी करने और विकेट लेने का अवसर रहता है.यही वजह है कि अर्शदीप लगातार फर्स्ट क्लास क्रिकेट में खेलकर खुद को टेस्ट क्रिकेट के लिए तैयार रखना चाहते हैं.
2023 में काउंटी क्रिकेट खेलने गए थे अर्शदीप
टेस्ट टीम में जगह बनाने के लिए अर्शदीप पहले भी रेड बॉल क्रिकेट पर फोकस कर चुके हैं. साल 2023 में वह इंग्लैंड गए थे और केंट (Kent) के लिए काउंटी क्रिकेट खेला था. तत्कालीन भारतीय टीम के हेड कोच राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) की सलाह पर अर्शदीप ने काउंटी क्रिकेट का रुख किया था. इसका मकसद रेड बॉल से उनके अनुभव को बढ़ाना और टेस्ट क्रिकेट की चुनौती के लिए तैयार करना था. हालांकि अब तक उन्हें भारत के लिए टेस्ट टीम में डेब्यू का मौका नहीं मिला है.
भारत को बाएं हाथ के तेज गेंदबाज की तलाश?
भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज बहुत कम देखने को मिले हैं. हाल के समय में जयदेव उनादकट (Jaydev Unadkat) भारत के लिए टेस्ट खेलने वाले आखिरी बाएं हाथ के तेज गेंदबाज रहे हैं.घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद उनादकट की टेस्ट टीम में वापसी हुई थी, लेकिन उनका दूसरा कार्यकाल ज्यादा लंबा नहीं चला. इसके बाद यश दयाल (Yash Dayal) को बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए पहली बार भारतीय टीम में शामिल किया गया था. हालांकि उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिला और उनका टेस्ट डेब्यू नहीं हो सका.
ऐसे में अर्शदीप के पास आने वाले समय में टेस्ट टीम में जगह बनाने का मौका हो सकता है, बशर्ते वह रेड बॉल क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहें.
फर्स्ट क्लास में कैसे हैं अर्शदीप के आंकड़े?
अर्शदीप सिंह अब तक 23 फर्स्ट क्लास मैच खेल चुके हैं. इस दौरान उन्होंने 71 विकेट हासिल किए हैं. उनका बॉलिंग एवरेज 30.26 का रहा है और वह दो बार पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट लेने का कारनामा कर चुके हैं. व्हाइट बॉल क्रिकेट में भारत के लिए खुद को साबित कर चुके अर्शदीप अब रेड बॉल क्रिकेट में भी उसी निरंतरता को दिखाना चाहते हैं.
अब अर्शदीप सिंह के सामने भी चुनौती सिर्फ टेस्ट टीम में चुने जाने की नहीं, बल्कि रेड बॉल क्रिकेट में लगातार ऐसा प्रदर्शन करने की है जिससे टीम मैनेजमेंट उन्हें नजरअंदाज न कर सके.फिलहाल उन्हें गौतम गंभीर की अगुआई वाली टीम मैनेजमेंट से साफ संदेश मिल चुका है- जहां भी मौका मिले, प्रदर्शन करो. टेस्ट कैप के लिए सही समय आने पर दरवाजा खुल सकता है.