टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर संजय बांगड़ की बेटी अनाया बांगड़ एक बार फिर क्रिकेट के मैदान पर उतरने की तैयारी में हैं. मगर उनकी वापसी भारत की बजाय ऑस्ट्रेलिया से होने जा रही है. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) ने अनाया के मामले की विस्तृत समीक्षा के बाद उन्हें अपनी नीति के तहत मार्च 2027 से एलीट महिला क्रिकेट में खेलने की पात्रता दी है. हालांकि इसके लिए उन्हें निर्धारित शर्तें पूरी करनी होंगी.
अनाया बांगड़ ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का पत्र साझा करते हुए इस बात की जानकारी दी थी. उन्होंने बताया कि कई साल की अनिश्चितता के बाद उन्हें अब आगे बढ़ने का रास्ता मिला है. हालांकि यह किसी टीम में सीधे जगह मिलने की गारंटी नहीं है. उन्हें पहले फिटनेस हासिल करनी होगी, प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलना होगा और अपने प्रदर्शन के दम पर टीम में जगह बनानी होगी.
BCCI से लगी निराशा हाथ
अनाया बांगड़ का ऑस्ट्रेलिया से जुड़ने का कारण वहां की घरेलू नीति में छिपा है. उन्होंने पिछले साल भारत में महिला क्रिकेट में खेलने की पात्रता को लेकर BCCI (भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड) से मार्गदर्शन मांगा था. अनाया के मुताबिक उन्हें बीसीसीआई की ओर से कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद उन्होंने जून में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से संपर्क किया. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अनाया के मामले को अपनी ट्रांसजेंडर और जेंडर डाइवर्स प्लेयर्स से जुड़ी नीति के तहत देखा और उनकी मेडिकल जानकारी का मूल्यांकन किया.
अनाया बांगड़ ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में बताया कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उनसे सिर्फ एक सामान्य आवेदन नहीं लिया, बल्कि ब्लड टेस्ट, टेस्टोस्टेरोन रिपोर्ट, सर्जरी से जुड़े दस्तावेज, मेडिकल हिस्ट्री और मैनचेस्टर मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी के उनके एथलीट टेस्टिंग प्रोजेक्ट की रिपोर्ट तक मांगी. उनके मुताबिक, 'बीसीसीआई मेरे एथलीट टेस्टिंग रिपोर्ट के बाद भी शांत रहा, जबकि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने मेरी रिपोर्ट पढ़ी, मेरी पूरी मेडिकल हिस्ट्री देखी और मेरी स्थिति का उचित तरीके से आकलन किया.'
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के फैसले के अनुसार अनाया बांगड़ फिलहाल ऑस्ट्रेलिया के किसी भी राज्य या क्षेत्र की प्रीमियर क्रिकेट प्रतियोगिता में खेल सकती हैं. इसे कम्युनिटी क्रिकेट की श्रेणी में रखा गया है, इसलिए मार्च 2027 तक उनकी भागीदारी पर एलीट क्रिकेट वाले नियम लागू नहीं होंगे.
मार्च 2027 में एलीट क्रिकेट में प्रवेश के लिए उन्हें एक और ब्लड टेस्ट देना होगा. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुताबिक उनका सीरम टेस्टोस्टेरोन स्तर निर्धारित सीमा से नीचे रहना चाहिए और उन्हें बाकी पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होंगी. अगर अनाया इन शर्तों को पूरा करती हैं और मैदान पर अच्छा खेल दिखाती हैं, तो उनके लिए महिला बिग बैश लीग (WBBL) में चयन का रास्ता खुल सकता है. अनाया के मामले में यह अंतर समझना जरूरी है कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें किसी डब्ल्यूबीबीएल टीम में जगह नहीं दी है. उनके लिए सिर्फ एलीट क्रिकेट में भाग लेने का रास्ता खुला है.
अनाया बांगड़ को भी ये बातें पूरी तरह ज्ञात हैं. अनाया ने कहा कि उन्हें ट्रेनिंग करनी होगी, प्रतिस्पर्धा करनी होगी, प्रदर्शन करना होगा और फिर उस अवसर को हासिल करना होगा. उन्होंने कहा, 'मैं यह उम्मीद नहीं करती कि मेरा इतिहास या मेरी पहचान मुझे क्रिकेट टीम में जगह दिलाएगा. मैं चाहती हूं कि मेरी क्रिकेट मुझे टीम में जगह दिलाए.' यानी अगर वह मार्च 2027 में पात्रता की शर्तें पूरी करती हैं और प्रीमियर क्रिकेट में प्रभावी प्रदर्शन करती हैं, तभी डब्ल्यूबीबीएल में चयन का वास्तविक मौका बनेगा.
ICC का नियम क्या कहता है?
अनाया बांगड़ की स्थिति को समझने के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के नियमों में अंतर देखना जरूरी है. आईसीसी की मौजूदा नीति के अनुसार ट्रांसजेंडर महिलाओं को विमेस इंटरनेशनल क्रिकेट में खेलने की अनुमति नहीं है. दूसरी ओर, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की घरेलू भागीदारी नीति अलग है. इसी नीति के तहत अनाया को ऑस्ट्रेलिया में घरेलू एलीट महिला क्रिकेट के लिए पात्रता का रास्ता मिला है. इसका सीधा मतलब है कि ऑस्ट्रेलिया में घरेलू महिला क्रिकेट खेलने की पात्रता और इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने की पात्रता एक ही चीज नहीं है. फिलहाल अनाया का मामला ऑस्ट्रेलियाई घरेलू क्रिकेट तक सीमित है.
अनाया बांगड़ ने 2022 में अपनी ट्रांजिशन यात्रा शुरू की थी. वह ब्रिटेन गईं, जहां उन्होंने साल 2023 हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT) कराई. इस पूरी प्रक्रिया के दौरान उन्होंने अपने शरीर में होने वाले बदलावों को वैज्ञानिक तरीके से समझने के लिए एक एथलीट टेस्टिंग प्रोजेक्ट में भी हिस्सा लिया. उन्होंने माना कि यह सफर उनके लिए शारीरिक के साथ-साथ भावनात्मक रूप से भी बेहद चुनौतीपूर्ण रहा. उनके मुताबिक इस दौरान परिवार, दोस्ती, करियर और सामाजिक जीवन से जुड़ी कई चीजें बदल गईं.
इस सबके बावजूद अनाया बांगड़ ने कहा कि वह अपने फैसले से खुश हैं और अब क्रिकेट में दोबारा लौटने को लेकर उत्साहित हैं. उनका अगला लक्ष्य ऑस्ट्रेलिया में क्लब क्रिकेट से शुरुआत करना, अपनी फिटनेस वापस हासिल करना और फिर प्रदर्शन के जरिए डब्ल्यूबीबीएल तक पहुंचने की कोशिश करना है.