भारतीय क्रिकेट टीम का प्रदर्शन मैदान पर शानदार रहा है. अफगानिस्तान के खिलाफ टीम ने तीन मैचों की टी20 सीरीज को 3-0 से अपने नाम किया. लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई के अंदर पिछले कुछ समय से माहौल बिल्कुल अलग है.
द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर और बोर्ड के सीनियर अधिकारियों के बीच मतभेद पैदा हो गए हैं. इसकी शुरुआत अभी नहीं बल्कि काफी पहले हो चुकी थी.
अब अगरकर के पद छोड़ने की चर्चाओं के बीच एक बड़ा खुलासा हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक साल 2023 में आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के दौरान अगरकर जसप्रीत बुमराह को कप्तान बनाने के पक्ष में बिल्कुल नहीं थे. वे चाहते थे कि कप्तानी युवा बल्लेबाज ऋतुराज गायकवाड़ को सौंपी जाए.
अगस्त 2023 में एशिया कप से ठीक पहले भारत को आयरलैंड के खिलाफ दो टी20 मैचों की सीरीज खेलनी थी. दिग्गज तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह गंभीर चोट से उबरकर महीनों बाद वापसी कर रहे थे. अगरकर का मानना था कि बुमराह पर कप्तानी का अतिरिक्त दबाव न डालकर उनके वर्कलोड को संभाला जाए.
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ऋतुराज गायकवाड़ को चुना गया था कप्तान
इसके साथ ही ऋतुराज गायकवाड़ को एशियन गेम्स 2023 के लिए भी टीम इंडिया का कप्तान चुना गया था. अगरकर की सोच थी कि आयरलैंड दौरे से गायकवाड़ को भविष्य के लीडर के तौर पर तैयार होने का बेहतरीन मौका मिलेगा.
हालांकि, बीसीसीआई इस बात पर अड़ गया कि कप्तानी बुमराह को ही मिलनी चाहिए, क्योंकि खुद बुमराह भी कमान संभालने के लिए उत्सुक थे. आखिर में बोर्ड की बात मानी गई और बुमराह की कप्तानी में भारत ने वह सीरीज 2-0 से अपने नाम की.
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Update: 95th Annual General Meeting of BCCI
The 95th Annual General Meeting of the Board of Control for Cricket in India (BCCI) was held on September 18, 2026, at BCCI HQ, in Mumbai.
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रोहित शर्मा के मुद्दे पर भी हुई थी अनबन
अगरकर और बोर्ड के बीच यह टकराव पहला या आखिरी नहीं था. दोनों के बीच खींचतान काफी पुरानी है. रोहित शर्मा को टी20 सेटअप से ड्रॉप करने की बात हो या कोई और कड़ा फैसला, अगरकर हमेशा अपनी गट-फीलिंग और फैसलों पर अडिग रहते थे तथा बाहरी दबाव से बचते थे. जब बोर्ड ने सार्वजनिक रूप से रोहित का समर्थन कर दिया तो अगरकर काफी नाराज हुए थे क्योंकि इसके बाद स्टार खिलाड़ी को बाहर करना नामुमकिन हो गया था.