भारत की स्टार तीरंदाज शीतल देवी ने एशियन पैरा गेम्स में एक बार फिर गोल्ड पर निशाना साधा है. बिना हाथों के जन्मीं 19 साल की शीतल ने गुरुवार को महिला कंपाउंड इंडिविजुअल इवेंट के फाइनल में सिंगापुर की अलीम नूर स्याहिदाह को 142-139 से हराकर लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीत लिया. खास बात यह रही कि शीतल ने पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए मुकाबला अपने नाम किया.
विश्व चैम्पियन शीतल ने हांगझोउ में 2023 में हुए पिछले एशियन पैरा गेम्स के फाइनल में भी अलीम को हराकर गोल्ड जीता था. इस बार भी दोनों तीरंदाजों के बीच खिताबी मुकाबला हुआ, जिसमें भारतीय खिलाड़ी ने दबाव के बीच अपना धैर्य बनाए रखा.
चार अंक से पिछड़ीं, फिर की जोरदार वापसी
फाइनल में अलीम ने शुरुआती दो चरणों में छह-छह तीर चलाने के बाद चार अंकों की बढ़त बना ली थी. ऐसे में शीतल के सामने मुकाबले में वापसी करने की बड़ी चुनौती थी. लेकिन भारतीय तीरंदाज ने अगले दो चरणों में जबरदस्त प्रदर्शन किया. उन्होंने लगातार छह बार 10 अंक हासिल किए. इनमें तीन तीर निशाने के केंद्र के बेहद करीब लगे, जिन्हें 'एक्स' स्कोर कहा जाता है.
इस शानदार प्रदर्शन के दम पर शीतल ने दो अंकों की बढ़त हासिल कर ली. मुकाबले के अंतिम चरण में तीन तीर बाकी थे और गोल्ड मेडल दांव पर था. शीतल ने तीनों तीर से 9-9 अंक हासिल किए और कुल 27 अंक जोड़े.
दूसरी ओर, दबाव में अलीम का प्रदर्शन थोड़ा कमजोर रहा. उन्होंने अंतिम तीन तीरों से 9, 8 और 9 अंक हासिल किए. इस तरह वह अंतिम चरण में 26 अंक ही जुटा सकीं और शीतल ने 142-139 से जीत दर्ज कर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया.
एक ही दिन में दूसरा गोल्ड, अब तक तीन मेडल
शीतल देवी ने इंडिविजुअल इवेंट में गोल्ड जीतने से कुछ घंटे पहले ही तोमन कुमार के साथ कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट का स्वर्ण पदक भी जीता था. इस तरह मौजूदा एशियन पैरा गेम्स में उनके गोल्ड मेडल की संख्या दो हो गई है.
शीतल ने इससे पहले महिला डबल्स इवेंट में ओडिशा की चारों अंगों से दिव्यांग तीरंदाज पायल नाग के साथ सिल्वर मेडल भी जीता था. इस तरह उनके खाते में अब तक कुल तीन मेडल हो चुके हैं.
शीतल देवी जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हैं और अपने असाधारण कौशल के दम पर दुनिया की शीर्ष पैरा तीरंदाजों में शामिल हैं. उनके इस प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित किया कि बड़े मुकाबलों में दबाव के बावजूद वह शानदार वापसी करने का दम रखती हैं.