scorecardresearch
 

NASA के आर्टेमिस मिशन में ISRO के चंद्रयान ने कैसे मदद की?

चंद्रयान मिशनों ने NASA के आर्टेमिस कार्यक्रम को वैज्ञानिक डेटा देकर मदद की है. चंद्रयान-1 ने चांद पर पानी की खोज में योगदान दिया, जबकि चंद्रयान-2 और चंद्रयान-3 ने दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई. इस डेटा से NASA को Artemis III के लैंडिंग साइट चुनने और चांद पर संसाधनों की योजना बनाने में सहायता मिली है.

Advertisement
X
इसरो के चंद्रयान ने नासा के आर्टेमिस मिशन में कई तरह की महत्वपूर्ण जानकारी दी है. (File Photo: ISRO)
इसरो के चंद्रयान ने नासा के आर्टेमिस मिशन में कई तरह की महत्वपूर्ण जानकारी दी है. (File Photo: ISRO)

नासा का आर्टेमिस मिशन चांद पर इंसानों की वापसी और वहां स्थायी बेस बनाने का बड़ा प्लान है. वहीं भारत का चंद्रयान कार्यक्रम मुख्य रूप से रोबोटिक मिशन हैं. दोनों मिशन अलग-अलग टारगेट रखते हैं, लेकिन इनके बीच वैज्ञानिक सहयोग और डेटा शेयरिंग होती है. चंद्रयान मिशनों ने चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है, जो आर्टेमिस मिशनों के लिए उपयोगी साबित हो रही है.

चंद्रयान-1 का योगदान

चंद्रयान-1 (2008) भारत का पहला मून मिशन था. इसमें NASA का Moon Mineralogy Mapper (M3) उपकरण लगा था. इसी उपकरण ने चांद की सतह पर पानी के अणुओं (water molecules) की पुष्टि की, जो एक बड़ी खोज थी. इस खोज ने पूरे विश्व में चांद पर पानी और संसाधनों की खोज को नई दिशा दी. 

यह भी पढ़ें: NASA ने लॉन्च किया आर्टेमिस 2 मिशन... अब चांद दूर नहीं

Chandrayaan Artemis Contribution

आर्टेमिस मिशन में चांद पर पानी का महत्व बहुत ज्यादा है क्योंकि पानी से ऑक्सीजन और रॉकेट ईंधन (हाइड्रोजन) बनाया जा सकता है. चंद्रयान-1 के डेटा ने NASA को चांद पर पानी की मौजूदगी समझने में मदद की, जिससे आर्टेमिस मिशनों में लैंडिंग साइट चुनने और संसाधन उपयोग की योजना बनाने में फायदा हुआ.

चंद्रयान-2 और 3 का रोल

Advertisement

चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर अभी भी चांद की कक्षा में काम कर रहा है. इसका हाई-रेजोल्यूशन कैमरा (OHRC) और रडार डेटा NASA को आर्टेमिस III जैसे मिशनों के लैंडिंग साइट चुनने में मदद कर रहा है. खासकर दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में, जहां चांद का बर्फ हो सकता है, चंद्रयान-2 के डेटा से बेहतर नक्शे और खतरे वाली जगहों की जानकारी मिल रही है.

यह भी पढ़ें: NASA Artemis 2: स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से बड़ा है SLS रॉकेट, ये ले जाएगा चारों एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस में

चंद्रयान-3 (2023) ने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सफल सॉफ्ट लैंडिंग की. विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर ने वहां की मिट्टी, तापमान, भूकंप और प्लाज्मा का डेटा भेजा. ये डेटा NASA के लिए बहुत मूल्यवान हैं क्योंकि आर्टेमिस मिशन भी चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र को लक्ष्य बना रहा है. 

Chandrayaan Artemis Contribution

चंद्रयान-3 के डेटा से NASA को चांद की सतह की रसायनिक संरचना, तापमान और सुरक्षित लैंडिंग स्थलों के बारे में बेहतर समझ मिली है. NASA के वैज्ञानिक इन डेटा का इस्तेमाल आर्टेमिस लैंडिंग साइट चुनने, रोवर डिजाइन करने और संसाधन उपयोग की योजना बनाने में कर रहे हैं.

क्या NASA को चंद्रयान के डेटा से सीधा फायदा मिला?

चंद्रयान-1 ने पानी की खोज में NASA को सहयोग दिया. चंद्रयान-2 और चंद्रयान-3 के ऑर्बिटल और सतही डेटा ने Artemis III के संभावित लैंडिंग जोन को बेहतर तरीके से समझने में मदद की.

Advertisement

NASA के Lunar Reconnaissance Orbiter (LRO) के साथ चंद्रयान-2 के रडार डेटा को मिलाकर दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र का बेहतर विश्लेषण किया जा रहा है. चंद्रयान-3 के लैंडिंग के बाद NASA ने सार्वजनिक रूप से भारत की सफलता की सराहना की और कहा कि यह डेटा Artemis कार्यक्रम को फायदा पहुंचाएगा.

यह भी पढ़ें: चांद पर सबसे सुरक्षित लैंडिंग साइट मिली, चंद्रयान-4 के लिए खुशखबरी

भारत और नासा का सहयोग

भारत ने Artemis Accords पर हस्ताक्षर किए हैं, जो चांद पर शांतिपूर्ण और सहयोगपूर्ण खोज को बढ़ावा देते हैं. दोनों देश NISAR जैसे बड़े संयुक्त मिशन भी कर रहे हैं. चंद्रयान कार्यक्रम NASA के Artemis को सीधे तौर पर पूरा नहीं कर रहा, लेकिन महत्वपूर्ण वैज्ञानिक डेटा और दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र की जानकारी देकर अप्रत्यक्ष रूप से मदद कर रहा है.

चंद्रयान मिशनों का योगदान मुख्य रूप से वैज्ञानिक डेटा के रूप में है. चंद्रयान-1 ने पानी की खोज में, जबकि चंद्रयान-2 और 3 ने दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र की विस्तृत जानकारी देकर NASA के Artemis मिशन को फायदा पहुंचाया है. चंद्रयान ने साबित किया कि सस्ते और सटीक मिशनों से भी चांद की उपयोगी जानकारी मिल सकती है, जो आर्टेमिस जैसे बड़े कार्यक्रमों को मजबूत बनाती है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement