चंद्रमा
चंद्रमा (Moon) पृथ्वी का एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह है (Natural satellite of Earth). पृथ्वी के व्यास के लगभग एक-चौथाई है. यह सौर मंडल का पांचवां सबसे बड़ा उपग्रह है (Fifth satellite of the Solar System).
चंद्रमा पर वातावरण, जलमंडल या चुंबकीय क्षेत्र नहीं है. इसकी सतह का गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी के लगभग एक-छठे (One sixth) (0.1654 ग्राम) है.
नासा का आर्टेमिस-II मिशन फरवरी 2026 में लॉन्च होगा. चार अंतरिक्ष यात्री ओरियन स्पेसक्राफ्ट में SLS रॉकेट से चंद्रमा के पास जाएंगे. वे फिगर-8 फ्री-रिटर्न ट्रैजेक्टरी से उड़ान भरेंगे. चंद्रमा के फार साइड से गुजरेंगे लेकिन लैंडिंग नहीं करेंगे. मिशन 10 दिन का है जो सुरक्षा टेस्ट और आर्टेमिस-III (चंद्रमा लैंडिंग) की तैयारी है.
Kemdrum Yog: जब आपकी कुंडली में चंद्रमा से दूसरे और बाहरवें घर में कोई ग्रह न हो तो केमद्रुम योग का निर्माण होता है. केमद्रुम योग में राजा के यहां पैदा हुआ व्यक्ति भी रंक बन जाता है. यदि चंद्रमा पर किसी शुभ ग्रह की दृष्टि हो तो केमुद्रम योग भंग हो जाता है.
Surya Chandrama Yuti 2026: आज मकर राशि में सूर्य और चंद्रमा की युति बन रही है. इस राशि में मंगल, बुध और शुक्र भी विराजमान हैं. ज्योतिषियों के अनुसार, यह शुभ संयोग चार राशियों को लाभ, उन्नति और सकारात्मक ऊर्जा का लाभ देने वाला है.
17 जनवरी 2026 को SLS रॉकेट और Orion स्पेसक्राफ्ट को Vehicle Assembly Building से Launch Pad 39B की ओर ले जाया जाएगा. यह 11 मिलियन पाउंड का स्टैक 1.6 km/hr की रफ्तार से 6.43 km यात्रा करेगा, जो 12 घंटे तक चलेगी. चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की परिक्रमा करेंगे. लॉन्च 6 फरवरी 2026 को हो सकता है.
अमेरिका चांद पर 2030 तक न्यूक्लियर रिएक्टर बनाने की योजना बना रहा है. NASA और ऊर्जा विभाग (DOE) ने मिलकर समझौता किया है. यह रिएक्टर चांद पर लगातार, सुरक्षित और भरपूर बिजली देगा, जो Artemis मिशनों, स्थाई बेस और Mars यात्रा के लिए जरूरी है. सूरज की रोशनी पर निर्भर नहीं रहेगा. यह अमेरिकी स्पेस लीडरशिप को मजबूत करेगा.
पूर्व इसरो प्रमुख एएस किरण कुमार ने कहा कि भारत 2040 तक अपने अंतरिक्ष यात्रियों को चांद पर उतारेगा और सुरक्षित वापस लाएगा. साथ ही अपना स्पेस स्टेशन बनाएगा. जल्द चंद्रयान फॉलो-ऑन और जापान के साथ LUPEX मिशन होगा. चांद के साउथ पोल पर फोकस रहेगा.
नासा का आर्टेमिस-2 मिशन फरवरी 2026 में लॉन्च हो सकता है. फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से SLS रॉकेट पर ओरियन स्पेसक्राफ्ट उड़ेगा. चार एस्ट्रोनॉट्स- रिड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरमी हैंसन होंगे. 10 दिन का मिशन है. चंद्रमा की परिक्रमा करके वापसी होगी. यह चंद्रमा पर लैंडिंग की तैयारी है.
2026 अंतरिक्ष में नए मिशनों का ऐतिहासिक साल होगा. नासा का आर्टेमिस-2 चंद्रमा के चारों ओर अंतरिक्ष यात्रियों को ले जाएगा. स्पेसएक्स स्टारशिप को ऑर्बिट में पहुंचाएगा. चीन एस्टेरॉयड से नमूने लाएगा, जबकि बुध और चंद्रमा दक्षिणी ध्रुव पर नए मिशन पहुंचेंगे. नए टेलीस्कोप और निजी स्पेस स्टेशन भी लॉन्च होंगे. यह साल मानव अंतरिक्ष यात्रा को नई ऊंचाई देगा.
ट्रंप ने अरबपति उद्यमी जेरेड इसाकमैन को नासा चीफ नियुक्त किया. 42 साल के जेरेड शिफ्ट4 पेमेंट्स के संस्थापक, कुशल पायलट और स्पेसएक्स के इंस्पिरेशन4 व पोलारिस डॉन मिशनों के कमांडर हैं. नियुक्ति में स्पेसएक्स से करीबी संबंधों व हितों के टकराव का विवाद रहा है.
4–5 दिसंबर को साल का आखिरी Cold Supermoon अपने सबसे बड़े और चमकीले रूप में दिखेगा. जानें समय, दिशा, लोकेशन और इसका वैज्ञानिक कारण.
4-5 दिसंबर को 2025 का आखिरी पूर्ण चांद 'कोल्ड सुपरमून' निकलेगा. शाम 7 बजे पूर्व में बड़ा-चमकदार चांद दिखेगा. पूरे साल का सबसे ऊंचा चांद होगा क्योंकि सूरज सबसे नीचा है. धरती के करीब होने से 10% बड़ा लगेगा. साफ आसमान रहा तो बिना दूरबीन कमाल का नजारा.
एस्टेरॉयड 2024 YR4 साल 2032 में चांद से टकरा सकता है. अभी संभावना सिर्फ 4% है पर फरवरी 2026 में जेम्स वेब टेलीस्कोप की नजर से यह 30% तक बढ़ सकती है. अगर टकराया तो चांद के टुकड़े उड़कर धरती के हजारों सैटेलाइट्स को नुकसान पहुंचा सकते हैं. वैज्ञानिक तैयार हैं इसका रास्ता बदलने के लिए.
Kendra Trikona Rajyog: 22 नवंबर को शनि, चंद्रमा और गुरु के केंद्र त्रिकोण योग के साथ ज्येष्ठा नक्षत्र में सुकर्मा योग बन रहा है. यह दुर्लभ संयोग पांच राशियों के लिए बेहद शुभ रहेगा. इन राशियों को गुप्त स्रोतों से धन लाभ और करियर में प्रगति का सुनहरा अवसर मिलने वाला है.
Grahan Yog 2025: 12 नवंबर को सिंह राशि में ग्रहण योग लगने वाला है. यह योग तीन राशि के जातकों के लिए बहुत हानिकारक माना जा रहा है. ज्योतिषविदों की सलाह है कि ग्रहण योग के चलते ये राशियां थोड़ा सावधानी बरतें.
Chandra Gochar 2025: भाई दूज का पर्व इस बार ग्रहों की अनोखी चाल के साथ बेहद खास रहने वाला है. 23 अक्टूबर को जब बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक करेंगी, उसी दिन चंद्रमा वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे. यह गोचर से कुछ राशियों के लिए रिश्तों, करियर और धन से जुड़ी नई संभावनाएं लेकर आने वाला है.
भारत के चंद्रयान-2 ने पहली बार सूरज के कोरोनल मास इजेक्शन (CME) का चंद्रमा पर असर देखा. CHACE-2 उपकरण ने 10 मई 2024 को दिन वाले हिस्से में एक्सोस्फियर का दबाव 10 गुना बढ़ने का रिकॉर्ड किया. यह खोज चंद्रमा की पतली हवा, स्पेस वेदर और लूनर बेस निर्माण के लिए महत्वपूर्ण है.
Gajkesari Yog 2025: 12 अक्टूबर यानी कल चंद्रमा मिथुन राशि में प्रवेश करने वाले हैं. इस राशि में देवगुरु बृहस्पति पहले से बैठे हुए हैं. ऐसे में मिथुन राशि में गुरु-चंद्रमा की उपस्थिति गजकेसरी योग का निर्माण करेगी, जो कि तीन राशि वालों को मालामाल कर सकती है
Karwa Chauth 2025 Moonrise Time: इस बार करवा चौथ पर शाम की पूजा का मुहूर्त शाम 5.56 बजे से लेकर शाम 07.10 बजे तक रहने वाला है. दिल्ली-एनसीआर में चांद निकलने का समय रात 08.14 बजे ही बताया गया है.
आखिर देरी से क्यों निकलता है करवाचौथ का चांद? समझिए इसके पीछे का साइंस
Karwa Chauth 2025: इस साल कार्तिक कृष्ण चतुर्थी 9 अक्टूबर को रात 10.54 बजे से लेकर 10 अक्टूबर को शाम 07.38 बजे तक रहने वाली है. 10 अक्टूबर को करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहू्र्त शाम 5 बजकर 56 मिनट से लेकर शाम 7 बजकर 10 मिनट तक रहेगा.
Karwa Chauth 2025: हर साल करवा चौथ चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है. चतुर्थी तिथि पर चंद्रमा के दर्शन के बाद ही सुहागनें उपवास खोलती हैं. लेकिन इस साल करवा चौथ पर रात को चांद निकलने से पहले ही चतुर्थी तिथि समाप्त हो रही है. इस बार चांद चतुर्थी की बजाए पंचमी तिथि पर दिखाई देगा.