चंद्रमा
चंद्रमा (Moon) पृथ्वी का एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह है (Natural satellite of Earth). पृथ्वी के व्यास के लगभग एक-चौथाई है. यह सौर मंडल का पांचवां सबसे बड़ा उपग्रह है (Fifth satellite of the Solar System).
चंद्रमा पर वातावरण, जलमंडल या चुंबकीय क्षेत्र नहीं है. इसकी सतह का गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी के लगभग एक-छठे (One sixth) (0.1654 ग्राम) है.
नासा के लूनर रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर ने चंद्रमा पर 2024 में बने 222 मीटर चौड़े और 43 मीटर गहरे मैकगेटचिन क्रेटर की खोज की. यह सौर मंडल का सबसे बड़ा नया इम्पैक्ट क्रेटर है, जो 132 साल में एक बार बनता है.
Vish yog 2026: ज्योतिष शास्त्र में जब न्याय के देवता शनि और मन के कारक चंद्रमा एक साथ आते हैं, तो अत्यंत संवेदनशील और कष्टकारी 'विष योग' का निर्माण होता है. आज रात इस योग के बनने से कई राशियों को सावधान रहने की सलाह दी जा रही है. आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में.
अमेरिका चांद पर लौटने की तैयारी कर रहा है और इस बार भारत को भी साथ चाहता है. अमेरिकी डिप्लोमैट सर्जियो गोर ने नासा के मून बेस प्रोग्राम में इसरो को शामिल होने के न्योते की जानकारी दी है.
Chandra Gochar 2026: आज शनि के स्वामित्व वाली मकर राशि में विराजमान चंद्रमा आपके जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं. जानें किस राशि के जातकों को बिजनेस में अचानक धन लाभ होने वाला है और किसके अटके काम गति पकड़ेंगे.
चांद की सतह पर जीवन होना लगभग नामुमकिन है, लेकिन नई स्टडी इस सोच को चुनौती देती है. नासा वैज्ञानिकों ने पाया कि धरती के कुछ माइक्रोब्स चांद पर पहुंचने के बाद भी कुछ समय तक जिंदा रह सकते हैं.
चांद को अब तक शांत और ठंडी दुनिया माना जाता रहा है, लेकिन नई खोज उसके पुराने इतिहास की अलग तस्वीर दिखाती है. वैज्ञानिकों ने चांद की सतह पर दो विशाल ज्वालामुखीय ढांचे खोजे हैं, जो अरबों साल पहले की ज्वालामुखीय गतिविधि के सबूत देते हैं.
चीन चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पानी की बर्फ खोजने के लिए अपना बड़ा मिशन भेज रहा है. Chang'e-7 मिशन में रोवर, लैंडर और खास हॉपिंग प्रोब होंगे, जो चांद के उन अंधेरे गड्ढों तक पहुंचेंगे जहां सूरज की रोशनी नहीं पहुंचती.
चांद पर हुई स्पेसएक्स रॉकेट की टक्कर का निशान अब साफ दिखाई दे रहा है. नासा की नई तस्वीरों में क्रैश से बना करीब 60 फीट चौड़ा गड्ढा दिखा है. खास बात ये है कि इसकी तस्वीर लेना भी वैज्ञानिकों के लिए आसान नहीं था.
Moon Transit 2026: वैदिक ज्योतिष में मन के कारक ग्रह चंद्रमा आज रात अपनी नीच राशि वृश्चिक में गोचर करने जा रहे हैं. यह गोचर बहुत ही विशेष माना जा रहा है क्योंकि इस परिवर्तन के दौरान चंद्रमा अपनी नीच राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे इस गोचर का प्रभाव कुछ राशियों पर नकारात्मक पड़ेगा.
कजरी तीज 2026 का व्रत 31 अगस्त को रखा जाएगा. जानें कजरी तीज की सही तारीख, पूजा के शुभ मुहूर्त, व्रत विधि, शिव-पार्वती पूजा और चंद्रमा को अर्घ्य देने का तरीका क्या है. रात में चंद्रमा को दूध, रोली और अक्षत मिले जल से अर्घ्य देकर व्रत कथा सुनी जाती है.
भारत और अमेरिका के बीच अहम बैठक हुई है. इसमें दोनों देशों के अधिकारियों ने अंतरिक्ष विज्ञान और इंसानों को अंतरिक्ष में भेजने से जुड़े काम पर चर्चा की.
Chandra Gochar 2026: आज देर रात चंद्रमा की चाल में होने वाला बदलाव 3 राशियों के जीवन में सुख-समृद्धि की बारिश करने वाला है. दरअसल, वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा का गोचर बहुत ही विशेष माना जाता है. तो आइए जानते हैं कि चंद्रमा के गोचर से किन राशियों को फायदा होगा.
आज चांद पर स्पेसएक्स के रॉकेट का ऊपरी हिस्सा गिरेगा. वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इस टक्कर से मिलने वाला डेटा चांद की सतह और भविष्य के मानव मिशनों को बेहतर समझने में मदद करेगा.
करीब डेढ़ साल से अंतरिक्ष में भटक रहा SpaceX के फाल्कन-9 रॉकेट का एक विशाल हिस्सा अब चांद से टकराने वाला है. यह स्कूल बस के आकार का मलबा हजारों किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चंद्रमा की सतह पर गिरेगा. वैज्ञानिकों के मुताबिक इससे कोई खतरा नहीं है, लेकिन अंतरिक्ष कचरे के बढ़ते संकट पर नई बहस जरूर छिड़ सकती है.
दुनिया का सबसे ताकतवर रॉकेट फिर उड़ा. 20 स्टारलिंक सैटेलाइट अंतरिक्ष में पहुंचे और कई बड़े टेस्ट भी पूरे हुए. स्टारशिप की यह उड़ान फ्यूचर के मून-मार्स मिशनों की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
चांद पर इंसान का पहला कदम सिर्फ लॉन्च पैड पर नहीं, बल्कि हजारों किलोमीटर दूर उस जगह से शुरू हुआ था, जहां दुनिया के सबसे ताकतवर F-1 इंजनों को बार-बार परखा गया. आज भी वहीं भविष्य के मिशनों की तैयारी जारी है. मेरे साथ चलिए नासा के मिसिसिपी स्थित स्टेनिस स्पेस सेंटर में...
14 जुलाई को गुरु और चंद्रमा की युति से कर्क राशि में गजकेसरी योग बनने जा रहा है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह योग 16 जुलाई तक प्रभावी रहेगा और कुछ राशियों के लिए शुभ माना गया है. इस दौरान धन, करियर, कारोबार और आर्थिक प्रगति से जुड़े सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना व्यक्त की गई है. यह मान्यता व्यक्तिगत विश्वास और ज्योतिषीय परंपराओं पर आधारित है.
इस साल नौतपा 25 मई से 2 जून तक रहने वाला है. इस समयावधि में जल तत्व से जुड़ी चीजों का सेवन लाभकारी माना जाता है. ज्योतिष में चंद्रमा और कुछ हद तक शुक्र को शीतलता और जल का कारक माना गया है. ऐसे में दही, छाछ, नारियल पानी, बेल का शरबत, तरबूज, खरबूजा और खीरा जैसे फल और पेय पदार्थ का सेवन करना चाहिए.
मिथुन राशि में शुक्र, गुरु और चंद्रमा की युति से त्रिग्रही राजयोग बना है. ज्योतिष के अनुसार ये योग मेष, मिथुन, सिंह, तुला और कुंभ राशि के लिए तरक्की और लाभ के संकेत दे रहा है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ये दुर्लभ ग्रह संयोग कई राशियों के लिए सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है
अधिक मास चल रहा है और इस बीच मिथुन राशि में चंद्रमा और गुरु के एकसाथ आने के गजकेसरी योग का निर्माण हुआ है. अधिक मास में पड़ने वाले इस गजकेसरी योग को अत्यंत दुर्लभ माना जा रहा है. इस शुभ योग को तीन राशियों के लिए उत्तम माना जा रहा है.
एक एस्टरॉयड अगले हफ्ते धरती से मात्र 90,917 किलोमीटर दूर से गुजरेगा. यह दूरी चंद्रमा की दूरी का चौथाई है. इसने दिशा बदली तो कोई भी एक शहर पूरी तरह से नष्ट कर सकता है.