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Vastu Tips: गर्मियों में घर की इस दिशा में रखें पानी का मटका, होंगे कई चमत्कारी फायदे

Vastu Tips for Water Pot: गर्मियों में मिट्टी का घड़ा केवल पानी ठंडा नहीं करता, बल्कि घर का वास्तु भी ठीक करता है. जानें मटका रखने की सही दिशा और वास्तु नियम, जिससे घर में आएगी सुख-समृद्धि और आर्थिक तंगी दूर होगी .

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वास्तु के अनुसार मिट्टी का घड़ी आपकी सोई हुई किस्मत को भी जगा सकता है.
वास्तु के अनुसार मिट्टी का घड़ी आपकी सोई हुई किस्मत को भी जगा सकता है.

Vastu Tips For Water Pot: वास्तु शास्त्र में दिशाओं और पंचतत्वों का विशेष महत्व है. गर्मियों की शुरुआत होते ही घरों में मिट्टी के घड़े यानी मटके का उपयोग बढ़ जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मिट्टी का यह साधारण सा घड़ा केवल पानी ठंडा रखने के काम ही नहीं आता, बल्कि वास्तु के अनुसार यह आपकी सोई हुई किस्मत को भी जगा सकता है? मिट्टी को पृथ्वी तत्व का प्रतीक माना जाता है और पानी को जल तत्व का. जब इन दोनों का सही दिशा में मिलन होता है, तो घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. 

मटके के लिए सबसे शुभ दिशा
वास्तु शास्त्र के अनुसार, पानी से भरे मिट्टी के घड़े को रखने के लिए उत्तर दिशा सबसे उत्तम मानी गई है. उत्तर दिशा को जल की दिशा और धन के देवता कुबेर की दिशा माना जाता है. इस दिशा में पानी रखने से घर में सुख-समृद्धि आती है. आर्थिक तंगी भी दूर होती है. यदि उत्तर दिशा में जगह न हो, तो आप इसे उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में भी रख सकते हैं. 

आर्थिक तंगी से मुक्ति के उपाय
अगर आप लंबे समय से कर्ज या धन की कमी से जूझ रहे हैं, तो वास्तु का एक छोटा सा उपाय बहुत कारगर साबित हो सकता है. हमेशा ध्यान रखें कि मटका कभी भी खाली न रहे. रात के समय भी इसमें पानी भरकर रखें. माना जाता है कि भरा हुआ घड़ा घर में धन के भंडार को भी भरा रखता है. 

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मानसिक शांति और वरुण देव का आशीर्वाद
मिट्टी के पात्र में पानी पीने से न केवल सेहत अच्छी रहती है, बल्कि इससे कुंडली में चंद्रमा की स्थिति भी मजबूत होती है. चंद्रमा मन का कारक है, इसलिए मटके का पानी पीने से मानसिक तनाव कम होता है और एकाग्रता बढ़ती है. वास्तु के अनुसार, मटके के पास शाम के समय एक दीपक जलाने से वरुण देव प्रसन्न होते हैं. इससे घर के सदस्यों पर आने वाली विपत्तियां टल जाती हैं. 

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

कभी भी मटके को दक्षिण दिशा में न रखें, क्योंकि यह अग्नि की दिशा मानी जाती है. यहाँ जल रखने से वास्तु दोष उत्पन्न होता है. 

मटका कहीं से भी चटका हुआ या टूटा हुआ नहीं होना चाहिए. खंडित पात्र घर में नकारात्मकता लाता है. 

घड़े के पानी को नियमित रूप से बदलें. बासी या गंदा पानी वास्तु के अनुसार शुभ नहीं माना जाता.

सेहत और सौभाग्य का संगम
मिट्टी की सोंधी खुशबू न केवल मन को सुकून देती है, बल्कि फ्रिज के ठंडे पानी की तुलना में यह गले और पेट के लिए भी अमृत समान है. यदि आप अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव देखना चाहते हैं, तो इस बार मटका लाते समय उसे वास्तु के अनुरूप सही स्थान पर जरूर स्थापित करें. 

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