साल का अंतिम सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा. सूर्य ग्रहण कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में लगने वाला है. इस सूर्य ग्रहण की तारीख, समय को लेकर बहुत कन्फ्यूजन है. बहुत से लोग तो यह भी नहीं जानते कि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई देगा या नहीं. या फिर इसका सूतक काल मान्य होगा या नहीं. इस बारे में ज्योतिषाचार्य डॉ. श्रीपति त्रिपाठी ने विस्तार से जानकारी दी है. आइए आपको आगामी सूर्य ग्रहण की हर महत्वपूर्ण जानकारी विस्तार से बताते हैं.
कब लगेगा सूर्य ग्रहण?
साल के इस आखिरी सूर्य ग्रहण की तारीख को लेकर बड़ा कन्फ्यूजन फैला है. कोई 11 अगस्त, कोई 12 अगस्त तो कोई 13 अगस्त को सूर्य ग्रहण बता रहा है. हिंदू पंचांग के अनुसार, यह सूर्य ग्रहण 12 अगस्त की रात लगने वाला है.
कितने बजे लगेगा सूर्य ग्रहण?
भारतीय समयानुसार, 12 अगस्त को लगने वाले सूर्य ग्रहण रात 9 बजकर 4 मिनट से आरंभ होगा. ग्रहण का समापन 13 अगस्त को देर रात 1 बजकर 27 मिनट पर होगा. इस बीच ग्रहण का पीक टाइम रात 11 बजकर 16 मिनट पर आएगा. ग्रहण काल की कुल अवधि 4 घंटे 23 मिनट की रहने वाली है.
क्या भारत में दिखाई देगा सूर्य ग्रहण?
यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. इसलिए भारत में रहने वालों को इससे घबराने या चिंता करने की जरूरत नहीं है. ग्रहण का मुख्य मार्ग ग्रीनलैंड, आइसलैंड और उत्तरी रूस से होकर गुजरेगा. ऐसे में स्पेन और पुर्तगाल के कुछ हिस्सों में पूर्ण ग्रहण देखा जा सकेगा. इसके अलावा, दुनिया के कुछ अन्य क्षेत्रों में ग्रहण आंशिक रूप से भी दिखाई देने वाला है.
क्या भारत में लागू होगा सूतक काल?
भारत में इस सूर्य ग्रहण की दृश्यता न होने के कारण इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा. आमतौर पर सूर्य ग्रहण दिखाई देने से 12 घंटे पहले ही सूतक काल लागू हो जाता है. सूतक काल लागू होने पर मंदिर में पूजा-पाठ, देवी-देवताओं की प्रतिमा का स्पर्श और शुभ-मांगलिक कार्य वर्जित हो जाते हैं.
कब लगता है सूर्य ग्रहण?
सूर्य ग्रहण तब होता है, जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और उसकी छाया पृथ्वी के किसी हिस्से पर पड़ती है. सूर्य ग्रहण केवल अमावस्या के दौरान ही संभव होता है. लेकिन हर अमावस्या को ग्रहण नहीं लगता है. इसका कारण सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी की कक्षाओं का झुकाव है. जब तीनों की स्थिति एक विशेष तरह से बनती है, तभी सूर्य ग्रहण का संयोग बनता है.
12 अगस्त के सूर्य ग्रहण का नजारा कैसा होगा?
12 अगस्त को लगने वाला ग्रहण पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा. पूर्ण ग्रहण के दौरान कुछ स्थानों से चंद्रमा सूर्य के चमकीले हिस्से को पूरी तरह ढक लेता है. इससे दिन में कुछ समय के लिए असामान्य रूप से अंधेरा छा सकता है. यानी लोगों को दिन में रात जैसा अनुभव हो सकता है. हालांकि ऐसा उन्हीं जगहों पर होगा, जहां पूर्ण सूर्य ग्रहण का नजारा लोगों को दिखाई देगा.
सूर्य ग्रहण का प्रभाव हर इंसान पर एक जैसा होता है?
वैदिक ज्योतिष में सूर्य को आत्मा, आत्मविश्वास, पिता, प्रतिष्ठा, नेतृत्व, प्रशासन, सम्मान और जीवन ऊर्जा का कारक माना जाता है. इसलिए सूर्य ग्रहण को ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण घटना माना जाता है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के समय सूर्य से जुड़े विषयों पर विशेष प्रभाव पड़ सकता है. इसे आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता, प्रतिष्ठा और पिता से संबंधित मामलों से जोड़कर देखा जाता है. हालांकि सूर्य ग्रहण का प्रभाव हर व्यक्ति के लिए समान नहीं माना जाता है. किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में सूर्य की स्थिति, उसका भाव, दूसरे ग्रहों से संबंध और चल रही दशा जैसे कारकों को देखकर ही व्यक्तिगत फलादेश किया जाता है.
सूर्य ग्रहण को लेकर अक्सर सोशल मीडिया पर तरह-तरह के दावे सामने आते हैं. कुछ लोग इसे पूरी तरह शुभ बताते हैं तो कुछ इसे अशुभ घटना के तौर पर पेश करते हैं. लेकिन केवल अपनी राशि देखकर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि ग्रहण का निश्चित रूप से कोई बुरा प्रभाव पड़ेगा. वास्तव में कुंडली की पूरी स्थिति को देखकर ही ग्रहण के प्रभाव का आकलन किया जाना चाहिए. इसलिए ग्रहण को लेकर अनावश्यक भय पैदा करने के बजाय सही जानकारी पर ध्यान दें.