इस साल शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर को शुरू हुए थे और 19 अक्टूबर को समाप्त होंगे. इस दौरान अष्टमी और नवमी दोनों एकसाथ 19 अक्टूबर को मनाई जाएगी. ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल है कि जब नवरात्र पूरे 9 दिन के हैं तो अष्टमी और नवमी एकसाथ कैसे मनाई जाएगी. और अगर अष्टमी-नवमी दोनों 19 अक्टूबर और सप्तमी 17 अक्टूबर को है तो 18 अक्टूबर को क्या होगा. आइए जानते हैं कि नवरात्र में तारीखों का यह पेंच कहां फंस रहा है और सप्तमी-अष्टमी-नवमी किस दिन है.
नवरात्र 2026 महासप्तमी कब है?
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार सप्तमी तिथि 17 अक्टूबर को सुबह 5 बजकर 54 मिनट से लेकर 18 अक्टूबर को सुबह 8 बजकर 28 मिनट तक रहेगी. चूंकि 17 और 18 अक्टूबर दोनों ही दिन सप्तमी सूर्योदय को स्पर्श कर रही है, इसलिए महासप्तमी 17-18 अक्टूबर दोनों दिन मान्य है. नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा करने का विधान है. इस दिन भक्त भय, बाधाओं और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति के लिए मां कालरात्रि की विधिवत पूजा करते हैं.
नवरात्र 2026 महाअष्टमी कब है?
पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर को सुबह 8 बजकर 28 मिनट से लेकर 19 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 51 मिनट तक रहेगी. चूंकि 18 अक्टूबर को सुबह अष्टमी पर उदया तिथि नहीं मिल रही है. इसलिए अष्टमी तिथि प 19 अक्टूबर दिन सोमवार को मान्य होगी. इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा की जाती है. अष्टमी तिथि पर कन्या पूजन करने का भी विधान है.
नवरात्र 2026 महानवमी कब है?
शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि 19 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 51 मिनट से लेकर 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक रहेगी. पंचांग के अनुसार, महानवमी तिथि भी 19 को ही मान्य होगी. इस दिन देवी के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की आराधना की जाएगी. साथ ही, महानवमी का कन्या पूजन भी इसी दिन किया जाएगा.
शारदीय नवरात्र 2026 पारण तिथि और मुहूर्त
शारदीय नवरात्र का पारण 20 अक्टूबर को किया जाएगा. आप ब्रह्म मुहूर्त या अभिजीत मुहूर्त किसी भी समय व्रत का पारण कर सकती हैं. इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 44 मिनट से लेकर सुबह 5 बजकर 34 मिनट तक रहेगा. इसके अलावा, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक बताया जा रहा है.