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Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन पर 3 घंटे 51 मिनट ही शुभ, नोट करें राखी बांधने का मुहूर्त और राहुकाल

Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन 2026 पर राखी बांधने के शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी यहां जानें. नोट करें 3 घंटे 51 मिनट का शुभ समय, राहुकाल और चंद्र ग्रहण की टाइमिंग.

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Raksha Bandhan 2026
Raksha Bandhan 2026

Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का पर्व है. इस दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना करती हैं.  इस बार रक्षाबंधन का पर्व खास रहने वाला है, क्योंकि इसी दिन चंद्र ग्रहण भी लगेगा. ऐसे में राखी बांधने से पहले शुभ मुहूर्त, राहु काल और ग्रहण के समय की जानकारी होना जरूरी है. 

28 अगस्त को मनाया जाएगा रक्षा बंधन

इस साल रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा. पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को सुबह 9:08 बजे शुरू होकर 28 अगस्त को सुबह 9:48 बजे समाप्त होगी. उदया तिथि के आधार पर रक्षा बंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा.

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

रक्षाबंधन के दिन भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक का समय शुभ रहेगा. यानी बहनों को राखी बांधने के लिए कुल 3 घंटे 51 मिनट का शुभ समय मिलेगा. इस अवधि में अपनी सुविधा के अनुसार शुभ समय देखकर भाई को राखी बांधी जा सकती है. 

राखी बांधते समय पहले भाई को तिलक लगाएं, इसके बाद आरती उतारें, उसकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधें. फिर भाई को मिठाई खिलाकर उसकी सुख-समृद्धि और लंबी आयु की कामना करें. हालांकि, शुभ मुहूर्त की गणना शहर के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकती है, इसलिए अपने स्थानीय पंचांग के समय को प्राथमिकता देना बेहतर रहेगा.

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राहु काल का भी रखें ध्यान

रक्षाबंधन के दिन राखी बांधते समय राहु काल का ध्यान रखना भी जरूरी माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राहु काल में शुभ कार्य करने से बचना चाहिए. ऐसे में बहनें सुबह मिलने वाले शुभ मुहूर्त में ही राखी बांध सकती हैं. इससे राहु काल में राखी बांधने की स्थिति नहीं बनेगी.

रक्षाबंधन के दिन चंद्र ग्रहण

इस साल रक्षाबंधन के दिन चंद्र ग्रहण भी लगेगा. ग्रहण 28 अगस्त को होगा. हालांकि, ग्रहण की दृश्यता हर स्थान पर एक जैसी नहीं होगी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जिस स्थान पर ग्रहण दिखाई देता है, वहां सूतक काल और अन्य धार्मिक नियमों का पालन किया जाता है. इसलिए अपने शहर में ग्रहण की दृश्यता जरूर जांच लें.

राखी बांधते समय इन बातों का रखें ध्यान

राखी बांधने से पहले पूजा की थाली में रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई और राखी रखें. भाई को तिलक लगाने के बाद आरती करें. फिर दाहिनी कलाई पर राखी बांधें. इसके बाद मिठाई खिलाएं. भाई भी बहन को उपहार देकर उसकी रक्षा और सुख-समृद्धि का संकल्प लेता है. मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से राखी बांधने से भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम और सौहार्द बना रहता है.
 

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