वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत का मामला सामने आया है. दीपक ने शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे बाराह घाट मार्ग स्थित गुरु कृपा कुंज आश्रम की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली. घटना के बाद दीपक को आनन-फानन में एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. दीपक के शव को फिलहाल पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. इस खुदकुशी की वजह तो अभी तक सामने नहीं आई है. लेकिन आत्महत्या के बाद एक बड़ा अहम खुलासा हुआ है.
मृतक के बहनोई सोनू पटेल ने बताया कि इस घटना की जानकारी परिजनों को भी दी गई. परिवार को बताया गया कि दीपक गिर गए हैं और अस्पताल में उनका ऑपरेशन होगा. परिवार जब आनन-फानन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचा तो वहां मौजूद लोगों ने उन्हें बाहर बैठने के लिए बोल दिया. कई घंटों तक आश्रम के बाहर बैठने के बाद भी परिजनों को घटना से जुड़ी जानकारी नहीं दी गई.
2024 में प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़ा था दीपक
सोनू पटेल ने बताया कि दीपक लोधी साल 2024 से प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़ा था. उन्होंने बताया कि जब से दीपक ने गुरु दक्षिणा ली थी, तब से परिवार से उसे नहीं मिलने दिया गया. जब भी परिवार का कोई सदस्य उससे मिलने यहां आता था, तो उसे दो-दो घंटे इंतजार करने के लिए कहा जाता था. सोनू ने बताया कि दीपक के पास मोबाइल फोन भी नहीं था. इसलिए परिवार से कोई संपर्क भी उसका नहीं रहता था. उन्होंने कहा कि दीपक ने आत्महत्या की है या किस वजह से उनकी मौत हुई, इस बारे में अभी तक परिवार को कोई जानकारी नहीं मिली है.
शरीर पर चोट के निशान
पुलिस की शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या का बताया जा रहा है. बताया गया कि घटना के बाद आश्रम के लोग ही गंभीर हालत में साधक को अस्पताल लेकर पहुंचे थे. हालांकि, पुलिस को घटना की सूचना काफी देर बाद दी गई, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की.
दीपक लोधी की मौत के बाद कई अहम सवाल भी उठ रहे हैं. दरअसल, साधक के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं. ये चोटें छत से गिरने की वजह से आईं या घटना से पहले लगी थीं, यह फिलहाज जांच का विषय है. मथुरा पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मामला आत्महत्या का है या फिर इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है. फॉरेंसिक टीम भी मौके से जरूरी साक्ष्य जुटा रही है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके.