Pitru Paksha 2026: हिंदू धर्म में पितृ पक्ष (Shradh Paksha) का समय पूर्वजों को समर्पित बेहद पवित्र और अहम काल माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन 16 दिनों में पितर लोक से सूक्ष्म रूप में हमारे पूर्वज धरती पर अपने परिजनों के बीच आते हैं. इस दौरान पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध कर्म के साथ-साथ यदि सच्चे मन से कुछ खास चीजों का दान किया जाए, तो पितरों को मोक्ष और तृप्ति मिलती है. साथ ही, घर की दरिद्रता दूर होकर जीवन में सुख-समृद्धि और धन-धान्य के भंडार भर जाते हैं. आइए जानते हैं कि पितृ पक्ष 2026 के दौरान किन 7 चीजों का दान करना सबसे फलदायी माना गया है.
पितृ पक्ष में करें इन 7 चमकारी चीजों का दान
अन्न दान (सर्वश्रेष्ठ दान):
हिंदू धर्म में अन्न दान को सभी दानों में सबसे बड़ा और श्रेष्ठ माना गया है. पितृ पक्ष के दौरान गेहूं, चावल, जौ, काले चने या सुदामा रूप में राशन सामग्री (सीधा) का दान करना चाहिए. मान्यता है कि इससे घर में कभी भी अन्न और धन का संकट नहीं होता है. बरकत बनी रहती है.
काले तिल का दान:
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार काले तिल भगवान विष्णु के पसीने से उत्पन्न हुए हैं. श्राद्ध, पिंडदान और तर्पण के साथ-साथ काले तिल का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है. इससे पितृ प्रसन्न होते हैं, उनकी असीम कृपा प्राप्त होती है.
गौ दान (या गौ सेवा):
शास्त्रों में गाय को समस्त देवी-देवताओं और पितरों का वास स्थल माना गया है. पितृ पक्ष में गौ दान या गौशाला में गाय के चारे (हरा चारा, गुड़ और भूसा) का दान करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है . कुल में वंश वृद्धि होती है.
वस्त्र दान:
पितृ पक्ष के दौरान किसी जरूरतमंद, गरीब या ब्राह्मण को वस्त्र (धोती, कुर्ता, गमछी या चादर) दान करना बहुत उत्तम माना जाता है. मान्यता है कि वस्त्र दान करने से जातक को मान-सम्मान, आरोग्य और लंबी आयु का आशीर्वाद मिलता है.
घी और गुड़ का दान:
यदि आपके घर में हमेशा क्लेश रहता है, मानसिक अशांति है या आर्थिक तंगी बनी हुई है, तो पितृ पक्ष में शुद्ध देसी घी या गुड़ का दान जरूर करें. इससे घर की दरिद्रता का नाश होता है . पारिवारिक रिश्तों में मधुरता आती है.
चांदी या स्वर्ण दान:
चांदी का संबंध सीधे चंद्रमा से माना गया है. पितृ पक्ष में अपनी क्षमतानुसार चांदी या सोने की कोई वस्तु दान करने से पितरों को परम शांति मिलती है. यह दान वंश की वृद्धि और मानसिक स्थिरता के लिए बेहद अचूक माना जाता है.
नमक का दान:
ज्योतिष और धर्म के अनुसार, पितृ पक्ष में नमक का दान करने से अनजाने में किए गए पापों और दोषों से मुक्ति मिलती है. यह घर की नेगेटिव ऊर्जा को समाप्त कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है.
दान करने का सबसे सही समय और नियम:
कुतप काल: पितृ पक्ष में दान-पुण्य और श्राद्धकर्म करने का सबसे उत्तम समय दोपहर का माना जाता है, विशेषकर कुतप काल (दोपहर 11:30 बजे से 12:30 बजे के बीच).