आंध्र प्रदेश के कोनासीमा जिले का अमलापुरम स्थित एक मंदिर इन दिनों लोगों का खूब ध्यान खींच रहा है. यहां श्री वासवी कन्यका परमेश्वरी देवी मंदिर महालक्ष्मी को समर्पित है. शारदीय नवरात्र में इस मंदिर की देवी का करीब साढ़े चार करोड़ रुपए के नोटों से शृंगार किया गया है. देवी को अलग-अलग रंगों के करेंसी नोटों से बनी विस्तृत मालाओं से सजाया गया है. मंदिर में की गई इस विशेष सजावट को देखने और देवी के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं.
15 दिनों में तैयार हुई नोटों की माला
मंदिर समिति के सदस्यों के अनुसार, करेंसी नोटों से बनी इन विशेष मालाओं को तैयार करने में करीब 15 दिन का समय लगा. सजावट में इस्तेमाल किए गए नोट कथित तौर पर श्रद्धालुओं ने ही दिए हैं. इस तरह यह शृंगार मंदिर के वार्षिक उत्सव में भक्तों की सामूहिक भागीदारी को भी दर्शाता है. देवी की प्रतिमा और मंदिर के आस-पास के हिस्से में नोटों को बेहद बारीकी से सजाया गया है. अलग-अलग रंगों के नोटों को व्यवस्थित ढंग से लगाकर यह खास सजावट की गई है. इसे बनाने में काफी समय और मेहनत लगी.
सजावट के बाद श्रद्धालुओं को लौटाए जाएंगे नोट
मंदिर समिति के सदस्यों के मुताबिक, सजावट पूरी होने के बाद जिन श्रद्धालुओं ने नोट दिए हैं, उन्हें वापस लौटा दिया जाएगा. कुछ श्रद्धालुओं की मान्यता है कि इन नोटों को घर या व्यावसायिक प्रतिष्ठान में रखने से सौभाग्य आता है और कारोबार में समृद्धि मिलती है. इस मान्यता के चलते नोटों से किया गया यह शृंगार धार्मिक आस्था के साथ आर्थिक खुशहाली की कामना से भी जुड़ा है.
धूमधाम से नवरात्र मनाने की परंपरा
श्री वासवी कन्यका परमेश्वरी मंदिर की यह सजावट भी श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर की विशिष्ट परंपराओं को सामने लाती है. यहां हर साल नवरात्र के पावन दिनों में देवी का विधिवत पूजन किया जाता है. विशेष प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं. श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित करने के लिए मंदिर परिसर में विशेष तरह की साज-सजावट और तैयारियां की जाती हैं. देवी को विशेष प्रकार के भोग प्रसाद अर्पित किए जाते हैं और फिर उसे श्रद्धालुओं में बांटा भी जाता है.