राजस्थान में भजन लाल शर्मा सरकार के करीब तीन साल के कार्यकाल और प्रदेश में हुए विकास कार्यों को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने अपनी बात रखी है. ‘पंचायत आजतक राजस्थान’ के सत्र ‘तीन साल… बदला हाल’ में उन्होंने बिजली, पानी, औद्योगिक निवेश और पार्टी के संगठनात्मक कामकाज जैसे मुद्दों पर चर्चा की. राठौड़ ने दावा किया कि राज्य सरकार ने बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने और राजस्थान को विकास की दिशा में आगे ले जाने के लिए कई कदम उठाए हैं.
उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर विकास कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं करने का आरोप लगाया. साथ ही कहा कि मौजूदा सरकार के दौरान स्थिरता के साथ काम हो रहा है और निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने के प्रयास किए जा रहे हैं.
बिजली के मामले में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने का दावा
मदन राठौड़ ने कहा कि भजनलाल शर्मा के मुख्यमंत्री बनने के समय प्रदेश में बिजली कटौती की समस्या थी और बिजली उत्पादन से जुड़े कुछ संयंत्रों का संचालन भी प्रभावित था. उनके मुताबिक, सरकार ने शुरुआत में बिजली खरीदने के साथ-साथ राज्य में बिजली उत्पादन बढ़ाने पर भी ध्यान दिया. उन्होंने सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार बिजली के मामले में राजस्थान को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ी है. राठौड़ ने दावा किया कि किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है और बिजली कटौती की समस्या में सुधार हुआ है.
राजस्थान में पानी की कमी को लंबे समय से बड़ी चुनौती माना जाता रहा है. इस मुद्दे पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) और यमुना जल समझौते का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि ईआरसीपी परियोजना लंबे समय से अटकी हुई थी, लेकिन भजनलाल शर्मा सरकार ने इस दिशा में समझौता कर आगे बढ़ने का प्रयास किया. उन्होंने दावा किया कि इससे राजस्थान के 16 जिलों को लाभ मिलने की उम्मीद है.
उन्होंने यमुना जल समझौते को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे शेखावाटी क्षेत्र में पानी की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी. इसके अलावा, पंजाब से आने वाले पानी की आपूर्ति में होने वाले नुकसान को रोकने और हरियाणा से पाइपलाइन के माध्यम से पानी लाने की योजनाओं का भी जिक्र किया. राठौड़ ने कहा कि पानी की उपलब्धता बढ़ने से किसानों को सिंचाई में मदद मिलेगी और राज्य के सूखे क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है.
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राइजिंग राजस्थान में निवेश को जमीन पर उतारने का दावा
राज्य में औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों पर चर्चा करते हुए मदन राठौड़ ने राइजिंग राजस्थान निवेश पहल का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि निवेशकों का भरोसा बनाए रखने के लिए केवल समझौते करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि परियोजनाओं को धरातल पर उतारना भी जरूरी है. उन्होंने बताया कि सरकार निवेशकों की जरूरतों के अनुसार जमीन, बिजली, पानी और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में मदद कर रही है. इसके लिए अधिकारियों को परियोजनाओं से जोड़ने और संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाने का प्रयास किया जा रहा है.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि निवेशकों को स्थिर सरकार और समय पर निर्णय लेने वाली व्यवस्था की जरूरत होती है. उनके अनुसार, राज्य में औद्योगिक परियोजनाओं के आगे बढ़ने से रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं.
कांग्रेस पर लगाया राजनीतिक अस्थिरता का आरोप
राठौड़ ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उस समय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच राजनीतिक खींचतान का असर शासन पर पड़ा. उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार में मुख्यमंत्री और संगठन के बीच बेहतर तालमेल है और फैसले सामूहिक चर्चा के बाद लिए जाते हैं. राठौड़ के मुताबिक, सरकार की योजनाओं और निर्णयों को लागू करने में प्रशासनिक स्तर पर समन्वय बनाए रखा जा रहा है.
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उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के कामकाज में नौकरशाही के हावी होने जैसी स्थिति नहीं है. उनके अनुसार, योजनाओं को लागू करने और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार व्यवस्थित तरीके से काम कर रही है.
भाजपा में गुटबाजी के सवाल पर क्या बोले मदन राठौड़?
राजस्थान भाजपा में गुटबाजी और नेताओं के बीच मतभेदों को लेकर पूछे गए सवाल पर मदन राठौड़ ने कहा कि पार्टी में सामूहिक निर्णय लेने की परंपरा है. उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से अनुशासन और विनम्रता पर जोर दिए जाने के संदर्भ में कहा कि नेतृत्व का काम कार्यकर्ताओं और नेताओं को दिशा देना भी है. उन्होंने कहा कि भाजपा में उम्मीदवारों के चयन से लेकर बड़े आयोजनों और भविष्य की योजनाओं तक पर सामूहिक रूप से चर्चा की जाती है. उन्होंने दावा किया कि पार्टी में फैसले थोपे नहीं जाते, बल्कि कोर कमेटी और अन्य संबंधित मंचों पर विचार-विमर्श किया जाता है.
उन्होंने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की ओर से बजट तैयार करने के दौरान विभिन्न वर्गों से सुझाव लेने का भी उल्लेख किया. उनके अनुसार, सरकार कर्मचारियों, व्यापारियों और किसानों सहित अलग-अलग वर्गों की राय को महत्व देती है.
संगठन में काम करने वालों को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
भजन लाल शर्मा को संगठन में काम करने के अनुभव के आधार पर मुख्यमंत्री बनाए जाने के सवाल पर राठौड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि संगठन में काम करने का अनुभव शासन चलाने में भी उपयोगी हो सकता है. राठौड़ के मुताबिक, संगठनात्मक अनुभव रखने वाले व्यक्ति को सरकार की जिम्मेदारी मिलने से पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है. उन्होंने कहा कि संगठन और सरकार के बीच तालमेल होने से योजनाओं को लागू करने में मदद मिलती है.
स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन पर चर्चा
राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर राठौड़ ने भाजपा के प्रदर्शन का उल्लेख किया. उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने नगर निगमों में करीब 90 प्रतिशत और नगर परिषदों में लगभग 66 प्रतिशत सफलता हासिल की. हालांकि, कांग्रेस की ओर से दोनों दलों के बीच वोट प्रतिशत का अंतर कम होने की बात उठाए जाने पर राठौड़ ने कहा कि चुनाव में कुछ जगहों पर पार्टी से टिकट देने में गलतियां हुई होंगी. उन्होंने माना कि ऐसे मामलों में जनता ने अपने पसंदीदा उम्मीदवारों को जीत दिलाई.
निर्दलीय उम्मीदवारों की जीत पर उन्होंने कहा कि कई ऐसे उम्मीदवार भाजपा से जुड़े या पार्टी के समर्थन में आए, जिन्हें टिकट नहीं मिला था. उनके अनुसार, चुनाव परिणामों से पार्टी को अपनी रणनीति और उम्मीदवारों के चयन की समीक्षा करने का अवसर भी मिलता है.