राजस्थान के अलवर में कुत्तों की एक ऐसी प्रतियोगिता आयोजित हुई, जिसमें उनके करतब देखकर लोग हैरान रह गए. यहां आम कुत्ते नहीं, बल्कि सशस्त्र सीमा बल (SSB) के प्रशिक्षित डॉग्स अपनी प्रतिभा दिखाने पहुंचे थे. किसी ने विस्फोटक पदार्थों का पता लगाने में अपनी दक्षता दिखाई, तो किसी ने नशीले पदार्थों की पहचान कर सबका ध्यान खींचा. इस अनोखी प्रतियोगिता में देशभर से आए डॉग दस्तों ने हिस्सा लिया. मुकाबले के अंत में अलवर की टीम ने बाजी मार ली, जबकि पटना फ्रंटियर की टीम उपविजेता बनी.
अलवर के डेरा स्थित सशस्त्र सीमा बल के डॉग प्रशिक्षण एवं प्रजनन केंद्र (DT&BC) में इंटर-फ्रंटियर डॉग प्रतियोगिता-2026 का आयोजन किया गया. इसमें विभिन्न फ्रंटियर और इकाइयों से आए प्रशिक्षित डॉग्स ने अपनी कार्यकुशलता, अनुशासन और प्रशिक्षण का प्रदर्शन किया. प्रतियोगिता का मकसद सुरक्षा अभियानों में डॉग दस्तों की क्षमता को और मजबूत करना तथा अलग-अलग इकाइयों के बीच अनुभव साझा करना था.
समापन समारोह में बल मुख्यालय, नई दिल्ली के उपमहानिरीक्षक (पशु चिकित्सा) डॉ. एस. सी. सुखदेव ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले डॉग्स और उनके हैंडलर्स को सम्मानित किया.
विस्फोटक खोजने में किसने मारी बाजी?
एक्सप्लोसिव डिटेक्शन (ED) श्रेणी में पटना फ्रंटियर की 16वीं बटालियन के CT(GD) पारला गौरिशंकर ने 79.4 प्रतिशत अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया. अलवर स्थित DT&BC के CT(GD) अभिषेक कुमार 77.9 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरे और CT(Vety) शुभम आ. वाघधारे 73.8 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे.
नशीले पदार्थों की पहचान में रानीखेत का डॉग अव्वल
नारकोटिक्स डिटेक्शन (ND) श्रेणी में रानीखेत फ्रंटियर की पांचवीं बटालियन के CT(Vety) पप्पू ने शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने 85.3 प्रतिशत अंक हासिल कर पहला स्थान अपने नाम किया. अलवर के CT(GD) राउत एकनाथ बाबूराव 76.8 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरे और पटना फ्रंटियर की 20वीं बटालियन के CT(GD) कुमावत मनोज कुमार 74.8 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे.
TKR मुकाबले में भी अलवर का दबदबा
TKR श्रेणी में DT&BC के CT(GD) मोहित कुमार ने 67.50 प्रतिशत अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया. पटना फ्रंटियर की 29वीं बटालियन के CT(GD) नाथू सिंह गुर्जर 60.13 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरे और सिलीगुड़ी फ्रंटियर की आठवीं बटालियन के CT(GD) सुमन सरकार 54.88 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे.
डॉग्स की ट्रेनिंग और क्षमता को परखने का मंच
प्रतियोगिता में डॉग्स ने अपने हैंडलर्स के साथ तालमेल, अनुशासन और विशेष प्रशिक्षण से जुड़ी क्षमताओं का प्रदर्शन किया. इस तरह के आयोजन सुरक्षा बलों के लिए अहम हैं, क्योंकि प्रशिक्षित डॉग्स विस्फोटक और नशीले पदार्थों का पता लगाने जैसे महत्वपूर्ण कामों में मदद करते हैं.
समापन समारोह में सहायक कमांडेंट (पशु चिकित्सा) डॉ. अभिषेक राठी ने आयोजन को सफल बनाने वाले अधिकारियों, निर्णायकों, प्रशिक्षकों और डॉग हैंडलर्स का आभार जताया. कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और प्रतियोगिता को लेकर उत्साह देखने को मिला.