श्रावण शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है. इस साल राखी का यह पर्व 28 अगस्त को मनाया जाएगा. इस अवसर पर उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में विशेष आयोजन होंगे. श्रावण पूर्णिमा पर श्री महाकालेश्वर मंदिर में पुजारी परिवार की ओर से भगवान महाकाल को राखी बांधने की परंपरा है. साथ ही, भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल को सवा लाख लड्डुओं का महाभोग लगाया जाएगा. तड़के भस्म आरती में बाबा महाकाल को यह महाभोग अर्पित होगा. इसके बाद दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को लड्डू प्रसाद वितरित किया जाएगा.
बता दें कि मंगलवार से लड्डू प्रसाद बनाने का काम शुरू हो चुका है. मंदिर के पंडे पुरोहितों ने सबसे पहले मंत्रोच्चार के साथ भट्टी पूजन किया. इसके बाद पुजारियों ने भी लड्डू प्रसाद बनाया. मंदिर के पुजारी राजेश शर्मा ने बताया कि ये परंपरा उनके पूर्वजों के समय से चली आ रही है. भगवान के भोग के लिए बेसन और शुद्ध घी से लड्डू का प्रसाद तैयार किया जाता है. प्रसाद में शुद्धता और साफ सफाई का भी पूरा ध्यान रखा जाता है. मंगलवार को लड्डू प्रसाद निर्माण के लिए आई महिला कर्मचारियों ने भजन गाकर प्रसाद बनाने का कार्य आरंभ किया. 27 अगस्त की रात तक लड्डू का प्रसाद बनाने का कार्य निरंतर चलता रहेगा.
रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण का साया
रक्षाबंधन के दिन साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भी लगने वाला है. चंद्र ग्रहण कुंभ राशि और अश्लेषा नक्षत्र में लगेगा. यह चंद्र ग्रहण सुबह 06.53 बजे से लेकर दोपहर 12.32 बजे तक लगा रहेगा. हालांकि चंद्र ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं है. इसलिए इसका सूतक काल यहां मान्य नहीं होगा. इससे न तो आपके किसी शुभ कार्य में कोई बाधा आएगी और न ही किसी धार्मिक अनुष्ठान में कोई खलल पड़ेगा.
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
रक्षाबंधन पर राखी बांधने के दो सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त बताए जा रहे हैं. पहला मुहूर्त सुबह 5:57 बजे से सुबह 9:48 बजे तक रहेगा. इसके बाद अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:04 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक रहेगा. इस मुहूर्त में भी बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र सजा सकती हैं.