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नाम तृप्ति... काम ठगी... और शौक लग्जरी लाइफ का! फर्जी IAS की ये कहानी हैरत में डाल देगी

मध्य प्रदेश के अशोकनगर में चंदेरी पुलिस ने फर्जी IAS अधिकारी बनकर लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देने वाले भाई-बहन को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि दोनों ने सरकारी नौकरी और अच्छी सैलरी का लालच देकर पीड़ितों से कुल 9 लाख 80 हजार रुपये ठग लिए. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने खुद को अफसर बताकर लोगों का भरोसा जीता और नौकरी के नाम पर पैसे के साथ जरूरी दस्तावेज भी ले लिए.

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फर्जी IAS बनकर दिया था नौकरी का झांसा. (Photo: ITG)
फर्जी IAS बनकर दिया था नौकरी का झांसा. (Photo: ITG)

ठगी की ये कहानी मध्य प्रदेश के अशोकनगर की है. यहां एक महिला अपने भाई के साथ मिलकर पूरा खेल कर रही थी. महिला खुद को आईएएस बताती थी, लोग उसके झांसे में आ जाते थे. फिर नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे ऐंठ लिए जाते थे. इस तरह 9 लाख 80 हजार रुपये की ठगी कर ली गई. अब चंदेरी पुलिस ने ठगी के आरोपी भाई बहन को पकड़ लिया है.

अशोकनगर एसपी राजीव मिश्रा के निर्देश पर पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया. पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला की पहचान तृप्ति सिंह राजपूत के रूप में हुई है. वहीं उसके भाई की पहचान सुधांशु राजपूत के रूप में हुई. ये लोग 7 अप्रैल 2025 को अपने अन्य साथी तनुज वैश्य और अंजली सिंह के साथ चंदेरी घूमने आए थे. यहां किला कोठी में ठहरे थे.

आरोपियों में से तृप्ति सिंह ने खुद को मध्य प्रदेश टूरिज्म विभाग की एडिशनल डायरेक्टर बताया था, और फरियादी उसकी बातों में आ गए. इसके बाद आरोपियों ने फरियादियों को सरकारी नौकरी लगवाने के साथ अच्छा वेतन दिलाने का झांसा दिया. आरोपियों ने कहा कि नौकरी मानव संसाधन विकास मंत्रालय में लगेगी. तृप्ति सिंह ने खुद को उसका हेड बताया.

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नौकरी लगवाने के नाम पर हर व्यक्ति से तीन लाख रुपये की मांग की गई. भरोसे में आकर फरियादियों ने कुल 9 लाख 80 हजार रुपये किला कोठी में आरोपियों को दे दिए. इसी के साथ जरूरी दस्तावेज भी दिए थे. वहीं बाकी 2 लाख रुपये बाद में देने की बात कही थी.

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यह भी पढ़ें: 'सरकार' की कार, झूठी रिपोर्ट और बीमा क्लेम... फर्जी अफसर की बिहार के शराब माफियाओं से वसूली की कहानी

लेकिन वक्त बीतता गया, न तो किसी की नौकरी लगी और न ही किसी को वापस पैसे मिले. इसके बाद पीड़ितों को जब ठगी का एहसास हुआ तो शिकायत पुलिस से की गई. पीड़ित लगभग तीन महीने पहले एसपी राजीव मिश्रा के पास पहुंचे थे, लेकिन उस वक्त किसी तरह का कोई रिकॉर्ड नहीं था.

इसके बाद एसपी ने सभी पीड़ितों को निर्देश दिए कि किस तरह आरोपियों को बातों में फंसाना है और तृप्ति सिंह को नए लोगों की नौकरी लगवाने का लालच दिया. इसके बाद शनिवार को वह चंदेरी पहुंच गई, जहां किला कोठी पर पहले से ही पुलिस की पूरी प्लानिंग थी. वहां पहुंचते ही कुछ देर बाद फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह व उसके भाई आशुतोष को पुलिस ने पकड़ लिया.

झूठ बोलकर भोपाल में बिजनेसमैन के बेटे से की शादी!

आरोपी तृप्ति महंगे शौक के साथ लग्जरी लाइफ जीती है. यह भी सामने आया है कि तृप्ति सिंह ने फर्जी आईएएस बनकर भोपाल के एक बिजनेसमैन के बेटे से शादी कर ली. जब राज खुला तो दोनों एक-दूसरे से अलग रहने लगे. खुद को आईएएस बताने वाली तृप्ति राजपूत लग्जरी लाइफ जीती है. महंगे शौक करती है. पुलिस ने उसके पास से महंगे मोबाइल, महंगी गाड़ी बरामद की है. चंदेरी पुलिस आरोपी को भोपाल उसके ठिकानों पर लेकर गई है और इस पूरे मामले में सबूत जुटाए जा रहे हैं. आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं.

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