श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर भगवान बाल गोपाल को तरह-तरह के मिष्ठान और पकवानों का भोग लगाया जाता है. कान्हा जी को माखन-मिश्री के साथ-साथ दूध और बेसन से बनी मिठाइयां भी बेहद प्रिय हैं. त्योहारों के सीजन में बाजार में मिलने वाले मावे और मिठाइयों में मिलावट और शुद्धता का खतरा रहता है.
ऐसे में अगर आप बिना मावा, बिना चाशनी के झंझट और बिना ज्यादा खर्च के घर पर ही शुद्ध व स्वादिष्ट मिठाई बनाना चाहते हैं तो बेसन मोहन पेड़ा बहुत ही अच्छा ऑप्शन है. मात्र 1 कप बेसन, थोड़े से देसी घी और चीनी से बनी यह मिठाई इतनी सॉफ्ट और स्वादिष्ट होती है कि मुंह में जाते ही घुल जाती है. आइए जानते हैं इसे बनाने की सबसे आसान रेसिपी.
सामग्री (Ingredients)
बेसन: 1 कप (छाना हुआ)
देसी घी: 1/2 कप
पिसी हुई चीनी या भूरा: 3/4 कप
दूध: 2 से 3 बड़े चम्मच (गुनगुना)
इलायची पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच
केसर के धागे: 8-10 (2 चम्मच गर्म दूध में भीगे हुए)
कटे हुए मेवे: सजावट के लिए (पिस्ता और बादाम की कतरन)
बनाने की सही और आसान विधि
बेसन भूनें: एक भारी तले की कढ़ाई में 1/2 कप देसी घी डालकर हल्का गरम करें. अब इसमें 1 कप छाना हुआ बेसन डालें. धीमी आंच पर बेसन को लगातार चलाते हुए भूनें.
सुनहरा रंग और खुशबू आने तक सेकें: लगभग 8 से 10 मिनट में बेसन का कच्चापन दूर हो जाएगा, उसमें से सौंधी खुशबू आने लगेगी और घी अलग होने लगेगा.
दानेदार बनाने का सीक्रेट हैक: जब बेसन अच्छी तरह भून जाए, तो इसमें 2-3 चम्मच गुनगुना दूध छिड़कें. दूध डालते ही बेसन में झाग बनेगा और वह एकदम दानेदार हो जाएगा. इसे 1-2 मिनट और चलाएं फिर गैस बंद कर दें.
इलायची और केसर मिलाएं: भुने हुए बेसन में इलायची पाउडर और केसर वाला दूध मिलाकर अच्छे से मिक्स करें और मिश्रण को थोड़ा गुनगुना होने तक ठंडा होने दें.
मीठा मिलाएं: जब मिश्रण हल्का गुनगुना रह जाए (बहुत गरम में चीनी न डालें, वरना पेड़ा कड़ा हो जाएगा), तब इसमें पिसी हुई चीनी या भूरा मिलाएं और हाथों से अच्छी तरह एकसार कर लें.
पेड़े का आकार दें: मिश्रण में से थोड़ा-थोड़ा हिस्सा लेकर गोल गोल लोई बनाएं और हल्का सा दबाकर पेड़े का आकार दें. अंगूठे से बीच में हल्का सा गड्डा बनाएं और ऊपर से पिस्ता-बादाम की कतरन से सजाएं.
आपका बेहद स्वादिष्ट और शुद्ध मोहन पेड़ा बनकर तैयार है. कान्हा जी को भोग लगाएं और सबको प्रसाद बांटें.