भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी का त्योहार लड्डू गोपाल के स्वागत और भक्ति के उल्लास से भरा होता है. इस दिन कान्हा के बाल रूप को प्रसन्न करने के लिए कई तरह के पकवान और मिष्ठान बनाए जाते हैं. लेकिन जब तक उन्हें उनके सबसे प्रिय भोग धनिया पंजीरी का प्रसाद न चढ़ाया जाए, तब तक जन्माष्टमी की पूजा अधूरी मानी जाती है.
शास्त्रों के अनुसार, व्रत के बाद धनिया पंजीरी का सेवन स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी और पाचक होता है. अगर आप भी इस जन्माष्टमी पर बाल गोपाल के लिए घर में रखी सिर्फ 4 मुख्य चीजों से बिना किसी झंझट के एकदम शुद्ध, दानेदार और खुशबूदार पंजीरी बनाना चाहते हैं, तो यह रेसिपी आपके बहुत काम आने वाली है. आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान विधि.
सामग्री (Ingredients)
धनिया पाउडर या साबुत धनिया - 1 कप
मिश्री या देसी खांड/पीसी चीनी - 3/4 कप
देसी घी - 3 से 4 बड़े चम्मच
मिक्स मेवे (मखाना, काजू, बादाम, कद्दूकस किया नारियल) - 1 कप (कटे हुए)
(ऑप्शनल: चुटकी भर इलायची पाउडर और तुलसी के पत्ते गार्निशिंग के लिए)
बनाने का तरीका
एक कड़ाही में 2 चम्मच देसी घी गरम करें. सबसे पहले इसमें कटे हुए काजू और बादाम डालकर हल्का सुनहरा होने तक भून लें. इसके बाद मखाने और कद्दूकस किया नारियल डालकर 1-2 मिनट क्रिस्पी होने तक भूनें और एक प्लेट में निकाल लें.
अब उसी कड़ाही में 1 से 2 चम्मच देसी घी और डालें. इसमें धनिया पाउडर (या दरदरा पिसा साबुत धनिया) मिलाएं. मध्यम से धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए 4-5 मिनट तक धनिया को भूनें जब तक कि उसमें से सोंधी और बेहतरीन खुशबू न आने लगे. (ध्यान रखें कि धनिया जले नहीं, वरना पंजीरी कड़वी हो जाएगी).
भुने हुए धनिया को एक बड़े बाउल में निकालें और पूरी तरह ठंडा होने दें.
जब धनिया का मिश्रण पूरी तरह ठंडा हो जाए, तब इसमें पीसी हुई मिश्री (या चीनी/खांड) और भुने हुए मेवे मिलाएं. ऊपर से थोड़ा सा इलायची पाउडर डालकर अच्छे से टॉस करें. (गरम धनिया में चीनी मिलाने से चीनी पिघल सकती है, इसलिए ठंडा होने पर ही मिलाएं).
तैयार है स्वादिष्ट, शुद्ध और खुशबूदार धनिया पंजीरी. इसमें तुलसी का पत्ता रखकर श्री कृष्ण को भोग लगाएं.