Kachori Frying Tips: पूड़ी-कचौड़ी का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है. आलू, प्याज, दाल से लेकर मटर की कचौड़ी तक खाने में बहुत ही स्वादिष्ट लगती हैं, लेकिन फिर भी लोग इन्हें खाने से कतराते हैं. दरअसल, ये डीप फ्राई की जाती हैं और इन्हें सेकते समय एक परेशानी अक्सर सामने आती है. कचौड़ी जैसे ही गर्म तेल में जाती है, वो जरूरत से ज्यादा तेल सोख लेती है. नतीजतन इसका स्वाद तो अच्छा रहता है, लेकिन कचौड़ी भारी और ऑयली लगने लगती है.
लू, प्याज या दाल की स्टफ्ड कचौड़ी बनाते समय ये समस्या बहुत ज्यादा देखने को मिलती है. ऐसे में पसंद होते हुई भी लोग इन्हें खाने और बनाने से कतराते हैं. अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो आज हम आपको ऐसी आसान ट्रिक्स बताने वाले हैं जो आपकी परेशानी दूर कर सकती हैं. इन ट्रिक्स को अपनाकर आप ना केवल कचौड़ी में तेल भरने से बचा सकते हैं.
कचौड़ी ज्यादा तेल क्यों सोखती है?
सबसे पहले ये बात समझना जरूरी है कि आखिर कचौड़ी ज्यादा तेल सोखती क्यों है? इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं. आटा बहुत नरम गूंथना, स्टफिंग में नमी रह गई हो, तेल सही तरह से गर्म न हुआ हो या कचौड़ी को गलत तरीके से तलना भी.
कई बार लोग कचौड़ी को तेज आंच पर तलना शुरू कर देते हैं, जिससे बाहर की परत जल्दी सिक जाती है, लेकिन अंदर की कचौड़ी ठीक से नहीं पकती. वहीं धीमे या बहुत ठंडे तेल में डालने पर कचौड़ी ज्यादा तेल पी जाती है. ऐसे में कचौड़ी को सही तरह से गर्म हुए तेल में तलना भी जरूरी है.
1. कचौड़ी की स्टफिंग में न रखें ज्यादा नमी: आलू, प्याज या दाल की स्टफिंग तैयार करते समय इस बात का ध्यान रखें कि उसमें पानी बिल्कुल न बचा हो. खासकर प्याज की स्टफिंग में नमी बहुत ज्यादा होती है. अगर स्टफिंग जरा भी गीली होगी, तो कचौड़ी बेलते समय फट सकती है और तलते वक्त ज्यादा तेल सोख सकती है.
इससे बचने के लिए स्टफिंग को अच्छी तरह भूनकर उसका एक्स्ट्रा पानी सुखा लें. इसके बाद इसे पूरी तरह ठंडा होने दें और फिर कचौड़ी में भरें.
2. आटा न बहुत सख्त हो, न ज्यादा मुलायम: कचौड़ी के लिए आटा गूंथते समय सही मात्रा में मोयन डालना बहुत जरूरी होता है. अगर आप मोयन बहुत कम डालेंगे तो कचौड़ी बहुत सख्त हो सकती है, जबकि बहुत ज्यादा मोयन डालने से या जरूरत से ज्यादा सॉफ्ट आटा गूंथने से वो ज्यादा तेल सोख सकती है. कचौड़ी का आटा गूंथने के बाद हमेशा उसे कुछ समय के लिए उसे ढककर रख दें. इससे आटा अच्छी तरह सेट हो जाता है और कचौड़ी क्रिस्पी बनती है.
3. कचौड़ी तलने से पहले तेल का टेंपरेचर जरूर टेस्ट करें: कचौड़ी को हमेशा सही टेंपरेचर पर गर्म हुए तेल में ही डालें. अगर तेल बहुत ठंडा होगा, तो कचौड़ी तुरंत तेल सोखना शुरू कर देगी. वहीं बहुत तेज गर्म तेल में कचौड़ी ऊपर से जल्दी सिक सकती है, लेकिन अंदर से कच्ची रह सकती है. तेल का टेंपरेचर टेस्ट करने के लिए आटे का एक छोटा टुकड़ा डालें. अगर वो धीरे-धीरे ऊपर आकर सिकने लगे, तो समझ जाएं कि तेल कचौड़ी तलने के लिए तैयार है.
4. कचौड़ी को तेज आंच पर न तलें: कचौड़ी डालने के बाद आंच को मीडियम या धीमा रखें. इससे कचौड़ी अंदर तक अच्छी तरह सिकेगी और बाहर से कुरकुरी बनेगी. तेज आंच पर तलने से कचौड़ी का रंग जल्दी बदल सकता है, लेकिन वो अंदर से ठीक से पक नहीं पाएगी. कचौड़ी को तलते समय लगातार तेज-तेज पलटने के बजाय धीरे-धीरे पकाएं. इससे उसकी परत भी अच्छी बनेगी और वो ज्यादा तेल भी नहीं सोखेगी.
5. कचौड़ी को तेल में डालने के बाद तुरंत न छेड़ें: कचौड़ी तेल में डालने के तुरंत बाद उसे चम्मच से दबाने या बार-बार पलटने की गलती बिल्कुल न करें. पहले उसे कुछ देर एक तरफ से सिकने दें. जब उसकी बाहरी परत थोड़ी सेट हो जाए, तभी धीरे से पलटें. इससे कचौड़ी की परत टूटेगी नहीं और वो कम तेल सोखेगी.
6. कचौड़ी निकालने का तरीका भी है जरूरी: कचौड़ी अच्छी तरह गोल्डन और क्रिस्पी हो जाए, तो उसे तेल से निकालकर कुछ सेकंड कड़ाही के ऊपर ही रखें, ताकि एक्स्ट्रा तेल वापस कड़ाही में टपक जाए. इसके बाद इसे टिश्यू पेपर या जालीदार प्लेट पर रखें. इस तरह कचौड़ी का एक्स्ट्रा तेल निकल जाएगा और वो खाने में ज्यादा भारी नहीं लगेगी.
इन छोटी-छोटी बातों का रखें ध्यान