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क्या आपने भी फ्लाइट में देखा है पानी की बोतल पर बंधी गांठ? जानें इसके पीछे का कारण

अगर आपने फ्लाइट में सफर किया है तो आपने देखा होगा कि कई बार केबिन क्रू पानी की बोतल का प्लास्टिक रैपर निकालकर उसमें गांठ बांध देती हैं. यह कोई सुरक्षा नियम नहीं, बल्कि सर्विस को तेज, बोतल की पहचान आसान बनाने, बेहतर ग्रिप देने और प्लास्टिक कचरे को उड़ने से बचाने का एक तरीका है.

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अलग-अलग एयरलाइंस और क्रू के अपने कई कारण हो सकते हैं. ( Photo: ITG)
अलग-अलग एयरलाइंस और क्रू के अपने कई कारण हो सकते हैं. ( Photo: ITG)

अगर आपने कभी फ्लाइट में सफर किया है, तो शायद आपने एक छोटी-सी बात पर ध्यान दिया होगा. कई बार केबिन क्रू पानी या जूस की बोतल खोलने के बाद उसके प्लास्टिक रैपर में गांठ बांधकर उसे बोतल पर ही छोड़ देती है. इसे देखकर कई लोगों के मन में सवाल आता है कि आखिर ऐसा क्यों किया जाता है? क्या यह एयरलाइन का कोई नियम है या फिर इसके पीछे कोई खास वजह होती है? दरअसल, इसके पीछे सुरक्षा नहीं बल्कि काम को आसान, तेज और व्यवस्थित बनाने की एक स्मार्ट ट्रिक होती है. आइए जानते हैं कि केबिन क्रू ऐसा क्यों करती है.

फ्लाइट में जब आप देखते हैं कि केबिन क्रू पानी या जूस की बोतल का प्लास्टिक रैपर (सील) निकालकर उसमें गांठ (knot) बांध देती है, तो इसके पीछे कई व्यावहारिक कारण हो सकते हैं. हालांकि, यह कोई ग्लोबल स्टैंडर्ड एविएशन नहीं है. अलग-अलग एयरलाइंस और क्रू के अपने कई कारण हो सकते हैं.

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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1. बोतल की पहचान करना हो जाता है आसान
फ्लाइट में केबिन क्रू को एक साथ कई यात्रियों को पानी और दूसरे ड्रिंक्स सर्व करने होते हैं. ऐसे में अगर कोई बोतल पहले ही खोल दी गई हो या उसका इस्तेमाल शुरू हो चुका हो, तो उसके रैपर पर बंधी गांठ देखकर क्रू तुरंत समझ जाती है कि यह नई बोतल नहीं है. इससे गलती होने की संभावना कम हो जाती है और काम भी तेजी से होता है.

2. बोतल पकड़ने में मिलती है बेहतर ग्रिप
कई बार प्लास्टिक का रैपर हटाने के बाद उसे गांठ बांधकर बोतल पर ही छोड़ दिया जाता है. यह छोटी-सी गांठ बोतल पकड़ने में थोड़ी बेहतर ग्रिप देती है. जब क्रू को जल्दी-जल्दी कई यात्रियों को पानी देना होता है, तब इससे बोतल हाथ से फिसलने की संभावना भी कम हो जाती है.

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3. प्लास्टिक का कचरा इधर-उधर नहीं उड़ता
फ्लाइट के अंदर एयर कंडीशनिंग और एयरफ्लो लगातार चलता रहता है. ऐसे में अगर प्लास्टिक का रैपर खुला छोड़ दिया जाए, तो वह हवा में उड़ सकता है और केबिन में इधर-उधर फैल सकता है. इसलिए कई केबिन क्रू रैपर में गांठ बांधकर उसे बोतल पर ही लगा देती हैं. इससे कचरा एक जगह रहता है और बाद में उसे आसानी से डस्टबिन में फेंका जा सकता है.

 4. सर्विस रहती है व्यवस्थित
उड़ान के दौरान केबिन क्रू के पास हर यात्री को सर्व करने के लिए बहुत कम समय होता है. ऐसे में छोटी-छोटी ट्रिक्स उनके काम को आसान बना देती हैं. रैपर पर बंधी गांठ देखकर उन्हें तुरंत पता चल जाता है कि कौन-सी बोतल सर्विस के लिए तैयार है. इससे बार-बार बोतल चेक करने की जरूरत नहीं पड़ती और पूरी सर्विस तेजी और व्यवस्थित तरीके से पूरी हो जाती है.

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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क्या यह एयरलाइन का आधिकारिक नियम है?
अभी तक ऐसा कोई यूनिवर्सल या ग्लोबल स्टैंडर्ड एविएशन नहीं है जिसमें बोतल के रैपर पर गांठ बांधना अनिवार्य बताया गया हो. यह अधिकतर क्रू की व्यक्तिगत आदत, टीम के वर्किंग स्टाइल या किसी एयरलाइन की आंतरिक सर्विस प्रैक्टिस हो सकती है. इसलिए अगर अगली बार फ्लाइट में आपको बोतल के रैपर पर गांठ दिखे, तो समझिए कि यह सुरक्षा नियम से ज्यादा काम को तेज, साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखने की एक छोटी-सी ट्रिक है.  

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