नेपाल में आए फ्लैश फ्लड के बाद सोशल मीडिया पर बाढ़ के कई वीडियो शेयर किए जा रहे हैं. नेपाल में आई बाढ़ के अलग-अलग जगहों के वीडियो शेयर हो रहे हैं, जिनमें दिख रहा है कि पानी के विकराल रूप ने किस तरह तबाही मचाई है. लेकिन, इन वायरल वीडियो में कई वीडियो ऐसे हैं, जिनमें लोग सिलेंडर के पीछे भाग रहे हैं. कुछ वीडियो में देखने को मिल रहा है कि लोग अपनी जान पर खेलकर भी सिलेंडर बचा रहे हैं. इसके अलावा कई लोग कंधे पर दो-दो सिलेंडर लेकर बचते नजर आ रहे हैं और कुछ तो सिलेंडर के लिए मारामारी भी कर रहे हैं.
ऐसे में सवाल है कि आखिर क्यों बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोग पानी में बह रहे सिलेंडर को इतनी तरजीह दे रहे हैं और जान पर खेलकर भी सिलेंडर बचा रहे हैं. तो जानते हैं कि आखिर सभी सामानों को छोड़कर पानी में बह रहे सिलेंडर्स को ही क्यों बचाया जा रहा है...
कैसे हो रही सिलेंडर की मारामारी?
एक वीडियो में दिख रहा है कि एक तरफ तेजी से पानी बह रहा है और दूसरी तरफ लोग सिलेंडर लेकर जा रहे हैं. इस वीडियो में एक शख्स कंधे पर दो सिलेंडर रखकर ले जा रहा है और कुछ लोग सिलेंडर के लिए लड़ते हुए भी नजर आ रहे हैं. सोशल मीडिया पर ये वीडियो वायरल है और लोग वीडियो शेयर करते हुए इसकी आलोचना कर रहे हैं. साथ ही लोग कह रहे हैं कि इन लोगों को इस समय ऐसा नहीं करना चाहिए और ऐसा करते हुए शर्म आनी चाहिए.
इसके अलावा एक वीडियो वायरल है, जिसमें दिख रहा है कि एक परिवार पानी में तैर रहा है और पानी के कचरे में सिलेंडर ढूंढ रहा है. इस वीडियो को लेकर लोग इन लोगों की आलोचना कर रहे हैं कि लोग जान पर खेलकर सिलेंडर बचा रहे हैं. कुछ बोल रहे हैं- जान जाए पर सिलेंडर ना जाए.
सिर्फ ये दो वीडियो ही नहीं, बल्कि कई ऐसे वीडियो हैं, जिनमें लोग पानी में बह रहे सिलेंडर्स के पीछे पड़े हैं और उन्हें तेज बहाव पानी में जाकर भी उठा रहे हैं. यहां तक कि नेपाल पुलिस ने भी लोगों से कहा है कि ऐसा ना करें. लोगों को पानी में से सिलेंडर जैसे भारी सामान निकालने के चक्कर में जान जोखिम में डालने से मना किया है.
आखिर ऐसा क्यों हो रहा है?
अब सवाल पर आते हैं कि आखिर लोग ऐसा क्यों कर रहे हैं... दरअसल, माना जा रहा है कि लोग नेपाल में आए एलपीजी संकट की वजह से भी सिलेंडर पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं या सिलेंडर के लिए ऐसे प्रयास कर रहे हैं. आपको बता दें कि नेपाल लंबे समय से एलपीजी संकट से जूझ रहा है. नेपाल के कई स्थानीय मीडिया हाउस में पिछले कुछ दिनों से छप रहीं खबरें बताती है कि नेपाल में एलपीजी का बड़ा संकट है. वैसे तो नेपाल में अभी से नहीं, बल्कि नेपाली कैलेंडर में फाल्गुन 2082 (यानी मार्च-अप्रैल 2026) से एलपीजी का संकट बरकरार है.
सरकार एलपीजी संकट को कम करने के लिए अलग-अलग उपाय कर रही है, लेकिन फिर भी हालात कुछ ज्यादा अच्छे नहीं हुए हैं. कुछ वक्त पहले तो सरकार ने साधा सिलेंडर भरकर लोगों को देना शुरू किया था और लोगों को सिलेंडर में सिर्फ 7.1 किलो गैस ही मिल रही थी. लेकिन, फिर इसे बाद में बहाल कर दिया था.

काठमांडू पोस्ट ने 16 अगस्त को ही अपनी रिपोर्ट में बताया था कि नेपाल छात्र संघ के नेता खाली सिलेंडर लेकर एलपीजी गैस की कमी को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. उनका आरोप था कि आखिर लोग कतारों में क्यों लगे हैं. रिपोर्ट के अनुसार, एलपीजी की कमी ने काठमांडू और देश के अन्य हिस्सों में दैनिक जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, उपभोक्ताओं को एलपीजी प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है और कुछ मामलों में, सिलेंडर के लिए घंटों कतार में इंतजार करना पड़ रहा है.
रॉयटर्स ने भी 15 अगस्त को अपनी रिपोर्ट में बताया था कि नेपाल के काठमांडू में एलपीजी गैस गैस की कमी के बीच लोग लाइनों में खड़े हैं. सरकार की ओर से काठमांडू में पांच जगहों पर सिलेंडर बेचा जा रहा है. ऐसे में तत्काल आवश्यकता वाले उपभोक्ता अपना नागरिकता प्रमाण पत्र या राष्ट्रीय पहचान पत्र दिखाकर एलपीजी खरीद रहे थे.