घर बना लेने के बाद उसे सजाना बहुत जरूरी है. इसके लिए सबसे पहले वॉल और फ्लोर की रंग और डिजाइन तय करनी होती है. इसके लिए टाइल्स, मार्बल, वॉलपेपर, पेंट, वूडेन फ्लोरिंग जैसे कई तरह के विकल्प मौजूद हैं. इनमें ही एक है मॉड्यूलर इंटरलॉकिंग टाइल्स.
मॉड्यूलर इंटरलॉकिंग टाइल्स ऐसे फर्श के टुकड़े हैं जिन्हें बिना ग्लू या सीमेंट के पजल के टुकड़ों की तरह आपस में जोड़ा जा सकता है. ये अपने वजन से स्थिर रहता है. इस तरह की फ्लोगरिंग जिम, गैराज और आंगन जैसी जगहों पर की जा सकती है. इसे हटाना और दोबारा इस्तेमाल करना आसान होता है.
इस टाइल्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आप इसे पहले से लगे मार्बल और टाइल्स के ऊपर ही फिक्स कर सकते हैं. इसे फिट करने में सीमेंट और ग्लू की जरूरत भी नहीं होती है. आप बस किनारों को हाथ से या हल्के हथौड़े से आपस में जोड़ सकते हैं.
इसकी मरम्मत और इसे ठीक करना काफी आसान है. आप एक टूटी हुई टाइल को निकाल सकते हैं और उसकी जगह एक नई टाइल लगा सकते हैं. यह वकई शैलियों में छेद या उभरा हुए सरफेस वाला होता है. आप इन टाइल्स को अलग कर सकते हैं और इसे नए कमरे या नए घर में ले जाकर लगा सकते हैं.
मॉड्यूलर इंटरलॉकिंग टाइल्स प्लास्टिक, पीवीसी और रबर की बनी होती है. मुलायम फोम या रबर की टाइलें फर्श की सुरक्षा करती हैं और आपके पैरों को आराम प्रदान करती हैं. वहीं गैराज या स्वीमिंग पुल के आसपास लगाने के लिए कठोर प्लास्टिक की टाइलें साफ-सुथरा लुक देती हैं और भारी कारों का भार सहन कर सकती हैं.
इन मॉड्यूलर इंटरलॉकिंग टाइल्स को लगाने का खर्च लगभग 40 से 150 रुपये प्रति स्क्वायर फुट आता है. यदि आप केवल इन्हें बिछाने की मजदूरी की बात करें, तो यह काफी आसान होने के कारण बहुत कम या लगभग 10 से 20 रुपये प्रति स्क्वायर फुट होती है, क्योंकि इसमें सीमेंट या मिस्त्री के विशेष काम की जरूरत नहीं होती है.
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प्लास्टिक या पीवीसी मॉड्यूलर इंटरलॉकिंग टाइल्स 30 से 120 रुपये प्रति वर्ग फुट तक आती हैं, जो क्वालिटी और डिजाइन पर निर्भर करती हैं. इसमें लेबर या इंस्टॉलेशन चार्ज नहीं लगता है. इन्हें खुद भी आसानी से जोड़ा जा सकता है. अगर आप किसी से लगवाते हैं तो 10 से 20 रुपये प्रति स्क्वायर फुट का खर्च आता है. अगर आप सीधे जमीन पर इसे लगाते हैं तो उसे समतल कराने का अलग से मामूली खर्च हो सकता है.