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रेलवे का अनोखा टिकट, एक टिकट में 8 जगह तक रुककर घूम सकते हैं! जानिए पूरा नियम

इंडियन रेलवे का सर्कुलर जर्नी टिकट उन यात्रियों के लिए काम का है, जो एक ही यात्रा में कई शहरों की सैर करना चाहते हैं. इस टिकट के जरिए तय रूट पर कई जगह रुकते हुए वापस शुरुआती स्टेशन तक पहुंचा जा सकता है. जानिए कैसे बनता है यह टिकट और इसमें क्या-क्या फायदे मिलते हैं.

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सर्कुलर जर्नी टिकट की सबसे खास बात यह है कि इसमें अधिकतम 8 जगहों पर ब्रेक जर्नी की अनुमति है. ( Photo: ITG)
सर्कुलर जर्नी टिकट की सबसे खास बात यह है कि इसमें अधिकतम 8 जगहों पर ब्रेक जर्नी की अनुमति है. ( Photo: ITG)

अगर आप ट्रेन से घूमने का प्लान बना रहे हैं और एक ही ट्रिप में कई शहरों की सैर करना चाहते हैं, तो रेलवे की एक खास सुविधा आपके काफी काम आ सकती है. इसका नाम है सर्कुलर जर्नी टिकट. इस टिकट की मदद से आप एक तय रूट पर कई जगहों की यात्रा कर सकते हैं और हर शहर के लिए अलग-अलग टिकट लेने की परेशानी कम हो जाती है. इंडियन रेलवे के मुताबिक, यह सुविधा खासतौर पर तीर्थ यात्रा और घूमने-फिरने के लिए उपयोगी है. इसमें यात्रा एक स्टेशन से शुरू होकर आखिर में उसी स्टेशन पर पूरी होती है. यानी पूरा रूट एक तरह का सर्किल बनाता है. 

क्या होता है सर्कुलर जर्नी टिकट?
मान लीजिए आपने दिल्ली से यात्रा शुरू की. वहां से आप जयपुर, अहमदाबाद, मुंबई, पुणे, हैदराबाद जैसे कई शहरों में रुकते हुए वापस दिल्ली आना चाहते हैं. ऐसी यात्रा के लिए हर हिस्से का अलग टिकट लेने के बजाय सर्कुलर जर्नी टिकट की सुविधा ली जा सकती है, अगर आपका तय रूट रेलवे के नियमों के मुताबिक सर्कुलर जर्नी टिकट बनता है.

इसमें यात्रा का पूरा रूट पहले से तय किया जाता है. रेलवे उसी के आधार पर टिकट का किराया और उसकी वैधता तय करता है. यह टिकट अलग-अलग हिस्सों में यात्रा करने और बीच में रुकने की सुविधा देता है. 

एक टिकट में कितनी जगह रुक सकते हैं?
सर्कुलर जर्नी टिकट की सबसे खास बात यह है कि इसमें अधिकतम 8 जगहों पर ब्रेक जर्नी की अनुमति है. यानी आप रास्ते में कई शहरों में रुककर घूम सकते हैं और फिर आगे की यात्रा जारी रख सकते हैं. ध्यान रखें कि यह सामान्य एकतरफा टिकट की तरह नहीं है. सर्कुलर जर्नी टिकट के लिए यात्रा का पूरा रूट पहले से तय करना होता है.

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टिकट का किराया कैसे तय होता है?
इस टिकट का एक बड़ा फायदा किराए से जुड़ा है. रेलवे इसमें टेलिस्कोपिक फेयर का फायदा देता है. आसान भाषा में समझें तो लंबी दूरी की यात्रा के लिए किराया सामान्य पॉइंट टू पॉइंट टिकटों की तुलना में कम पड़ सकता है. रेलवे के अनुसार सर्कुलर जर्नी टिकट का किराया दो सिंगल जर्नी के आधार पर निकाला जाता है. इसमें कुल दूरी को दो हिस्सों में माना जाता है. हालांकि अलग-अलग ट्रेन, क्लास और यात्रा से जुड़े दूसरे शुल्क अतिरिक्त हो सकते हैं. यही वजह है कि अगर कोई व्यक्ति कई शहरों की लंबी यात्रा करने वाला है, तो यह सुविधा उसके लिए फायदेमंद हो सकती है.

क्या टिकट में सीट भी बुक हो जाती है?
सर्कुलर जर्नी टिकट खरीदने का मतलब यह नहीं है कि पूरी यात्रा के लिए हर ट्रेन में सीट अपने आप रिजर्व हो गई. पहले सर्कुलर जर्नी टिकट लिया जाता है. इसके बाद यात्रा के अलग-अलग हिस्सों के लिए रिजर्वेशन टिकट से सीट या बर्थ की बुकिंग करानी होती है. यानी टिकट आपकी पूरी यात्रा को कवर करता है, लेकिन जिस ट्रेन में आरक्षित सीट चाहिए, उसके लिए अलग से रिजर्वेशन प्रक्रिया पूरी करनी पड़ सकती है. 

इसे बनवाने का तरीका क्या है?
इसके लिए सबसे पहले आपको अपनी पूरी यात्रा का प्लान तैयार करना होगा. इसमें यह तय करें कि यात्रा कहां से शुरू होगी, किन-किन शहरों में रुकना है और आखिर में कहां वापस आना है. इसके बाद आप उस स्टेशन से जुड़े रेलवे डिवीजन के संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं. रेलवे आपकी यात्रा के रूट के हिसाब से सर्कुलर जर्नी टिकट का किराया और विवरण तैयार करता है. फिर इस प्रक्रिया के आधार पर टिकट बुकिंग ऑफिस से टिकट लिया जा सकता है. इसके बाद जरूरत के अनुसार अलग-अलग हिस्सों की रिजर्वेशन कराई जाती है. 

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स्टैंडर्ड सर्कुलर जर्नी टिकट भी होता है
रेलवे कुछ लोकप्रिय पर्यटन और तीर्थ स्थलों के लिए स्टैंडर्ड सर्कुलर जर्नी टिकट भी उपलब्ध कराता है. इनका रूट पहले से तय होता है. अगर उपलब्ध स्टैंडर्ड रूट आपके यात्रा प्लान के हिसाब से सही बैठता है, तो उसका इस्तेमाल किया जा सकता है. अगर आपकी यात्रा का रूट अलग है, तो रेलवे को पूरी यात्रा प्लान देकर उसके अनुसार सर्कुलर जर्नी टिकट तैयार कराया जा सकता है. 

कितने समय तक वैलिड रहता है टिकट?
इस टिकट की वैलिडिटी आपकी यात्रा की कुल दूरी और बीच में लिए जाने वाले ब्रेक के आधार पर तय होती है. रेलवे के नियमों के अनुसार जर्नी डेज और ब्रेक जर्नी डेट  को दूरी के हिसाब से जोड़ा जाता है. यात्रा टिकट पर दी गई तारीख से शुरू होती है और तय वैलिडिटी पीरियड के अंदर पूरी करनी होती है. 

किसके लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद?
सर्कुलर जर्नी टिकट उन लोगों के लिए खासतौर पर उपयोगी हो सकता है जो एक ही ट्रिप में कई शहर घूमना चाहते हैं. उदाहरण के लिए परिवार के साथ लंबी ट्रिप, तीर्थ यात्रा या कई राज्यों की यात्रा करने वाले लोग इसका फायदा उठा सकते हैं. इससे हर पड़ाव के लिए अलग-अलग टिकट लेने की परेशानी कम हो सकती है और लंबी यात्रा में टेलिस्कोपिक फेयर के कारण किराए में भी बचत हो सकती है. हालांकि वास्तविक बचत आपके रूट, ट्रेन, क्लास और अन्य लागू शुल्क पर निर्भर करेगी. 

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