19 अक्टूबर 1781 को यॉर्कटाउन की जंग में अमेरिका ने अंग्रेजी सेना को बुरी तरह से हराया. यह अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम की अंतिम लड़ाई थी. इस युद्ध के बाद वर्जीनिया में बुरी तरह फंसे ब्रिटिश जनरल लॉर्ड कॉर्नवॉलिस ने 8,000 ब्रिटिश सैनिकों और नाविकों के साथ एक बड़ी फ्रेंको-अमेरिकी सेना के सामने सरेंडर किया था. इसके बाद अमेरिकी क्रांति खत्म हो गई थी और अमेरिका ने अपनी आजादी की घोषणा की थी.
लॉर्ड कार्नवालिस अमेरिकी क्रांति को कुचलने वाले सबसे क्रूर ब्रिटिश जनरलों में से एक थे. 1776 में उन्होंने जनरल जॉर्ज वाशिंगटन की देशभक्त सेनाओं को न्यू जर्सी से बाहर निकाल दिया था और 1780 में उन्होंने कैमडेन, साउथ कैरोलिना में जनरल होरेशियो गेट्स की देशभक्त सेना पर जीत हासिल की थी.
लॉर्ड कॉर्नवालिस के ऊपर ही अमेरिकी क्रांति को दबाने का जिम्मा था. इन सफलताओं से उत्साहित कॉर्नवालिस का उत्तरी कैरोलिना पर बाद का हमला कम सफल रहा. अप्रैल 1781 में वे अपनी थकी और पस्त सेना को वर्जीनिया तट की ओर ले गए. वर्जीनिया में शहरों और बागानों पर कई छापे मारने के बाद, कॉर्नवालिस अगस्त में टाइडवाटर शहर यॉर्कटाउन में रुक गए.
अमेरिका की क्रांति के नायक जनरल जॉर्ज वाशिंगटन ने अपने एक फ्रांसीसी साथी मार्क्विस डे लाफायेट को कार्नवालिस पर आक्रमण का निर्देश दिया. लाफायेट लगभग 5,000 लोगों की अमेरिकी सेना के साथ वर्जीनिया में थे. उन्हें कॉर्नवॉलिस को यॉर्कटाउन से जमीन के रास्ते भागने से रोकने का जिम्मा मिला था.
इस बीच न्यूयॉर्क में वाशिंगटन के 2,500 सैनिक फ्रांसीसी अधिकारी काउंट डे रोशमब्यू के नेतृत्व में 4,000 लोगों की सेना के साथ मिल गए. फिर वाशिंगटन और रोशमब्यू ने फ्रांसीसी जनरल काउंट डे ग्रास की अगुआई में एक बड़े फ्रांसीसी बेड़ा लेकर कॉर्नवॉलिस पर हमला करने की योजना बनाई. 21 अगस्त को उन्होंने हडसन नदी को पार करके यॉर्कटाउन के दक्षिण में मार्च किया.
15 दिनों में 200 मील की दूरी तय करके, मित्र देशों की सेना सितंबर की शुरुआत में चेसापीक खाड़ी के मुहाने पर पहुंच गई. इस बीच, एडमिरल थॉमस ग्रेव्स के नेतृत्व में ब्रिटिश बेड़ा 5 सितंबर को वर्जीनिया केप्स की लड़ाई में फ्रांसीसी नौसैनिक घेरे को तोड़ने में विफल रहा. इससे कॉर्नवॉलिस टूट गए. डे ग्रास ने वाशिंगटन और रोशमब्यू के लोगों को चेसापीक से नीचे वर्जीनिया पहुंचाया.
यहां वे लाफायेट की सेना के साथ मिल गए और 28 सितंबर को यॉर्कटाउन की घेराबंदी पूरी कर ली. डे ग्रास ने अपने बेड़े से 3,000 फ्रांसीसी सैनिकों को उतारा. अक्टूबर के पहले दो हफ़्तों के दौरान, 14,000 फ्रेंको-अमेरिकी सैनिकों ने डे ग्रास के युद्धपोतों की सहायता से धीरे-धीरे किलेबंद ब्रिटिश ठिकानों पर कब्ज़ा कर लिया.
7,000 लोगों को लेकर एक बड़ा ब्रिटिश बेड़ा कॉर्नवॉलिस को बचाने के लिए निकला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. 19 अक्टूबर को जनरल कॉर्नवॉलिस ने 7,087 अधिकारियों और सैनिकों, 900 नाविकों, 144 तोपों, 15 गैली, एक फ्रिगेट और 30 परिवहन जहाजों के साथ सरेंडर कर दिया.
बीमारी का बहाना बनाकर कॉर्नवालिस आत्मसमर्पण समारोह में शामिल नहीं हुए, लेकिन उनके दूसरे-इन-कमांड, जनरल चार्ल्स ओ'हारा ने कॉर्नवॉलिस की तलवार को अमेरिकी और फ्रांसीसी कमांडरों तक पहुंचाया. यॉर्कटाउन की युद्ध में जीत के दो साल बाद अमेरिका को स्वतंत्र राष्ट्र की मान्यता मिली.