नैनीताल में आसमान से आफत बरस रही है. करीब 36 घंटे से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने सरोवर नगरी की रफ्तार थाम दी है. जगह-जगह मलबा आने से सड़कें बाधित हैं, यातायात प्रभावित है और लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. बीते 24 घंटे में नैनीताल में करीब 132 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है. लगातार बारिश का सीधा असर नैनीताल झील पर भी दिखाई दे रहा है. झील का जलस्तर बढ़कर 88.8 फीट पहुंच गया है.
जलस्तर बढ़ने के बाद सिंचाई विभाग ने झील के दोनों निकासी गेट पूरी क्षमता के साथ खोल दिए हैं. दोनों गेटों से करीब 18-18 इंच पानी की निकासी की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद झील का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. झील का पानी लोअर माल रोड में बह रहा है.
उधर, हल्द्वानी-नैनीताल मार्ग पर दोगांव के पास भारी मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ है. वाहनों को भीमताल-भवाली और कालाढूंगी मार्ग से डायवर्ट किया जा रहा है.

बारिश का असर पूरे नैनीताल जिले के सड़क नेटवर्क पर भी पड़ा है. आपदा नियंत्रण कक्ष के मुताबिक जिले में 15 मोटर मार्ग बाधित हैं. इनमें दो राष्ट्रीय राजमार्ग, तीन राज्य मार्ग, एक जिला मार्ग और नौ ग्रामीण मार्ग शामिल हैं. ज्योलीकोट-भवाली-क्वारब और हल्द्वानी-नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग भी बारिश से प्रभावित हुए हैं. लगातार बारिश और जगह-जगह मलबा आने के कारण लोगों को आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
पहाड़ों से जगह-जगह गिर रहे हैं मलबे
नैनीताल-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग लंबे समय से बंद होने के कारण शहर में दूध समेत जरूरी खाद्य सामग्री की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है. नैनीताल-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी जगह-जगह पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिर रहे हैं. इसके चलते मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं. यात्री घंटों से जाम में फंसे हुए हैं. लगातार पहाड़ी से गिर रहे मलबे और पत्थरों के कारण सड़क से गुजर रहे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी खतरा बना हुआ है. बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा लगातार बढ़ रहा है.

मूसलाधार बारिश का असर नैनीताल के पर्यटन कारोबार पर भी साफ दिखाई दे रहा है. खराब मौसम के चलते पर्यटकों की आमद कम हुई है और आम दिनों में पर्यटकों से गुलजार रहने वाली नैनीताल की सड़कें और पर्यटन स्थल अपेक्षाकृत सुनसान नजर आ रहे हैं.
फिलहाल प्रशासन की ओर से लोगों और पर्यटकों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. यानी पहाड़ों में बारिश थमने का नाम नहीं ले रही और नैनीताल में बढ़ता झील का जलस्तर, बंद सड़कें और लगातार हो रहा भूस्खलन आने वाले घंटों में चुनौती और बढ़ा सकता है.