उत्तराखंड के मसूरी में बारिश आफत बन गई है. लगातार बारिश से जगह-जगह भूस्खलन के मामले भी बढ़ गए है. टिहरी जिले में मसूरी-कैंपटी रोड पर शुक्रवार को बड़ा हादसा हुआ. सांझा दरबार के पास भूस्खलन की चपेट में एक मकान और दुकान आ गए. देखते ही देखते दोनों मलबे में तब्दील हो गए. इसका घटना का लाइव वीडियो भी सामने आया है.
हादसे के वक्त परिवार के लोग घर में ही थे. उन्हें जमीन खिसकने का खतरा महसूस हुआ. परिवार ने बिना देर किए घर से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई. इसके कुछ ही देर बाद मकान भरभराकर गिर गया. अगर परिवार कुछ देर और अंदर रहता, तो बड़ा हादसा हो सकता था.
मकान के साथ दुकान भी पूरी तरह ध्वस्त हो गई. घर और दुकान में रखा सामान भी मलबे में दब गया. परिवार की मेहनत की कमाई से जुटाई गई चीजें पलभर में बर्बाद हो गईं. हादसे के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है.
पीड़ित परिवार के सामने अब रहने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है. रोजमर्रा की जरूरतों का सामान भी मलबे में दब गया है. परिवार ने सरकार और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है. उन्होंने तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग की है. साथ ही रहने के लिए सुरक्षित जगह उपलब्ध कराने की भी अपील की है.
घटना की जानकारी मिलते ही कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मामले का संज्ञान लिया. उन्होंने एसडीएम मसूरी राहुल आनंद को निर्देश दिए. मंत्री ने आपदा मानकों के तहत पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने को भी कहा है.
एसडीएम के निर्देश पर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची. टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया. नुकसान का जायजा लिया गया. अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से भी बात की. परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया गया.
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लगातार बारिश से बढ़ रहा खतरा
मसूरी और आसपास के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश हो रही है. इसके चलते कई जगह जमीन खिसकने का खतरा बढ़ गया है. ऐसे में स्थानीय लोगों की चिंता भी बढ़ गई है.
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने की मांग की है. लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान ऐसे स्थानों की लगातार निगरानी जरूरी है. सुरक्षा के इंतजाम भी मजबूत किए जाने चाहिए.
वहीं पीड़ित परिवार ने बताया कि उनकी आंखों के सामने उनका घर उजड़ गया. घर और दुकान दोनों खत्म हो गए. सामान भी मलबे में दब गया. अब उनके सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट है.
परिवार को उम्मीद है कि सरकार जल्द मदद करेगी. प्रशासन ने भी हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है. फिलहाल सबसे बड़ी जरूरत परिवार को सुरक्षित ठिकाना देने की है.